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गर्भवती महिला दर्द में तड़पती रही, डाक्टर चलीं गईं सोने
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:41 PM IST
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गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही और डाक्टर सुबह डिलीवरी होने की बात कहकर सोने चलीं गईं। महज घंटेभर बाद ही महिला प्राइवेट अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। डाक्टर की कोताही से खफा परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत कर डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला देर रात का है। इंदीवाली निवासी प्रदीप अपनी गर्भवती पत्नी रेणु को ज्यादा तकलीफ होने पर सीएचसी कैरू लेकर गया। प्रदीप ने बताया कि उसे वहां डाक्टर नहीं मिली। वहां स्टाफ से संपर्क करने के बाद डाक्टर को काफी दूर से जगाकर लाए। डाक्टर आते ही उसकी पत्नी को बेड पर लिटाया और कहां कि डिलीवरी सुबह होगी और उसकी पत्नी को तड़पता छोड़कर चली गई। प्रदीप ने बताया कि उसकी पत्नी को ज्यादा तकलीफ थी। जिस कारण वह उसे जूई के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गया। जहां पहुंचते ही उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया। पूर्व चेयरमैन उमेद सिंह ने बताया कि डाक्टर की लापरवाही के कारण रेणु की जान जा सकती थी। परिजनों ने बताया कि वे सिविल सर्जन कार्यालय का नंबर भी मिलाते रहे मगर किसी ने नहीं उठाया।
जिसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के टोल फ्री नंबर पर कॉल की। जहां से मिली दो ई-मेल आईडी पर उन्होंने शिकायत की है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुनील कुमार ने बताया कि उनके पास अभी इस मामले में कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जांच करवाई जाएगी।
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मामला देर रात का है। इंदीवाली निवासी प्रदीप अपनी गर्भवती पत्नी रेणु को ज्यादा तकलीफ होने पर सीएचसी कैरू लेकर गया। प्रदीप ने बताया कि उसे वहां डाक्टर नहीं मिली। वहां स्टाफ से संपर्क करने के बाद डाक्टर को काफी दूर से जगाकर लाए। डाक्टर आते ही उसकी पत्नी को बेड पर लिटाया और कहां कि डिलीवरी सुबह होगी और उसकी पत्नी को तड़पता छोड़कर चली गई। प्रदीप ने बताया कि उसकी पत्नी को ज्यादा तकलीफ थी। जिस कारण वह उसे जूई के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गया। जहां पहुंचते ही उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया। पूर्व चेयरमैन उमेद सिंह ने बताया कि डाक्टर की लापरवाही के कारण रेणु की जान जा सकती थी। परिजनों ने बताया कि वे सिविल सर्जन कार्यालय का नंबर भी मिलाते रहे मगर किसी ने नहीं उठाया।
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जिसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के टोल फ्री नंबर पर कॉल की। जहां से मिली दो ई-मेल आईडी पर उन्होंने शिकायत की है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुनील कुमार ने बताया कि उनके पास अभी इस मामले में कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जांच करवाई जाएगी।
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