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बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारी संगठनों के 333 लोगों ने गिरफ्तारी
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गिरफ्तारी देते कर्मचारी व बर्खास्त पीटीआई।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। पिछले करीब 2 माह से बर्खास्तगी के बाद नौकरी बहाली की मांग को लेकर धरना दे रहे पीटीआई ने शुक्रवार को शहर के लघु सचिवालय में अन्य कर्मचारी संगठनों के सदस्यों के साथ गिरफ्तारी दी। जिसके बाद उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया और वहां से उन्हें रिहा किया गया। अन्य कर्मचारी संगठनों के सदस्यों के अलावा पीटीआई के परिजन भी गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे। जिले के कर्मचारी और अन्य संगठनों के सदस्यों सहित 333 लोगों ने गिरफ्तारी दी।
पुलिस लाइन को बनाया अस्थायी जेल
बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारियों की गिरफ्तारी को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की ओर से पुलिस लाइन को अस्थायी जेल घोषित किया गया। जहां पर रोडवेज की बसों में भरकर दोपहर बाद कर्मचारियों को बर्खास्त पीटीआई को पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां से काउंटिंग करने के बाद उनको रिहा कर दिया गया। इसके बाद उनको गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसों को भेजा गया है। कुछ बर्खास्त पीटीआई धरना स्थल पर वापस छोड़े गए और कुछ को बस स्टैंड पहुंचाया गया।
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी संगठनों के सदस्यों सहित 333 बर्खास्त पीटीआई अपनी गिरफ्तारी दी। इस मौके उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें और उनके परिवारों को सड़क पर ला दिया है, लेकिन दोबारा नौकरी के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी नौकरी को बहाल किया जाए। गिरफ्तारी देने वालों में 50 पीटीआई, 45 परिजन, सर्व कर्मचारी संघ से 40, आशा वर्कर 55, किसान सभा से 7, अखिल भारतीय किसान सभा से 8, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ 120, कला अध्यापक 3, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन से 5 लोगों ने गिरफ्तारी दी।
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-प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रशासन की ओर से शहर के लघु सचिवालय में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। वहीं प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की गिरफ्तारी के को देखते हुए रोडवेज की बसें भी मंगाई गई थी। वहीं पुलिस के आला अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे।
बर्खास्त पीटीआई अन्य कर्मचारी संगठनों के सदस्यों ने गिरफ्तारी दी है। करीब साढ़े 350 व्यक्तियों को गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया गया है।
- राजेश कुमार, पुलिस थाना प्रभारी, शहर झज्जर।
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पुलिस लाइन को बनाया अस्थायी जेल
बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारियों की गिरफ्तारी को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की ओर से पुलिस लाइन को अस्थायी जेल घोषित किया गया। जहां पर रोडवेज की बसों में भरकर दोपहर बाद कर्मचारियों को बर्खास्त पीटीआई को पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां से काउंटिंग करने के बाद उनको रिहा कर दिया गया। इसके बाद उनको गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसों को भेजा गया है। कुछ बर्खास्त पीटीआई धरना स्थल पर वापस छोड़े गए और कुछ को बस स्टैंड पहुंचाया गया।
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सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी संगठनों के सदस्यों सहित 333 बर्खास्त पीटीआई अपनी गिरफ्तारी दी। इस मौके उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें और उनके परिवारों को सड़क पर ला दिया है, लेकिन दोबारा नौकरी के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी नौकरी को बहाल किया जाए। गिरफ्तारी देने वालों में 50 पीटीआई, 45 परिजन, सर्व कर्मचारी संघ से 40, आशा वर्कर 55, किसान सभा से 7, अखिल भारतीय किसान सभा से 8, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ 120, कला अध्यापक 3, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन से 5 लोगों ने गिरफ्तारी दी।
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-प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रशासन की ओर से शहर के लघु सचिवालय में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। वहीं प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की गिरफ्तारी के को देखते हुए रोडवेज की बसें भी मंगाई गई थी। वहीं पुलिस के आला अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे।
बर्खास्त पीटीआई अन्य कर्मचारी संगठनों के सदस्यों ने गिरफ्तारी दी है। करीब साढ़े 350 व्यक्तियों को गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया गया है।
- राजेश कुमार, पुलिस थाना प्रभारी, शहर झज्जर।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते कर्मचारी नेता।- फोटो : Jhjhar