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छात्राओं से करवाई बूथ की सफाई, परिजनों ने जताया एतराज, होगी कार्रवाई
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बादली। माजरी गांव स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं द्वारा ईंट ढुलाई का काम करवाने का मामला सामने आया है। छात्राओं के बताने पर परिजनों ने प्राचार्या को शिकायत दी मगर इसके बाद भी छात्राओं से स्कूल में शारीरिक काम करवाया गया। अब परिजनों ने उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा सोमवार को वे अधिकारियों से लिखित शिकायत भी करेंगे।
जानकारी के अनुसार शनिवार को छात्राएं सुबह तैयार होकर स्कूल पढ़ने के लिए पहुंची तो छात्राओं को कक्षाओं में बैठाने की बजाए अध्यापकों और ठेकेदार ने ईंट की ढुलाई में लगा दिया। इसका कुछ छात्राओं ने एतराज किया। छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के चलते ईंट ढुलाई का कार्य एक घंटे में ही पूरा हो गया। जब परिजनों को इसका पता चला तो वह स्कूल पहुंच गए। 11वीं कक्षा की छात्रा पुष्पा के पिता रमेश कुमार ने स्कूल में पहुंचकर प्राचार्या से शिकायत की। रमेश कुमार ने अनुसार प्राचार्या ने उनकी बात नहीं मानी और ईंट ढुलाई का कार्य जारी रखवाया। परिजनों ने बताया कि यह मामला एक दिन के लिए नहीं है बल्कि प्रतिदिन सुबह छात्राओं को ईंट ढुलाई में लगाया जाता है। बता दें कि माजरी गांव के स्कूल में नव निर्माण कार्य चल रहा है और शनिवार को भी निर्माण कार्य जारी रहा। ऐसे में जब ईंटे कुछ दूरी पर रखी हुई है जिसे निर्माण स्थल तक पहुंचाना होता हैं। इसी कार्य में ठेकेदार और प्राचार्या की मिलीभगत के चलते छात्राओं को ईंट ढुलाई में जुटा दिया जाता हैं।
चुनाव के लिए बूथ की सफाई के लिए करवाया काम
बूथ की सफाई को लेकर छात्राओं से कुछ ईट डलवाई गई थी, प्रशासन की तरफ से बार-बार बूथ के आसपास ईट-कंकण इत्यादि न होने की हिदायत दी गई थी। जिस पर मजदूर न मिलने के चलते छात्राओं से थोड़ा कार्य करवाया गया। अगर परिजनों को इस बारे में कोई ऐतराज है तो भविष्य में ऐसा कार्य छात्रों से नहीं करवाया जाएगा।
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- राजेश कुमारी, प्राचार्या
छात्राओं से स्कूल में कोई भी शारीरिक कार्य करवाना गलत है। माजरी स्कूल में ऐसा मामला है तो उसकी जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। छात्राएं स्कूल में पढ़ने जाती है न कि निर्माण कार्य में हाथ बंटाने के लिए। भविष्य में इस प्रकार के कार्यों पर पूरी तरह से सख्ती बरती जाएगी।
- सुनील कोहली, बीईओ
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जानकारी के अनुसार शनिवार को छात्राएं सुबह तैयार होकर स्कूल पढ़ने के लिए पहुंची तो छात्राओं को कक्षाओं में बैठाने की बजाए अध्यापकों और ठेकेदार ने ईंट की ढुलाई में लगा दिया। इसका कुछ छात्राओं ने एतराज किया। छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के चलते ईंट ढुलाई का कार्य एक घंटे में ही पूरा हो गया। जब परिजनों को इसका पता चला तो वह स्कूल पहुंच गए। 11वीं कक्षा की छात्रा पुष्पा के पिता रमेश कुमार ने स्कूल में पहुंचकर प्राचार्या से शिकायत की। रमेश कुमार ने अनुसार प्राचार्या ने उनकी बात नहीं मानी और ईंट ढुलाई का कार्य जारी रखवाया। परिजनों ने बताया कि यह मामला एक दिन के लिए नहीं है बल्कि प्रतिदिन सुबह छात्राओं को ईंट ढुलाई में लगाया जाता है। बता दें कि माजरी गांव के स्कूल में नव निर्माण कार्य चल रहा है और शनिवार को भी निर्माण कार्य जारी रहा। ऐसे में जब ईंटे कुछ दूरी पर रखी हुई है जिसे निर्माण स्थल तक पहुंचाना होता हैं। इसी कार्य में ठेकेदार और प्राचार्या की मिलीभगत के चलते छात्राओं को ईंट ढुलाई में जुटा दिया जाता हैं।
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चुनाव के लिए बूथ की सफाई के लिए करवाया काम
बूथ की सफाई को लेकर छात्राओं से कुछ ईट डलवाई गई थी, प्रशासन की तरफ से बार-बार बूथ के आसपास ईट-कंकण इत्यादि न होने की हिदायत दी गई थी। जिस पर मजदूर न मिलने के चलते छात्राओं से थोड़ा कार्य करवाया गया। अगर परिजनों को इस बारे में कोई ऐतराज है तो भविष्य में ऐसा कार्य छात्रों से नहीं करवाया जाएगा।
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- राजेश कुमारी, प्राचार्या
छात्राओं से स्कूल में कोई भी शारीरिक कार्य करवाना गलत है। माजरी स्कूल में ऐसा मामला है तो उसकी जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। छात्राएं स्कूल में पढ़ने जाती है न कि निर्माण कार्य में हाथ बंटाने के लिए। भविष्य में इस प्रकार के कार्यों पर पूरी तरह से सख्ती बरती जाएगी।
- सुनील कोहली, बीईओ