{"_id":"6ac15d5041cd44c3e7005dd1","slug":"seema-kaliraman-achieved-a-career-best-throw-of-5988-meters-at-the-asian-games-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-158056-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: एशियन गेम्स में सीमा कालीरमण ने लगाया कॅरिअर का बेस्ट 59.88 मीटर थ्रो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: एशियन गेम्स में सीमा कालीरमण ने लगाया कॅरिअर का बेस्ट 59.88 मीटर थ्रो
विज्ञापन
सीमा कालीरमण
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की शोधार्थी एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सीमा कालीरमण ने एशियन गेम्स में 59.88 मीटर का थ्रो लगाकर कॅरिअर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बारिश के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए सीमा ने प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया।
विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. सुरेश मलिक ने बताया कि सीमा का 59.88 मीटर का थ्रो किसी भी प्रतियोगिता में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 58.65 मीटर का थ्रो लगाया था। बारिश के कारण मैदान की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। इसके बावजूद सीमा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
डॉ. सुरेश मलिक ने कहा कि मौसम अनुकूल रहता तो सीमा का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि सीमा ने मेहनत और लगन से सीबीएलयू के साथ हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सीमा के ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जताई।
विज्ञापन
सीमा चरखी गांव के एक साधारण परिवार की बेटी और दिनोद गांव की बहू हैं। उनकी मेहनत और लगन लगातार रंग ला रही है। विश्वविद्यालय परिवार ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. सुरेश मलिक ने बताया कि सीमा का 59.88 मीटर का थ्रो किसी भी प्रतियोगिता में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 58.65 मीटर का थ्रो लगाया था। बारिश के कारण मैदान की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। इसके बावजूद सीमा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
डॉ. सुरेश मलिक ने कहा कि मौसम अनुकूल रहता तो सीमा का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि सीमा ने मेहनत और लगन से सीबीएलयू के साथ हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सीमा के ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जताई।
विज्ञापन
सीमा चरखी गांव के एक साधारण परिवार की बेटी और दिनोद गांव की बहू हैं। उनकी मेहनत और लगन लगातार रंग ला रही है। विश्वविद्यालय परिवार ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है।