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ैध रुप से अस्पताल चलाने के मामले में दो झोलाछाप चिकित्सकों को दो-दो साल की कैद
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दो फर्जी चिकित्सकों को दो-दो साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । भट्टूकलां में चार साल पहले अवैध रूप से अस्पताल चलाते हुए पकड़े गए दो फर्जी चिकित्सकों को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास गुप्ता की अदालत ने दो-दो साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों की पहचान गांव ठुइयां निवासी संजय कुमार व प्रदीप कुमार के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि भट्टूकलां में दो फर्जी चिकित्सक बिना किसी डिग्री या लाइसेंस के ही लोगों का इलाज कर रहे हैं और अस्पताल में कई दवाइयां भी अवैध रूप से पड़ी हुई हैं। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल, जो उस समय भट्टू सीएचसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी थे, की अगुवाई में विभाग की एक टीम ने रिद्धी-सिद्धी अस्पताल में छापा मारा। टीम ने जब छापा मारा था, तब भी संजय कुमार व प्रदीप कुमार मरीजों का इलाज कर रहे थे। मौके पर पहुंची टीम ने जब दोनों से उनकी डाक्टरी की डिग्री या लाइसेंस की मांग की तो दोनों फर्जी चिकित्सक कोई भी डिग्री नहीं दिखा पाए थे और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे सके थे। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम को उस समय अस्पताल की तलाशी के दौरान सौ से अधिक दवाइयां और उपचार में इस्तेमाल होने वाले डाक्टरी उपकरण बरामद हुए थे। इस पर भट्टूकलां थाना पुलिस ने डॉ. मनीष बंसल की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । भट्टूकलां में चार साल पहले अवैध रूप से अस्पताल चलाते हुए पकड़े गए दो फर्जी चिकित्सकों को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास गुप्ता की अदालत ने दो-दो साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों की पहचान गांव ठुइयां निवासी संजय कुमार व प्रदीप कुमार के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि भट्टूकलां में दो फर्जी चिकित्सक बिना किसी डिग्री या लाइसेंस के ही लोगों का इलाज कर रहे हैं और अस्पताल में कई दवाइयां भी अवैध रूप से पड़ी हुई हैं। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल, जो उस समय भट्टू सीएचसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी थे, की अगुवाई में विभाग की एक टीम ने रिद्धी-सिद्धी अस्पताल में छापा मारा। टीम ने जब छापा मारा था, तब भी संजय कुमार व प्रदीप कुमार मरीजों का इलाज कर रहे थे। मौके पर पहुंची टीम ने जब दोनों से उनकी डाक्टरी की डिग्री या लाइसेंस की मांग की तो दोनों फर्जी चिकित्सक कोई भी डिग्री नहीं दिखा पाए थे और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे सके थे। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम को उस समय अस्पताल की तलाशी के दौरान सौ से अधिक दवाइयां और उपचार में इस्तेमाल होने वाले डाक्टरी उपकरण बरामद हुए थे। इस पर भट्टूकलां थाना पुलिस ने डॉ. मनीष बंसल की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।
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