{"_id":"59b833484f1c1bf77f8b664b","slug":"131505243976-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल सुधारीकरण योजना कागजों में सिमटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल सुधारीकरण योजना कागजों में सिमटी
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेयजल सुधारीकरण योजना कागजों में सिमटी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहर में पेयजल एवं सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 1.53 करोड़ के भेजे गए इस्टीमेट को आज तक मंजूरी नहीं मिली है। शहर में जबकि इस समय पेयजल सिस्टम का स्वरूप बिगड़ा हुआ है। पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सीएम मनोहरलाल खट्टर ने 18 सितंबर 2016 की नई अनाज मंडी में आयोजित रैली में पेयजल सुधारीकरण की घोषणा की थी। इस घोषणा के करीब एक साल बाद भी अब तक जन स्वास्थ्य विभाग ने धरातल पर काम शुरू नहीं किया है। जिसका खामियाजा 40 प्रतिशत आबादी को भुगतना पड़ रहा है। शहर के 21 वार्डों में से करीब आठ वार्डों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। किसी वार्ड में करीब 50 साल पहले डाली गई सीमेंटिड पेयजल लाइन लीकेज कर रही है तो किसी वार्ड में सीवरेज मिक्स दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है। पेयजल समस्याओं पर कई वार्डों के पार्षद जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा भी खोल चुके हैं।
एक करोड़ 53 के प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिलने से शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। शहर का काफी एरिया अवैध है लेकिन अब यह एरिया पूरी तरह से आबाद होने की वजह से इसे वैध करना भी विवशता बनने लगी है।
विभाग ने कई अवैध कालोनियों में बिजली व पेयजल लाइनें बिछा भी रखी हैं लेकिन यहां सड़क नहीं बनी हैं। इन कालोनियों में खासकर बारिश के मौसम में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नई एप्रूवड कालोनियों में भी नई पेयजल व सीवरेज लाइनें बिछनी हैं। इस समय शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से लचर है। जरूरत की कालोनियों में पेयजल लाइनें नहीं बिछाए जाने से लोगों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
अवैध कॉलोनियों को वैध करने की जरूरत
विभाग अधिकारियों ने पेयजल लाइन के लिए काफी गलियों को चिह्नित किया है। विभाग ने इस्टीमेट तैयार कर हेड अॅाफिस भेज दिए थे लेकिन आज तक यह फाइल आगे नहीं बढ़ पाई हैै। शहर में इस समय नई गलियों के निर्माण की सख्त जरूरत बनी हुई है। अवैध कालोनियों को वैध कर इनमें भी सड़क, सीवरेज, पेयजल लाइनें बिछाई जाने की जरूरत है।
पेयजल लाइन की वजह से गलियां नहीं हो रहीं पक्की
21 वार्डों की कई गलियां ऐसी हैं जो कच्ची पड़ी हैं और वार्डवासी लगातार इनके निर्माण की मांग उठा रहे हैं। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का तर्क है कि इन गलियों में पेयजल व सीवेरज लाइनें बिछने के बाद ही गली निर्माण का कार्य शुरू करवाया जाएगा। नप सूत्रों की मानें तो ऐसी करीब 25 गलियां हैं जिनका निर्माण कार्य सीवरेज व पेयजल लाइन के अभाव में शुरू नहीं हो पा रहा है।
पेयजल-सीवरेज समस्याओं से वार्डवासी परेशान
वार्ड में करीब चार हजार की आबादी है। वार्ड में सीवरेज की लाइनें काफी पुरानी है। आबादी अधिक होने के कारण सीवरेज लाइन पर लोड बढ़ने से ओवरफ्लो हो जाता है। पुरानी पेयजल लाइनें होने के कारण प्रतिदिन लीकेज की समस्या कहीं न कहीं बनी रहती है।
- महेश गुप्ता वार्ड दो
सीवरेज व पेयजल की समस्या के कारण वार्डवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चार हजार की आबादी होने के बाद भी विभाग कोई समाधान नहीं कर रहा है। पेयजल व सीवरेज लाइनों के कारण गली का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो रहा है। -दिनेश जागड़ा, वार्ड चार
वार्ड में करीब छह हजार की आबादी है। 50 साल पहले बिछाई गई सीवरेज व पेयजल की लाइनें कंडम हो चुकी है। वार्ड में काफी जगह सीवरेज व पेयजल की लाइन एक साथ है। पेयजल लाइन में सीवरेज का गंदा पानी मिक्स होने के कारण लोगों को गंदा पानी मिल रहा है।
- वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण , वार्ड 16
वार्ड में अधिकतर भागों में पुरानी लाइनें डाली गई हैं। इस्टीमेट लेने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। वार्डवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज और पेयजल की लाइनें एक साथ होने के कारण लोगों को सीवरेज मिक्स पानी सप्लाई में मिल रहा है।
- बक्सी सैनी, वार्ड आठ
जैसे ही प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी शहर में पेयजल व सीवरेज सिस्टम पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। अभी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है।
कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुडडा , जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहर में पेयजल एवं सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 1.53 करोड़ के भेजे गए इस्टीमेट को आज तक मंजूरी नहीं मिली है। शहर में जबकि इस समय पेयजल सिस्टम का स्वरूप बिगड़ा हुआ है। पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सीएम मनोहरलाल खट्टर ने 18 सितंबर 2016 की नई अनाज मंडी में आयोजित रैली में पेयजल सुधारीकरण की घोषणा की थी। इस घोषणा के करीब एक साल बाद भी अब तक जन स्वास्थ्य विभाग ने धरातल पर काम शुरू नहीं किया है। जिसका खामियाजा 40 प्रतिशत आबादी को भुगतना पड़ रहा है। शहर के 21 वार्डों में से करीब आठ वार्डों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। किसी वार्ड में करीब 50 साल पहले डाली गई सीमेंटिड पेयजल लाइन लीकेज कर रही है तो किसी वार्ड में सीवरेज मिक्स दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है। पेयजल समस्याओं पर कई वार्डों के पार्षद जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा भी खोल चुके हैं।
एक करोड़ 53 के प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिलने से शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। शहर का काफी एरिया अवैध है लेकिन अब यह एरिया पूरी तरह से आबाद होने की वजह से इसे वैध करना भी विवशता बनने लगी है।
विज्ञापन
विभाग ने कई अवैध कालोनियों में बिजली व पेयजल लाइनें बिछा भी रखी हैं लेकिन यहां सड़क नहीं बनी हैं। इन कालोनियों में खासकर बारिश के मौसम में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नई एप्रूवड कालोनियों में भी नई पेयजल व सीवरेज लाइनें बिछनी हैं। इस समय शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से लचर है। जरूरत की कालोनियों में पेयजल लाइनें नहीं बिछाए जाने से लोगों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
अवैध कॉलोनियों को वैध करने की जरूरत
विभाग अधिकारियों ने पेयजल लाइन के लिए काफी गलियों को चिह्नित किया है। विभाग ने इस्टीमेट तैयार कर हेड अॅाफिस भेज दिए थे लेकिन आज तक यह फाइल आगे नहीं बढ़ पाई हैै। शहर में इस समय नई गलियों के निर्माण की सख्त जरूरत बनी हुई है। अवैध कालोनियों को वैध कर इनमें भी सड़क, सीवरेज, पेयजल लाइनें बिछाई जाने की जरूरत है।
पेयजल लाइन की वजह से गलियां नहीं हो रहीं पक्की
21 वार्डों की कई गलियां ऐसी हैं जो कच्ची पड़ी हैं और वार्डवासी लगातार इनके निर्माण की मांग उठा रहे हैं। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का तर्क है कि इन गलियों में पेयजल व सीवेरज लाइनें बिछने के बाद ही गली निर्माण का कार्य शुरू करवाया जाएगा। नप सूत्रों की मानें तो ऐसी करीब 25 गलियां हैं जिनका निर्माण कार्य सीवरेज व पेयजल लाइन के अभाव में शुरू नहीं हो पा रहा है।
पेयजल-सीवरेज समस्याओं से वार्डवासी परेशान
वार्ड में करीब चार हजार की आबादी है। वार्ड में सीवरेज की लाइनें काफी पुरानी है। आबादी अधिक होने के कारण सीवरेज लाइन पर लोड बढ़ने से ओवरफ्लो हो जाता है। पुरानी पेयजल लाइनें होने के कारण प्रतिदिन लीकेज की समस्या कहीं न कहीं बनी रहती है।
- महेश गुप्ता वार्ड दो
सीवरेज व पेयजल की समस्या के कारण वार्डवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चार हजार की आबादी होने के बाद भी विभाग कोई समाधान नहीं कर रहा है। पेयजल व सीवरेज लाइनों के कारण गली का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो रहा है। -दिनेश जागड़ा, वार्ड चार
वार्ड में करीब छह हजार की आबादी है। 50 साल पहले बिछाई गई सीवरेज व पेयजल की लाइनें कंडम हो चुकी है। वार्ड में काफी जगह सीवरेज व पेयजल की लाइन एक साथ है। पेयजल लाइन में सीवरेज का गंदा पानी मिक्स होने के कारण लोगों को गंदा पानी मिल रहा है।
- वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण , वार्ड 16
वार्ड में अधिकतर भागों में पुरानी लाइनें डाली गई हैं। इस्टीमेट लेने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। वार्डवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज और पेयजल की लाइनें एक साथ होने के कारण लोगों को सीवरेज मिक्स पानी सप्लाई में मिल रहा है।
- बक्सी सैनी, वार्ड आठ
जैसे ही प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी शहर में पेयजल व सीवरेज सिस्टम पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। अभी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है।
कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुडडा , जनस्वास्थ्य विभाग