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फिर मंदिर बने चोरों का शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:49 PM IST
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रतिया क्षेत्र में चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब मंदिरों को भी चोर नहीं बख्श रहे हैं। गत दिन रताखेड़ा गांव के दो मंदिरों में हुई चोरी का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया था कि मंगलवार-बुधवार की रात्रि को रतिया सदर थाने के समीप जैन संतों की समाधि स्थल से अज्ञात चोरों ने 3 दानपात्रों को तोड़कर हजारों रुपये की दान राशि चुरा ली। चोरी का पता बुधवार सुबह उस समय चला जब श्रद्घालु माथा टेकने के लिए समाधि में आए तो उन्होंने देखा की दानपात्र के तालों के साथ-साथ दान पात्र भी टूटे पड़े हैं। श्रद्घालुओं ने इसकी जानकारी तुरंत अस्पताल के प्रधान सुरेश जिंदल व मैनेजर संदीप गर्ग को दी। घटना की सूचना मिलते ही टीपीआई अस्पताल के प्रधान सुरेश जिंदल व श्रद्धालु मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज जगदीश चंद्र टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार रतिया- बुढलाडा व लाली रोड़ पर जैन समाधि स्थल बना हुआ है। यह स्थल सदर थाने के समीप है और यहां पर जैन संत ताराचंद महाराज, फूलचंद महाराज व सरल मना तारा चंद मुनि महराज की समाधियां बनी हुई हैं। इन समाधियों पर हरियाणा, पंजाब व उत्तर भारत के श्रद्धालु आकर मत्था टेकते हैं। बुधवार सुबह जब कुछ जैन श्रद्घालु वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि तीनों समाधियों के आगे स्थित दानपात्र के ताले टूटे हुए हैं।
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