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Hisar News: फीस में गड़बड़ी... निलंबित पूर्व प्राचार्य बोले- मैंने खुद उठाया था मुद्दा
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हिसार। जाट कॉलेज में वर्ष 2025 के दाखिलों के दौरान करीब 12.84 लाख रुपये की फीस गड़बड़ी के आरोप में निलंबित पूर्व प्राचार्य डॉ. कपेंद्र सिंह ने कॉलेज के एक कंप्यूटर शिक्षक की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि ऑनलाइन फीस की एंट्री में गड़बड़ी का संदेह सबसे पहले उन्हें ही हुआ था और उन्होंने ही इस मामले को उठाया। कपेंद्र सिंह एक नवंबर 2024 से 31 अक्तूबर 2025 तक प्राचार्य पर रहे थे। इस दौरान फीस कलेक्शन की ऑडिट में कथित अनियमितताएं सामने आईं। जाट शिक्षण संस्था ने ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच कमेटी गठित की। कमेटी की सिफारिश के बाद पूर्व प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, अंतिम जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। डॉ. कपेंद्र का कहना है कि ऑफलाइन फीस जमा करने वाले विद्यार्थियों का डाटा मिलान में सही पाया गया, जबकि ऑनलाइन फीस से संबंधित 50-60 एंट्रियों में विसंगति नजर आईं। इसके बाद उन्होंने खुद सभी दाखिलों को चेक करवाया था। मिलान सही न पाने पर 30 अक्तूबर 2025 को संबंधित बैंक को ईमेल भेजकर सत्यापन मांगा था। 31 अक्तूबर 2025 को शाम 4 बजे के बाद बैंक की ओर से जवाब मिला। उनका कहना है कि 1 नवंबर 2025 को नए प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र बाजिया ने कार्यभार संभाल लिया, जिसके बाद वे आगे की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं कर पाए।
हाईकोर्ट में मामला, 24 को सुनवाई
डॉ. कपेंद्र ने नियमित प्राचार्य पद के चयन में कथित रूप से अंक काटे जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है, जिसकी सुनवाई 23 व 24 फरवरी को निर्धारित है। उनका आरोप है कि केस वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया।
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हाईकोर्ट में मामला, 24 को सुनवाई
डॉ. कपेंद्र ने नियमित प्राचार्य पद के चयन में कथित रूप से अंक काटे जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है, जिसकी सुनवाई 23 व 24 फरवरी को निर्धारित है। उनका आरोप है कि केस वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया।
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