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Hisar News: सड़कों पर उतरे विद्यार्थी, व्यवस्था को कोसा
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हिसार। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की हरियाणा राज्य कमेटी ने बुधवार को शिक्षा संकट और पेपर लीक मामलों के विरोध में राज्यस्तरीय हल्ला बोल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने एचएयू गेट नंबर-4 से पैदल रोष मार्च निकाला और लघु सचिवालय के गेट पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार हिसार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।एसएफआई के राज्य सचिव सुखदेव बूरा ने कहा कि पेपर लीक केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के बाद सार्वजनिक शिक्षा संस्थानों में कटौती, स्कूलों के विलय और उच्च शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिला है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को भंग कर परीक्षा संचालन को विकेंद्रीकृत करने की मांग की। राज्य अध्यक्ष अक्षय महला ने सीबीएसई परीक्षाओं में लागू वैकल्पिक मूल्यांकन योजना (ओएसएम) पर भी सवाल उठाए।
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हिसार की छात्रा सिमरन की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई व पीड़ित परिवारों को 5 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। ज्ञापन में एनटीए को भंग करने, सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली रद्द करने, नीट और सीबीएसई से जुड़ी अनियमितताओं की जांच कराने सहित कई मांगें शामिल थीं।
प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार हिसार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।एसएफआई के राज्य सचिव सुखदेव बूरा ने कहा कि पेपर लीक केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का परिणाम है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के बाद सार्वजनिक शिक्षा संस्थानों में कटौती, स्कूलों के विलय और उच्च शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिला है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को भंग कर परीक्षा संचालन को विकेंद्रीकृत करने की मांग की। राज्य अध्यक्ष अक्षय महला ने सीबीएसई परीक्षाओं में लागू वैकल्पिक मूल्यांकन योजना (ओएसएम) पर भी सवाल उठाए।
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हिसार की छात्रा सिमरन की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई व पीड़ित परिवारों को 5 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। ज्ञापन में एनटीए को भंग करने, सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली रद्द करने, नीट और सीबीएसई से जुड़ी अनियमितताओं की जांच कराने सहित कई मांगें शामिल थीं।