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Hisar News: शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के दो आरोपी गिरफ्तार
Thu, 23 Jan 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:36 AM IST
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हिसार। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपियों फतेहाबाद निवासी सोनू और फरीदाबाद के गोपालगंज वासी सुधीर यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
जांच अधिकारी प्रदीप ने बताया कि 27 दिसंबर 2024 को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के नाम पर एक दुकान संचालक से 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 8 नवंबर को फोन पर ऐश्वर्य शास्त्री का फोन आया। उसने अपने आप को एक फाइनेंशियल कंपनी का कर्मी बताया और कहा कि वे ट्रेडिंग का काम करते हैं। उसके बाद 20 दिसंबर को एक लिंक भेजा और दस्तावेज लेने के बाद ट्रेडिंग अकाउंट खोल दिया। 21 दिसंबर को शिकायतकर्ता ने लिंक पर मिले एप से कस्टमर केयर नंबर पर अनिल नामक युवक से बात कर उसके द्वारा बताएंगे अकाउंट में 50,000 रुपये भेज दिए। इस तरह आईपीओ खरीदने, ट्रेडिंग के नाम पर अलग-अलग तारीख पर शिकायतकर्ता ने पैसे ट्रांसफर किए। 13 दिसंबर को ऐश्वर्य शास्त्री ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसके ट्रेडिंग अकाउंट में 33,84,000 रुपये हैं और उन्हें निकालने के लिए लाभ का 20 प्रतिशत जमा करवाना होगा। इसके साथ ही रुपये निकालने के लिए टैक्स अलग-अलग तारीख पर जमा करवाना होगा। इस तरह शिकायतकर्ता से ट्रेडिंग, आईपीओ खरीदने, टैक्स और चार्ज के रूप में 18 लाख 105 रुपये की ठगी की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी सुधीर यादव के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। सुधीर यादव ने अपना अकाउंट 40,000 रुपये में बेच दिया और आरोपी सोनू 30,000 रुपये के कमीशन पर बैंक अकाउंट खुलवाता है। आरोपियों को पेश अदालत कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
निवेश के लिए अंजान सोशल मीडिया ग्रुप पर न करे भरोसा : पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने कहा है कि स्टॉक खरीदने, बेचने के लिए मुफ्त ट्रेडिंग टिप्स की पेशकश कर निवेश करने के लिए प्रेरित करने वाले विज्ञापनों पर विश्वास न करे। इन विज्ञापनों में नागरिकों को स्टॉक ट्रेडिंग में आगे के मार्गदर्शन और भारी मुनाफा कमाने के लिए धोखेबाजों द्वारा एक ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है। ये एप्लीकेशन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के तहत पंजीकृत नहीं होते।
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जांच अधिकारी प्रदीप ने बताया कि 27 दिसंबर 2024 को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के नाम पर एक दुकान संचालक से 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 8 नवंबर को फोन पर ऐश्वर्य शास्त्री का फोन आया। उसने अपने आप को एक फाइनेंशियल कंपनी का कर्मी बताया और कहा कि वे ट्रेडिंग का काम करते हैं। उसके बाद 20 दिसंबर को एक लिंक भेजा और दस्तावेज लेने के बाद ट्रेडिंग अकाउंट खोल दिया। 21 दिसंबर को शिकायतकर्ता ने लिंक पर मिले एप से कस्टमर केयर नंबर पर अनिल नामक युवक से बात कर उसके द्वारा बताएंगे अकाउंट में 50,000 रुपये भेज दिए। इस तरह आईपीओ खरीदने, ट्रेडिंग के नाम पर अलग-अलग तारीख पर शिकायतकर्ता ने पैसे ट्रांसफर किए। 13 दिसंबर को ऐश्वर्य शास्त्री ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसके ट्रेडिंग अकाउंट में 33,84,000 रुपये हैं और उन्हें निकालने के लिए लाभ का 20 प्रतिशत जमा करवाना होगा। इसके साथ ही रुपये निकालने के लिए टैक्स अलग-अलग तारीख पर जमा करवाना होगा। इस तरह शिकायतकर्ता से ट्रेडिंग, आईपीओ खरीदने, टैक्स और चार्ज के रूप में 18 लाख 105 रुपये की ठगी की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी सुधीर यादव के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। सुधीर यादव ने अपना अकाउंट 40,000 रुपये में बेच दिया और आरोपी सोनू 30,000 रुपये के कमीशन पर बैंक अकाउंट खुलवाता है। आरोपियों को पेश अदालत कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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निवेश के लिए अंजान सोशल मीडिया ग्रुप पर न करे भरोसा : पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने कहा है कि स्टॉक खरीदने, बेचने के लिए मुफ्त ट्रेडिंग टिप्स की पेशकश कर निवेश करने के लिए प्रेरित करने वाले विज्ञापनों पर विश्वास न करे। इन विज्ञापनों में नागरिकों को स्टॉक ट्रेडिंग में आगे के मार्गदर्शन और भारी मुनाफा कमाने के लिए धोखेबाजों द्वारा एक ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है। ये एप्लीकेशन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के तहत पंजीकृत नहीं होते।
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