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Hisar News: हाईवे पर सड़क हादसों से बचाएगा बांस का क्रैश बैरियर, टकराने पर वाहनों को कम होगा नुकसान

Mon, 31 Mar 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 31 Mar 2025 12:41 AM IST
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Bamboo crash barrier will save you from road accidents on highway, vehicles will be less damaged in case of collision
दिल्ली रोड पर लगाए जा रहे बांस के क्रैश बैरियर।
हांसी। सड़क हादसों में जान बचाने के लिए बांस के बने क्रैश बैरियर-बाहुबल्ली का प्रयोग प्रदेश में भी शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्टील के बजाए बांस के क्रैश बैरियर लगाने का निर्णय लिया है। अभी दिल्ली रोड पर सोरखी से लेकर मुंढाल तक के 10 किलोमीटर क्षेत्र में बास के बने क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं।
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यह स्टील के बैरियर का एक मजबूत विकल्प है। दुर्घटना होने पर यह शॉक एब्जॉर्ब कर लेगा, जिससे वाहन की गति कम हो जाएगी। वहीं वाहन सड़क के नीचे खाई अथवा गड्ढे में नहीं जा सकेंगे। चूंकि ये बांस के होते हैं इसलिए वाहन के टकराने के बाद स्टील के मुकाबले कम झटके लगते हैं। इस कारण जानमाल के नुकसान होने की आशंका भी कम रहती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़क हादसों में हताहतों की संख्या कम करने के लिए क्रैश बैरियर के लिए बांस का प्रयोग कर रहा है। हाईवे पर सड़क हादसों को रोकने के लिए दोनों तरफ स्टील के क्रैश बैरियर लगे होते हैं। लेकिन बैरियर स्टील के होने से वाहन के टकराने पर तेज झटका लगता है। लेकिन बास के क्रैश बैरियर से तेज झटका नहीं लगेगा व वाहन को नुकसान भी कम होगा।
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एनएचएआई पिछले दिनों देश के अन्य हिस्सों में इसका ट्रायल भी कर चुका है, जो सफल रहा है। इसके साथ ही अब एनएचएआई ने हिसार दिल्ली हाईवे पर इसे लगाने का फैसला लिया है। हिसार में एयरपोर्ट के आसपास भी बांस के क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि देश में काफी मात्रा में बांस उत्पादन होता है। इसलिए सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने इसका उपयोग क्रैश बैरियर के रूप में करने की योजना बनाई है। बांस को कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए क्रेओसोट तेल का लेप किया जाता है। इसके बाद हाई डेंसिटी पॉली एथिलीन की कोटिंग की गई गई है। इस कोटिंग से उच्च तापमान में भी बैरियर को नुकसान नहीं होगा।
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राजस्व का भी होगा फायदा
बांस बैरियर का पुनर्चक्रण मूल्य 50-70 प्रतिशत है, जबकि स्टील बैरियर का 30-50 प्रतिशत है। इस तरह इसके इस्तेमाल से एनएचएआई को राजस्व में भी लाभ होगा। क्रैश बैरियर के लिए बंबूसा बालकोआ प्रजाति के बांस का इस्तेमाल किया जाता है। जो काफी मजबूत होता है। इस तरह के क्रैश बैरियर स्टील का एक सही विकल्प बन सकते हैं।


बांस के क्रैश बैरियर के फायदे
बांस क्रैश बैरियर उपचारित बांस से बना सड़क के किनारे सुरक्षा अवरोधक है। यह पारंपरिक धातु या कंक्रीट क्रैश बैरियर के समान ही उद्देश्य पूरा करता है। खासकर दुर्घटना-ग्रस्त क्षेत्रों में या तीखे मोड़ और खड़ी ढलानों के आसपास इसे लगाया जाएगा। बांस टिकाऊ और लचीला होता है जो टक्कर लगने के बाद वाहनों की गति को कम कर देता है।





अभी बांस के क्रैश बैरियर लगाने की शुरुआत है। इसे ट्रायल के तौर पर लगाया जा रहा है। आगामी दिनों में इसे धातु के क्रैश बैरियर के स्थान पर उपयोग किया जाएगा।- नितिन मंगला, पीडी, एनएचएआई
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