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आयुष्मान-चिरायु के नाम पर जनता से धोखा कर रही सरकार : गुलिया
Sun, 04 Oct 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:12 AM IST
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भिवानी। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शहरी प्रदीप गुलिया जोगी ने भाजपा सरकार पर आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के नाम पर प्रदेश की जनता व निजी अस्पतालों से धोखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का दावा करने वाली सरकार बजट की कमी का बहाना बनाकर गरीबों के इलाज पर रोक लगा रही है।
गुलिया ने कहा कि निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान अटका होने से योजना प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार 14 सितंबर को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उस दौरान बकाया भुगतान फास्ट-ट्रैक करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि 15 दिन बाद भी लंबित राशि का पांच प्रतिशत हिस्सा जारी नहीं किया गया।
उन्होंने योजना के तहत चिरायु कार्ड जारी करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। गुलिया के अनुसार 1.8 लाख से तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों से 1500 रुपये और तीन लाख रुपये से अधिक आय वालों से 5000 रुपये लेकर चिरायु कार्ड बांटे गए। उन्होंने दावा किया कि इससे प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी कागजों में योजना से जुड़ गई और संपन्न लोग भी कार्ड लेकर घूम रहे हैं।
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गुलिया ने आरोप लगाया कि 1.8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले वास्तविक जरूरतमंदों को इलाज के लिए मना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जरूरतमंद इलाज के लिए परेशान हैं तो दूसरी ओर निजी अस्पतालों का भुगतान लंबित है। उन्होंने सरकार से योजना के तहत इलाज और अस्पतालों के बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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गुलिया ने कहा कि निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान अटका होने से योजना प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार 14 सितंबर को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उस दौरान बकाया भुगतान फास्ट-ट्रैक करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि 15 दिन बाद भी लंबित राशि का पांच प्रतिशत हिस्सा जारी नहीं किया गया।
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उन्होंने योजना के तहत चिरायु कार्ड जारी करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। गुलिया के अनुसार 1.8 लाख से तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों से 1500 रुपये और तीन लाख रुपये से अधिक आय वालों से 5000 रुपये लेकर चिरायु कार्ड बांटे गए। उन्होंने दावा किया कि इससे प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी कागजों में योजना से जुड़ गई और संपन्न लोग भी कार्ड लेकर घूम रहे हैं।
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गुलिया ने आरोप लगाया कि 1.8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले वास्तविक जरूरतमंदों को इलाज के लिए मना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जरूरतमंद इलाज के लिए परेशान हैं तो दूसरी ओर निजी अस्पतालों का भुगतान लंबित है। उन्होंने सरकार से योजना के तहत इलाज और अस्पतालों के बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।