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आठ हजार से ज्यादा प्रॉपर्टीधारकों की रसीदें इस माह होंगी ऑनलाइन
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हिसार। नगर निगम प्रशासन साल 2018-19 में प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाले करीब आठ हजार से अधिक प्रॉपर्टीधारकों की रसीदों को इसी महीने ऑनलाइन करवाएगा। इसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधिकारी बिल बांटने वाली कंपनी जीआईएस को रसीदों का डाटा उपलब्ध करवाएगी। कंपनी के कर्मचारी इस डाटा को ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में फीड करेंगे। पूरा डाटा ऑनलाइन होने से भविष्य में किसी तरह की परेशानी प्रॉपर्टीधारकों और निगम प्रशासन दोनों को ही नहीं आएगी।
कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग ने बुधवार को जीआईएस कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स का पूरा डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए।
43 हजार 759 प्रॉपर्टीधारकों ने जमा करवाया था टैक्स
दरअसल, शहर के 1 लाख 36 हजार प्रॉपर्टीधारकों में से 43 हजार 759 ने पिछले वित्त वर्ष में अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया था। इनमें से करीब 20 प्रतिशत प्रॉपर्टीधारक ऐसे हैं, जिनकी रसीदें अभी तक ऑनलाइन नहीं हो सकी है। इनकी संख्या करीब 8600 बनती है। इन सभी की रसीदें प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारी जीआईएस कंपनी को सौंपेंगे, जिसके बाद कंपनी कर्मचारी उन्हें ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।
बार-बार पार्षदों द्वारा की जा रही है मांग
शहर के पार्षदों की ओर से बार-बार निगम अधिकारियों से रसीदों की ऑनलाइन पोस्टिंग की मांग की जा रही थी। इसके लिए पार्षदों ने पिछले सप्ताह कमिश्नर के साथ बैठक भी की थी। कमिश्नर ने पार्षदों को आश्वासन दिया था कि इसी महीने पोस्टिंग का काम शुरू करवा दिया जाएगा। अब कर्मचारियों को डाटा अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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वर्जन
जीआईएस कंपनी और प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाकी बची करीब 20 प्रतिशत रसीदों को ऑनलाइन अपडेट करने का काम शुरू करें। उम्मीद है कि इसी महीने में सारी रसीदें ऑनलाइन हो जाएंगी।
-अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स भरने के साथ ही रसीद की ऑनलाइन पोस्टिंग होनी चाहिए, ताकि दोबारा बिलों में गलतियों की गुंजाइश न रहे। पिछली बार आधे से अधिक शहर में गलत बिल बांट दिए गए थे। हमने पहले भी यह मांग उठाई है कि ऑनलाइन पोस्टिंग साथ होनी चाहिए।
-महेंद्र जुनेजा, पार्षद, वार्ड नंबर 17
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कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग ने बुधवार को जीआईएस कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स का पूरा डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए।
43 हजार 759 प्रॉपर्टीधारकों ने जमा करवाया था टैक्स
दरअसल, शहर के 1 लाख 36 हजार प्रॉपर्टीधारकों में से 43 हजार 759 ने पिछले वित्त वर्ष में अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया था। इनमें से करीब 20 प्रतिशत प्रॉपर्टीधारक ऐसे हैं, जिनकी रसीदें अभी तक ऑनलाइन नहीं हो सकी है। इनकी संख्या करीब 8600 बनती है। इन सभी की रसीदें प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारी जीआईएस कंपनी को सौंपेंगे, जिसके बाद कंपनी कर्मचारी उन्हें ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।
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बार-बार पार्षदों द्वारा की जा रही है मांग
शहर के पार्षदों की ओर से बार-बार निगम अधिकारियों से रसीदों की ऑनलाइन पोस्टिंग की मांग की जा रही थी। इसके लिए पार्षदों ने पिछले सप्ताह कमिश्नर के साथ बैठक भी की थी। कमिश्नर ने पार्षदों को आश्वासन दिया था कि इसी महीने पोस्टिंग का काम शुरू करवा दिया जाएगा। अब कर्मचारियों को डाटा अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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जीआईएस कंपनी और प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाकी बची करीब 20 प्रतिशत रसीदों को ऑनलाइन अपडेट करने का काम शुरू करें। उम्मीद है कि इसी महीने में सारी रसीदें ऑनलाइन हो जाएंगी।
-अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स भरने के साथ ही रसीद की ऑनलाइन पोस्टिंग होनी चाहिए, ताकि दोबारा बिलों में गलतियों की गुंजाइश न रहे। पिछली बार आधे से अधिक शहर में गलत बिल बांट दिए गए थे। हमने पहले भी यह मांग उठाई है कि ऑनलाइन पोस्टिंग साथ होनी चाहिए।
-महेंद्र जुनेजा, पार्षद, वार्ड नंबर 17