{"_id":"6aad88889204696d0a04b368","slug":"digital-payments-at-petrol-pumps-to-stop-if-mdr-exemption-is-not-granted-hisar-news-c-21-hsr1020-954205-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: एमडीआर से छूट नहीं मिली तो पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: एमडीआर से छूट नहीं मिली तो पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट बंद
विज्ञापन
हिसार। दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर 5 रुपये मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि पेट्रोल पंपों को एमडीआर से राहत नहीं मिली तो प्रदेशभर में कैशलेस भुगतान लेना बंद कर दिया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार (पप्पू यादव) की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि डीलर्स सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन कम मार्जिन में अतिरिक्त खर्च वहन करना संभव नहीं है। शुल्क लागू रहने पर ग्राहक डिजिटल भुगतान छोड़कर नकद लेन-देन की ओर लौट सकते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया की मुहिम प्रभावित होगी।
एसोसिएशन ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं की है। पेट्रोल पंप संचालकों को प्रति लीटर डीजल पर करीब 2 रुपये और पेट्रोल पर करीब 3 रुपये की बचत होती है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिला हिसार के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि यदि कोई ग्राहक 2100 रुपये का पेट्रोल यूपीआई से भरवाता है तो 5 रुपये एमडीआर के रूप में कटेंगे। दिनभर में ऐसे कई लेन-देन होने पर संचालकों को हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ही कम मार्जिन में कारोबार चल रहा है, ऐसे में एमडीआर से बचा-खुचा मुनाफा भी खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि प्रदेश में 4,469 पेट्रोल पंप हैं। इनमें 2,547 यानी 57 प्रतिशत सिंगल-ओनर (इंडिपेंडेंट) डीलरशिप पर संचालित हैं जबकि अन्य फ्रेंचाइजी/ब्रांड नेटवर्क के तहत हैं। गुरुग्राम में सबसे अधिक 232, फरीदाबाद में 166 और हिसार में 146 पेट्रोल पंप हैं।
प्रदेश में रोजाना औसतन 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लीटर डीजल और 50 से 65 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। इस तरह प्रतिदिन 1.7 करोड़ से 2.1 करोड़ लीटर ईंधन की बिक्री होती है। पेट्रोल पंपों पर रोजाना औसतन 150 करोड़ से 180 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें करीब 70 प्रतिशत भुगतान डिजिटल माध्यमों से प्राप्त होता है। रोजाना 90 करोड़ से 120 करोड़ रुपये का लेन-देन यूपीआई से होता है। राज्य के पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन अनुमानित 10 लाख से 15 लाख यूपीआई ट्रांजेक्शन होते हैं।
ये रखी मांग
पेट्रोल पंपों को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर लगने वाले 5 रुपये के एमडीआर शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
फ्यूल सेक्टर के लिए पहले से चली आ रही जीरो-एमडीआर व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।
विज्ञापन
एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार (पप्पू यादव) की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि डीलर्स सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन कम मार्जिन में अतिरिक्त खर्च वहन करना संभव नहीं है। शुल्क लागू रहने पर ग्राहक डिजिटल भुगतान छोड़कर नकद लेन-देन की ओर लौट सकते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया की मुहिम प्रभावित होगी।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं की है। पेट्रोल पंप संचालकों को प्रति लीटर डीजल पर करीब 2 रुपये और पेट्रोल पर करीब 3 रुपये की बचत होती है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिला हिसार के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि यदि कोई ग्राहक 2100 रुपये का पेट्रोल यूपीआई से भरवाता है तो 5 रुपये एमडीआर के रूप में कटेंगे। दिनभर में ऐसे कई लेन-देन होने पर संचालकों को हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ही कम मार्जिन में कारोबार चल रहा है, ऐसे में एमडीआर से बचा-खुचा मुनाफा भी खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि प्रदेश में 4,469 पेट्रोल पंप हैं। इनमें 2,547 यानी 57 प्रतिशत सिंगल-ओनर (इंडिपेंडेंट) डीलरशिप पर संचालित हैं जबकि अन्य फ्रेंचाइजी/ब्रांड नेटवर्क के तहत हैं। गुरुग्राम में सबसे अधिक 232, फरीदाबाद में 166 और हिसार में 146 पेट्रोल पंप हैं।
प्रदेश में रोजाना औसतन 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लीटर डीजल और 50 से 65 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। इस तरह प्रतिदिन 1.7 करोड़ से 2.1 करोड़ लीटर ईंधन की बिक्री होती है। पेट्रोल पंपों पर रोजाना औसतन 150 करोड़ से 180 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें करीब 70 प्रतिशत भुगतान डिजिटल माध्यमों से प्राप्त होता है। रोजाना 90 करोड़ से 120 करोड़ रुपये का लेन-देन यूपीआई से होता है। राज्य के पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन अनुमानित 10 लाख से 15 लाख यूपीआई ट्रांजेक्शन होते हैं।
ये रखी मांग
पेट्रोल पंपों को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर लगने वाले 5 रुपये के एमडीआर शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
फ्यूल सेक्टर के लिए पहले से चली आ रही जीरो-एमडीआर व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।