फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   राजकीय पशुधन फार्म के चीफ सुपरिटेंडेंट ने पूर्व डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक को भेजा पत्र

राजकीय पशुधन फार्म के चीफ सुपरिटेंडेंट ने पूर्व डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक को भेजा पत्र

Sun, 02 Dec 2018 12:51 AM IST
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:51 AM IST
विज्ञापन
राजकीय पशुधन फार्म के चीफ सुपरिटेंडेंट ने पूर्व डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक को भेजा पत्र
हिसार। राजकीय पशुधन फार्म में एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आ रही है। अब नए मामले में फार्म के चीफ सुपरिंटेंडेंट श्रीकृष्ण बागौरिया ने गड़बड़ी से जुड़े तीन पुराने मामले में कार्रवाई के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निदेशक को पत्र भेजा है। अपने पत्र में चीफ सुपरिंटेंडेेंट की तरफ से लिखा गया है कि फार्म के पूूर्व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र सिंह गहलावत ने दूध ठेकेदार के साथ मिलकर लाखों की गड़बड़ी की है।
विज्ञापन

पूरी कार्रवाई पड़ाव निवासी कृष्ण कुमार द्वारा दो अक्तूबर को सीएम विंडो पर दर्ज करवाई गई शिकायत के बाद हुई जांच के आधार पर हुई है। अपनी रिपोर्ट में चीफ सुपरिंटेंडेंट श्रीकृष्ण बागौरिया ने लिखा है कि पूर्व निदेशक पर सीएम विंडो पर हुई शिकायत में जो आरोप लगाए गए हैं, वह जांच में सही पाए गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

सीएम विंडो पर दी शिकायत में यह थे आरोप
कृष्ण कुुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि डॉ. गहलावत जब उप निदेशक के पद पर यहां तैनात थे तो दूध का ठेका मुकेश बैनीवाल के पास था। मुकेश बैनीवाल को सप्ताह में दो बार दूध के पैसे फार्म में जमा करवाने होते थे, लेकिन डॉ. गहलावत ने उसके साथ सांठगांठ करके पैसे जमा नहीं करवाए, जो करीब 24 लाख 80 हजार की राशि थी। इस बारे में उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी सूचना नहीं दी। जनवरी में डॉ. गहलावत का तबादला होने पर उनकी जगह डॉ. रविंद्र हुड्डा आए और तुरंत ठेकेदार का ठेका रद्द करके पैसा जमा करवाने का नोटिस जारी किया। अब भी ठेकेदार की तरफ फार्म के छह लाख रुपये बकाया हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. गहलावत पर दूसरा आरोप यह है कि उन्होंने फार्म के बाहर तीन किलोमीटर लंबी खाई खुदवाकर उसकी मिट्टी बेच दी। इसके अलावा बिना अनुमति के 50 लाख रुपये की लागत से साइकिल स्टैंड बनवाकर ठेकेदार के साथ मिलकर लाखों का गोलमाल कर दिया।
जांच रिपोर्ट में लिखा
अपनी रिपोर्ट में चीफ सुपरिंटेंडेंट बागौरिया ने लिखा है कि इन फर्जीवाड़े की डॉ. गहलावत को जानकारी थी। उसके बावजूद उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया। इससे यह साबित होता है कि अधिकारी की ठेकेदार के साथ मिलीभगत थी। इसके अलावा बिना अधिकारियों की मंजूरी के तीन किलोमीटर लंबी खाई खुदवाई व मनमर्जी से साइकिल स्टैंड का निर्माण करवाकर ड्यूटी में लापरवाही बरती है। नियमानुसार यह अधिकारी कार्रवाई का पात्र है।
यह मामले आ चुके हैं सामने
इससे पहले भी फार्म में लाखों रुपये के टेंडर में गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें फार्म की सिक्योरिटी का टेंडर तीन फर्जी कंपनियों को दिए जाने का मामला, फर्जी कागजात के आधार पर चारा कटाई के टेंडर दिए जाने व जमीन जोतने का टेेंडर शामिल हैं। इनमें जमीन जोतने के मामले में दो के खिलाफ सदर थाना में केस दर्ज हो चुका है और चार कटाई के टेंडर में जांच चल रही है। इन टेेंडर के जिन मामलों में फर्जीवाड़े की जांच चल रही है, उनमेें से तीन का ठेका डॉ. गहलावत के खिलाफ शिकायत करने वाले कृष्ण कुमार पास हैं।

मेरे खिलाफ इन मामलों में पहले भी दो बार उच्च कमेटी द्वारा जांच हो चुकी है। मैंने कोई भी गलत कार्य नहीं किया है। जहां तक दूध की पेमेेंट में गड़बड़ी का मामला है, उसमें ठेकेदार राशि का भुगतान कर चुका है और जो राशि बकाया है, उसके लिए उसने माफी के लिए चंडीगढ़ अपील भेजी हुई है। खाई फार्म की सुरक्षा के लिए खुदवाई गई थी। खाई खुदने से फार्म में चोरी रुक गई, जिससे कुछ लोगों को दिक्कत हो रही है। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर रहा था, जिस पर मैंने रोक लगा दी थी। मेरी इस कार्रवाई से कृष्ण व फार्म के उच्च अधिकारियों के आर्थिक हित प्रभावित हुए हैं जिस वजह से फर्जी शिकायत करवाई जा रही हैैं। -डॉ. सुरेंद्र सिंह गहलावत, पूर्व डिप्टी डायरेक्टर पशुधन फार्म, हिसार


डॉ. गहलावत के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने की सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी। जांच में इनका फर्जीवाड़े में शामिल होना पाया गया है। इस आधार पर कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट निदेशक को भेजी गई है।
-श्रीकृष्ण बागौरिया, चीफ सुपरिंटेंडेंट पशुधन फार्म, हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed