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Hisar News: कागसर में सीएम फ्लाइंग का छापा, बिना मार्केट फीस किया 1256 क्विंटल गेहूं का स्टॉक
Fri, 04 Jul 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 04 Jul 2025 01:01 AM IST
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नारनौंद: प्लॉट में रखी गेहूं का स्टॉक चेक करती सीएम फ्लाइंग की टीम।
- फोटो : 1
नारनौंद। गांव कागसर में वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हिसार की टीम ने दो अलग-अलग मामलों में छापामार कार्रवाई की। पहली कार्रवाई में गेहूं के अवैध भंडारण का मामला सामने आया, जबकि दूसरी कार्रवाई में एक खाद बीज की दुकान से एक्सपायरी कीटनाशकों को जब्त कर नष्ट किया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम में सब इंस्पेक्टर सुनैना, एएसआई सुरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल विजय, नारनौंद मार्केट कमेटी उपसचिव रवि कुमार, सुपरवाइजर सुरेश कुमार ने गेहूं भंडारण मामले में और सब इंस्पेक्टर सुनैना, एएसआई सुरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल विजय, हांसी कृषि विभाग की उपमंडल अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा व कृषि विभाग से आरती की टीम ने संयुक्त रूप से दोनों मामलों में कार्रवाई की है।
पहले मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गांव कागसर में बिना मार्केट फीस अदा किए गेहूं की खरीद व भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची। गांव में एक प्लॉट की चहारदिवारी के बीच में तिरपाल के नीचे भारी मात्रा में गेहूं का स्टॉक मिला। जांच के दौरान आसपास के लोगों ने बताया कि यह स्टॉक विनोद का है। पूछताछ में विनोद ने भी स्वीकार किया कि उसने गांव के किसानों से गेहूं खरीदकर यहां रखा है और अभी तक मार्केट फीस जमा नहीं की है। मौके पर कोई वैध दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने भी गेहूं का भौतिक निरीक्षण किया, जिसमें कुल 2512 बैग (प्रत्येक 50 किलो) गेहूं मिला, जो कि 1256 क्विंटल होता है। इस पर मार्केट फीस एचआरडीएफ और पेनल्टी मिलाकर 1,88,400 रुपये की राशि निर्धारित की गई। जिसे विनोद ने मौके पर जमा नहीं करवाया। इस पर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई है और अगर यह जुर्माना नहीं भरा गया तो इसके खिलाफ केस दर्ज भी किया जा सकता है।
दूसरी तरफ कृषि विभाग को गांव कागसर में एक दुकान पर एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयों के भंडारण की सूचना मिली थी, जिसमें मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बाबा झाड़ बीज भंडार नामक दुकान का निरीक्षण किया। दुकान से 25 प्रकार की एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयां बरामद की गईं, जिन्हें मौके पर गड्ढा खुदवाकर नष्ट कर दिया गया। साथ ही बीज के एक सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया। दुकानदार के पास वैध लाइसेंस मिला, परंतु नियमों के उल्लंघन को लेकर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई है और बीजों के लिए गए सैंपल अगर फेल होते हैं तो भी उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पहले मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गांव कागसर में बिना मार्केट फीस अदा किए गेहूं की खरीद व भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची। गांव में एक प्लॉट की चहारदिवारी के बीच में तिरपाल के नीचे भारी मात्रा में गेहूं का स्टॉक मिला। जांच के दौरान आसपास के लोगों ने बताया कि यह स्टॉक विनोद का है। पूछताछ में विनोद ने भी स्वीकार किया कि उसने गांव के किसानों से गेहूं खरीदकर यहां रखा है और अभी तक मार्केट फीस जमा नहीं की है। मौके पर कोई वैध दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने भी गेहूं का भौतिक निरीक्षण किया, जिसमें कुल 2512 बैग (प्रत्येक 50 किलो) गेहूं मिला, जो कि 1256 क्विंटल होता है। इस पर मार्केट फीस एचआरडीएफ और पेनल्टी मिलाकर 1,88,400 रुपये की राशि निर्धारित की गई। जिसे विनोद ने मौके पर जमा नहीं करवाया। इस पर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई है और अगर यह जुर्माना नहीं भरा गया तो इसके खिलाफ केस दर्ज भी किया जा सकता है।
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दूसरी तरफ कृषि विभाग को गांव कागसर में एक दुकान पर एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयों के भंडारण की सूचना मिली थी, जिसमें मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बाबा झाड़ बीज भंडार नामक दुकान का निरीक्षण किया। दुकान से 25 प्रकार की एक्सपायरी कीटनाशक दवाइयां बरामद की गईं, जिन्हें मौके पर गड्ढा खुदवाकर नष्ट कर दिया गया। साथ ही बीज के एक सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया। दुकानदार के पास वैध लाइसेंस मिला, परंतु नियमों के उल्लंघन को लेकर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई है और बीजों के लिए गए सैंपल अगर फेल होते हैं तो भी उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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