हरियाणा में नशा तस्करी का जाल: लती बनने के बाद तस्करी के दलदल में फंस रही महिलाएं, तीन साल में 914 गिरफ्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील मनोज कुमार के मुताबिक 47 फीसदी महिलाएं नशे की लत में फंसने के बाद पैसे न दे पाने के कारण तस्करी के दलदल में उतर जाती हैं। नशा तस्करी में शामिल महिलाएं खुद भी नशे का इस्तेमाल करती हैं। महिलाओं में इस्तेमाल होने वाला सबसे ज्यादा नशा कोकिन, सुलफा, स्मैक, अफीम, मोर्फिन, स्नेक बाइट हैं।
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विस्तार
18 जनवरी 2024 को नारायणगढ़ थाना क्षेत्र से गांजा सप्लाई करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। 20 जून 2024 को यमुनानगर के शादीपुर गांव से एक महिला को नशा तस्करी में गिरफ्तार किया गया। 13 सितंबर 2024 को पुलिस ने यमुनानगर रेलवे स्टेशन से नशा तस्करी के आरोप में तीन नाबालिग लड़कियों को पकड़ा। पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज ये घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि हरियाणा में महिला नशा तस्करों का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है।
तीन साल में पुलिस ने 914 महिला नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस साल पुलिस ने नशा तस्करी के मामले में कुरुक्षेत्र में 20 और हिसार में 14 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें 70 फीसदी महिला तस्कर नशे की लत में फंसने के बाद तस्करी के दलदल में उतरी हैं। नशा तस्करी में पकड़ी गई महिलाओं की उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या गरीब परिवारों की महिलाओं की है। 30 फीसदी महिलाएं ऐसे भी होती हैं जो कि परिवार का खर्च चलाने के लिए तस्कर बन जाती हैं।
हरियाणा पुलिस के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2022 से अक्टूबर 2024 तक नशा तस्करी के 10,484 मुकदमे दर्ज कर 15,546 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसमें 914 महिलाएं हैं।
बाॅर्डर से जुड़े जिलों में महिला तस्करों की गतिविधियां ज्यादा
प्रदेश में महिला तस्करों की गतिविधियां सभी जिलों में मिली है। हालांकि अपेक्षाकृत आठ जिलों में गतिविधियां ज्यादा हैं। इसमें सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल हैं। ये जिले पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। तीन साल में इन जिलों में एफआईआर और नशा तस्करों की गिरफ्तारी भी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा हुई है।
साल दर साल गिरफ्तार हो रहीं महिला तस्कर
2022 में सबसे ज्यादा सिरसा में 832, फतेहाबाद में 459, फरीदाबाद में 440, और कुरुक्षेत्र में 411 में नशा तस्कर गिरफ्तार हुए। इनमें 6 फीसदी महिला तस्कर हैं। 2023 में सबसे ज्यादा सिरसा में 843, फरीदाबाद में 450, कुरुक्षेत्र में 448, फतेहाबाद में 383, गुरुग्राम में 358 और यमुनानगर में 341 नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए। इसमें चार फीसदी महिला तस्कर हैं। 2024 में फरीदाबाद में 387, सिरसा में 364, कुरुक्षेत्र में 328, गुरुग्राम में 322, यमुनानगर में 300, डबवाली में 291 और फतेहाबाद में 280 तस्कर गिरफ्तार हुए। इनमें सात फीसदी महिला तस्कर शामिल हैं।
पुलिस के कम संदेह के कारण महिलाएं नशा सप्लायरों का टारगेट
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के मुकदमे लड़ने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील मनोज कुमार के मुताबिक महिलाओं पर पुलिस को कम संदेह रहता है और कई बार महिला पुलिसकर्मियों के गैरमौजूदगी के कारण तलाशी न होने से महिलाएं आसानी से बच निकलती हैं। अपनी नशे को लत की पूर्ति करने लिए महिलाएं नशा तस्करी करने लगती हैं। इसी वजह से नशा सप्लाई करने वालों के निशाने पर महिलाएं रहती हैं।
तस्करी के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करती हैं महिलाएं
पुलिस के मुताबिक महिला तस्कर सबसे ज्यादा अपने प्राइवेट पार्ट्स या फिर अंडर गारमेंट्स में ड्रग्स छिपाकर तस्करी करती हैं, ताकि आसानी से पकड़ में न आएं। ऐसे कई मामलों में महिला पुलिसकर्मियों ने तलाशी में ड्रग्स बरामद भी किए हैं। ये तस्करी के लिए कभी निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करती। सबसे ज्यादा ऑटो, टैक्सी या फिर बस में ज्यादा सफर करती हैं। पकड़े जाने की स्थिति बनने पर ये ड्रग्स वाहन के अंदर फेंक भी देती हैं।
केस 1- हिसार जिले में 14 महिला तस्कर गिरफ्तार
एक सप्ताह पहले हिसार की आंबेडकर बस्ती में एक महिला को पुलिस ने नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके पास से चिट्टा बरामद हुआ था। महिला पीरांवाली गांव से चिट्टा लेकर आई थी। उसे यह चिट्टा आगे खरीदारों को बेचना था। पुलिस के अनुसार कई वर्ष पहले बस्ती की एक महिला तस्कर ने उससे संपर्क कर नशे की आपूर्ति शुरू करवाई थी। महिला काफी समय से नशा तस्करी कर रही है। उसने परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस काम में लगा रखा है। फिलहाल महिला जेल में है।
केस 2- राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाकर फतेहाबाद में बेच रहीं चूरा पोस्त
सीआईए टीम ने अगस्त महीने में दो महिलाओं को फतेहाबाद बस स्टैंड के पास चूरा पोस्त के साथ पकड़ा था। दोनों महिलाएं मध्य प्रदेश से चूरापोस्त लेकर हरियाणा और पंजाब जा रही थीं। दोनों के पास से 54 किलोग्राम चूरा पोस्त पकड़ा गया था। इन महिलाओं को फतेहाबाद में ही चूरापोस्त सप्लाई करना था। महिला ने बताया कि वह खुद नशा नहीं करती। जल्द अधिक कमाई के लालच में वह नशे की तस्करी करने लगीं।