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सीआईए पुलिस का छापा, 50 अवैध सिलेंडर बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:37 AM IST
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भिवानी। सर्दी की दस्तक के साथ ही घरेलू गैस की कालाबाजारी भी पैर पसारने लगी है। दो महीने में दूसरी बार पुलिस ने बृहस्पतिवार रात रात गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण का भंडाफोड़ किया है। सीआईए पुलिस ने शहर की आउटर बस्ती के एक प्लाट में छापा मारकर 50 अवैध सिलेंडर बरामद किए हैं और एक शख्स को गिरफ्तार भी किया है। बरामद सिलेंडरों में 35 व्यवसायिक व 15 घरेलू सिलेंडर हैं। पुलिस का कहना है कि यह रैकेट घरेलू सिलेंडर से गैस निकालकर व्यवसायिक सिलेंडरों में भरकर महंगे दामों पर बेचते थे।
गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए टीम ने बृहस्पतिवार रात नौ बजे ढाणा रोड रेलवे फाटक के पास एक प्लाट में दबिश दी। प्लाट से पुलिस को 50 सिलेंडरों के अलावा सिलेंडर पर लगाई जाने वाली प्लास्टिक सील के पांच पैकेट, रि फिलिंग के लिए प्रयुक्त होने वाली पांच नोजल मिली है। पुलिस ने मौके पर एक जीप (पिकअप डाला) और डाबरा कॉलोनी निवासी अजीत नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। सीआईए के एएसआई मनजीत सिंह ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर समीर की मौजूदगी में पुलिस ने छापा मारा।
सस्ती गैस को महंगी दामों में बेचते थे
मौके से मिले रि-फिलिंग के पांच नोजल और दोनों तरह के सिलेंडरों की बरामदगी साफ-साफ इशारा करती है कि प्लाट में रि-फिलिंग का भी काम हो रहा था। मनजीत सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि ये लोग घरेलू सिलेंडर से गैस निकालकर व्यवसायिक सिलेंडरों में भरकर महंगे दामों में बेचते थे।
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शक के दायरे में गैस एजेंसी संचालक
एक साथ एक जगह इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की बरामदगी के बाद गैस एजेंसियों की तरफ शक की सुई घूमना लाजिमी है। बरामद सिलेंडरों में ज्यादातर एचपी और इंडेन कंपनियों के बताए जा रहे हैं। प्लास्टिक की जो सील मिली हैं, वह भी इन्हीं दोनों कंपनियों की है। यह तो जांच के बाद साफ होगा कि बरामद सिलेंडर स्थानीय एजेंसियों के हैं या फिर बाहर के किसी क्षेत्र की एजेंसियों के। फिलहाल पुलिस ने सिलेंडरों के सीरियल नंबर नोट कर लिये हैं। सीरियल नंबरों के आधार पर यह पता करना आसान है कि सिलेंडर किस एजेंसी के हैं। इस मामले में एजेंसी संचालकों की संलिप्तता से जल्द ही पर्दा उठ सकता है। इससे पहले 24 सितंबर को जगत कॉलोनी के एक निर्जन इमारत में पुलिस ने 107 सिलेंडर बरामद किए थे। इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था।
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गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए टीम ने बृहस्पतिवार रात नौ बजे ढाणा रोड रेलवे फाटक के पास एक प्लाट में दबिश दी। प्लाट से पुलिस को 50 सिलेंडरों के अलावा सिलेंडर पर लगाई जाने वाली प्लास्टिक सील के पांच पैकेट, रि फिलिंग के लिए प्रयुक्त होने वाली पांच नोजल मिली है। पुलिस ने मौके पर एक जीप (पिकअप डाला) और डाबरा कॉलोनी निवासी अजीत नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। सीआईए के एएसआई मनजीत सिंह ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर समीर की मौजूदगी में पुलिस ने छापा मारा।
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सस्ती गैस को महंगी दामों में बेचते थे
मौके से मिले रि-फिलिंग के पांच नोजल और दोनों तरह के सिलेंडरों की बरामदगी साफ-साफ इशारा करती है कि प्लाट में रि-फिलिंग का भी काम हो रहा था। मनजीत सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि ये लोग घरेलू सिलेंडर से गैस निकालकर व्यवसायिक सिलेंडरों में भरकर महंगे दामों में बेचते थे।
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शक के दायरे में गैस एजेंसी संचालक
एक साथ एक जगह इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की बरामदगी के बाद गैस एजेंसियों की तरफ शक की सुई घूमना लाजिमी है। बरामद सिलेंडरों में ज्यादातर एचपी और इंडेन कंपनियों के बताए जा रहे हैं। प्लास्टिक की जो सील मिली हैं, वह भी इन्हीं दोनों कंपनियों की है। यह तो जांच के बाद साफ होगा कि बरामद सिलेंडर स्थानीय एजेंसियों के हैं या फिर बाहर के किसी क्षेत्र की एजेंसियों के। फिलहाल पुलिस ने सिलेंडरों के सीरियल नंबर नोट कर लिये हैं। सीरियल नंबरों के आधार पर यह पता करना आसान है कि सिलेंडर किस एजेंसी के हैं। इस मामले में एजेंसी संचालकों की संलिप्तता से जल्द ही पर्दा उठ सकता है। इससे पहले 24 सितंबर को जगत कॉलोनी के एक निर्जन इमारत में पुलिस ने 107 सिलेंडर बरामद किए थे। इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था।