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कमिश्नर साहब! कर्मचारियों की हाजिरी पर ध्यान है, प्रॉपर्टी टैक्स को भी देखिए
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हिसार। प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के बाद याशी कंपनी की तरफ से शहर में बांटे जा रहे असेसमेंट नोटिस में काफी खामियां मिल रही हैं। वीरवार को खुद मंडलायुक्त ने ऐसी ही एक खामी को लेकर नगर निगमायुक्त को शिकायत की। इस दौरान मंडलायुक्त ने निगमायुक्त से फोन पर बातचीत में कहा कि कमिश्नर साहब] कर्मचारियों की हाजिरी पर ही ध्यान है, प्रॉपर्टी टैक्स को देखिए। इसके बाद निगमायुक्त ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा को तलब किया। उन्होंने शाखा के अधिकारियों को जल्द से जल्द इन खामियों को दुरुस्त करवाने के आदेश दिए।
बता दें कि याशी कंपनी की तरफ से शहर में नए प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे किया गया था। फाइनल बिल बांटने से पहले कंपनी की तरफ से असेसमेंट नोटिस बांटे जा रहे हैं। कंपनी के मुताबिक इन नोटिस की मदद से प्रॉपर्टी मालिक यह पता लगा सकेंगे कि सर्वे में उनकी प्रॉपर्टी के संबंध में सही जानकारी दी गई है या नहीं। अगर कोई खामी मिलती है तो प्रॉपर्टी मालिक उसे ठीक करवा सकते हैं।
बिना बेसमेंट के ही सर्वे में दिखाया बेसमेंट : सेक्टर-13 निवासी विक्रम ने बताया कि कंपनी की तरफ से उन्हें जो असेसमेंट नोटिस दिया गया, उसमें उनके मकान में बेसमेंट दर्शाया गया है, जबकि उनके मकान में बेसमेंट नहीं है। यही नहीं पुराने टैक्स बिल में उनके नाम के साथ सरनेम भी लिखा हुआ था। मगर नए सर्वे में उनका नाम भी पूरा नहीं लिखा गया है। उन्होंने इसे लेकर निगम कार्यालय में आपत्ति दर्ज करवा दी है।
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सर्वे में आधा नाम ही किया गायब : सेक्टर 15 निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनका मकान उनके व उनके भाई के नाम पर है। पुराने प्रॉपर्टी टैक्स बिल में प्रॉपर्टी मालिक का नाम राजेंद्र प्रसाद व राजबीर लिखा हुआ है। वहीं कंपनी की तरफ दिए गए असेसमेंट नोटिस में प्रॉपर्टी मालिक का नाम सिर्फ राजबीर दर्शाया गया है। उन्होंने इसे लेकर निगम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
मंडलायुक्त का फोन मेरे पास आया था। एक असेसमेंट नोटिस में प्रॉपर्टी मालिक के पिता का नाम गलत दर्शाया हुआ है। यह प्रॉपर्टी मंडलायुक्त की है या उनके किसी परिचित की, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। असेसमेंट नोटिस में जो भी खामियां आ रही हैं, उन्हें कंपनी दुरुस्त करेगी। - अशोक कुमार गर्ग, निगमायुक्त
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बता दें कि याशी कंपनी की तरफ से शहर में नए प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे किया गया था। फाइनल बिल बांटने से पहले कंपनी की तरफ से असेसमेंट नोटिस बांटे जा रहे हैं। कंपनी के मुताबिक इन नोटिस की मदद से प्रॉपर्टी मालिक यह पता लगा सकेंगे कि सर्वे में उनकी प्रॉपर्टी के संबंध में सही जानकारी दी गई है या नहीं। अगर कोई खामी मिलती है तो प्रॉपर्टी मालिक उसे ठीक करवा सकते हैं।
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बिना बेसमेंट के ही सर्वे में दिखाया बेसमेंट : सेक्टर-13 निवासी विक्रम ने बताया कि कंपनी की तरफ से उन्हें जो असेसमेंट नोटिस दिया गया, उसमें उनके मकान में बेसमेंट दर्शाया गया है, जबकि उनके मकान में बेसमेंट नहीं है। यही नहीं पुराने टैक्स बिल में उनके नाम के साथ सरनेम भी लिखा हुआ था। मगर नए सर्वे में उनका नाम भी पूरा नहीं लिखा गया है। उन्होंने इसे लेकर निगम कार्यालय में आपत्ति दर्ज करवा दी है।
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सर्वे में आधा नाम ही किया गायब : सेक्टर 15 निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनका मकान उनके व उनके भाई के नाम पर है। पुराने प्रॉपर्टी टैक्स बिल में प्रॉपर्टी मालिक का नाम राजेंद्र प्रसाद व राजबीर लिखा हुआ है। वहीं कंपनी की तरफ दिए गए असेसमेंट नोटिस में प्रॉपर्टी मालिक का नाम सिर्फ राजबीर दर्शाया गया है। उन्होंने इसे लेकर निगम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
मंडलायुक्त का फोन मेरे पास आया था। एक असेसमेंट नोटिस में प्रॉपर्टी मालिक के पिता का नाम गलत दर्शाया हुआ है। यह प्रॉपर्टी मंडलायुक्त की है या उनके किसी परिचित की, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। असेसमेंट नोटिस में जो भी खामियां आ रही हैं, उन्हें कंपनी दुरुस्त करेगी। - अशोक कुमार गर्ग, निगमायुक्त