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खुद पुलिसकर्मी बनने चले रोडवेज चालक-परिचालक, पीछे नहीं संभली रोडवेज की व्यवस्था

Mon, 24 Dec 2018 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 12:59 AM IST
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खुद पुलिसकर्मी बनने चले रोडवेज चालक-परिचालक, पीछे नहीं संभली रोडवेज की व्यवस्था
खुद पुलिसकर्मी बनने चले रोडवेज चालक-परिचालक, नहीं संभली रोडवेज की व्यवस्था
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। वही हुआ जिसका अंदेशा था। जीरो ओवरटाइम पर कर्मचारियों की रणनीति के आगे बेबस चला आ रहा रोडवेज प्रशासन रविवार को पुलिस प्रवेश परीक्षा में उमड़ी भीड़ का दबाव नहीं झेल पाया। जीरो ओवरटाइम के चलते रविवार को 80 के करीब रोडवेज चालक-परिचालक एडजस्टमेंट अवकाश पर थे, सो हजारों की तादाद में पहुंचे परीक्षार्थियों के चलते रविवार को रोडवेज की व्यवस्था संभल ही नहीं पाई। जिसके चलते हजारों की तादाद में पहुंचे परीक्षार्थियों को अपने घर लौटने के लिए मजबूरन कड़कड़ाती ठंड में बसों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ा।
27 चालक-परिचालकों ने दी परीक्षा, 80 के करीब रहे अवकाश पर
रविवार को हुई पुलिस प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेने में रोडवेज कर्मचारी भी आगे रहे। फतेहाबाद डिपो से तकरीबन 27 कर्मचारी ऐसे रहे जिन्होंने इसका फार्म भर रखा था और रविवार को वो बकायदा अवकाश लेकर प्रवेश परीक्षा देने प्रदेश के अन्य जिलों में निकल गए। पीछे रोडवेज प्रशासन ने कोई रणनीति बनाने या कर्मचारियों से बात तक करना जरूरी नहीं समझा। नतीजा ये हुआ कि जीरो ओवरटाइम एडजस्टमेंट के चलते 80 के करीब कर्मचारी अवकाश पर चले गए। इसका नुकसान ये हुआ कि काफी बसें चल ही नहीं पाई।
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ये तय माना जा रहा था कि जिला रोडवेज के 80 चालक व परिचालकों के ओवरटाइम तथा 27 के पुलिस एग्जाम की छुट्टी पर होने के कारण व्यवस्था गड़बड़ाएगी। क्योंकि एक साथ इतने कर्मचारियों के अवकाश पर जाने से बसें कम चलनी थी। दूसरी ओर हिसार व दिल्ली रूट पर लगातार परेशानी बनी हुई, जिसे ठीक करने के लिए विभाग ने लोकल रूटों पर फेरे घटाने को नया रोटेशन बनाया था। डिपो में केवल 117 बसें हैं, जिनमें से औसतन 5 बसें किसी ना किसी कारण से खराब रहती हैं। इसके बावजूद अधिकारियों ने नए सिस्टम के हिसाब से 130 रोटेशन बना दी। इसी कारण बना नया सिस्टम भी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऊपर से एक साथ अनेक कर्मचारियों के अवकाश पर जाने से व्यवस्था और बिगड़ गई।
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