फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Elderly parents become strangers in their own home after spending life for children

कड़वे हुए रिश्ते: बच्चों के लिए पूरा जीवन खपाकर अपने ही घर में बेगाने हुए बागबान, अफसर भी हैरान

Thu, 09 Nov 2023 03:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Nov 2023 03:05 PM IST
सार

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद के मामले बढ़े हैं। बुजुर्ग मां-बाप को घर से निकाले जाने के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई का आदेश दिया गया है। पुलिस बेटों को कानून समझा रही है और जिन मामलों में मारपीट होती है, उसमें केस दर्ज कर कार्रवाई करती है।

विज्ञापन
Elderly parents become strangers in their own home after spending life for children
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PIXABAY

विस्तार

पूरा जीवन पाई-पाई जोड़कर सपनों का घर बनाया। औलादों को सभी सुविधाएं दिलाईं, जिससे वे अपने सपने पूरे कर सकें। जब तक बेटे बड़े नहीं हुए थे, तब तक सब ठीक था। बड़े होने के साथ ही उनकी सोच छोटी हो गई। सपनों के इस घर में मां-बाप ही उन्हें खटकने लगे। मां-बाप से कहते हैं कि अब कहीं और का रास्ता देखो। अपने घर में ही किनारे लगा दिए गए बुजुर्ग मां-बाप पुलिस की चौखट पर गुहार लगा रहे हैं। इन हालात पर अफसर भी हैरान हैं।

विज्ञापन


बागबान फिल्म की तरह कई मामले सामने आने से पुलिस भी हैरान है। हाल के महीनों में इस तरह के मामले ज्यादा बढ़े हैं, जिसमें एक बेटा बाहर जाकर बस गया है तो दूसरा अब साथ रखने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में मां-बाप पुलिस से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन


पुलिस भी पहले तो पारिवारिक मामला होने की वजह से कोर्ट-कचहरी का सलाह दे रही थी, लेकिन अब एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने का आदेश दिया है। अब पुलिस ऐसे मामले में पहले बेटे को बुलाकर कानूनी दांवपेच समझा रही है। अगर बुजुर्गों से मारपीट की बात सामने आ रही है तो केस भी दर्ज कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर से नई दिल्ली के लिए चलेंगी तीन स्पेशल ट्रेनें, अभी बुक कर लें टिकट
 

बड़ी बात यह कि अफसर भी जान रहे हैं कि इसके बाद मामला बिगड़ सकता है, इस वजह से गश्त के दौरान पुलिस मौके पर जाकर बुजुर्गों का हालचाल भी पूछ रही है, ताकि बेटों के मन में कानून का डर बना रहे।

पुलिस दफ्तर में रोजाना आने वाली शिकायतों पर गौर करें तो हर तीसरा मामला पारिवारिक विवाद का ही सामने आ रहा है। परिवार में आपसी अलगाव के मामले में तेजी से बढ़े हैं। आपस में भाइयों का विवाद तो आम बात हो ही गई है, लेकिन अब लोग अपने ही मां-बाप से दूरी बनाने में लगे हैं। कोई नौकरी के लिए बाहर चला गया है तो मां-बाप को साथ नहीं रखना चाहता हैं तो कई मां-बाप को बोझ समझ कर घर से बेदखल करना चाहते हैं।

बेटों की हरकतों से परेशान होकर मां-बाप भी घर को अपनी गाढ़ी कमाई का बताकर बेटों को ही बेदखल करने का प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। इस तरह के मामला लगातार सामने आने पर एसएसपी ने गंभीरता से कार्रवाई का आदेश दिया है।

इसे भी पढ़ें: डोमिनगढ़ से गोरखपुर जंक्शन के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम शुरू, जल्द काम होगा पूरा

केस एक
06 अक्तूबर 2023: गोरखनाथ इलाके के लच्छीपुर में रहने वाले धर्मदेव पांडेय और उनकी पत्नी सुचिता पांडेय ने अपने ही बेटे की आदतों से परेशान होकर केस दर्ज कराया। उन्होंने बेटे से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। आरोप है कि शराब के लिए रुपये नहीं देने पर वह मारपीट करता है और जब किराएदार बचाने आते हैं तो उनसे भी उलझ जाता है। गोरखनाथ पुलिस मारपीट और धमकी का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

केस दो
31 अक्तूबर 2023: पिपराइच थाने में पिता ने अपने बेटे पर केस दर्ज कराया। समस्तपुर मुड़िला निवासी बिकाऊ अली (65) ने बताया कि पांच बेटों ने उन्हें अलग कर दिया है। गुब्बारा बेचकर पेट पालते हैं। अब बड़ा बेटा झिन्नू अली शराब के लिए रुपये मांगता है। रुपये नहीं देने पर मारपीट करता है। पहले तो बेटे ने जबरदस्ती करके घर से निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने उसे बुलाया तो थाने न आकर उसने मारपीट कर दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की।

इसे भी पढ़ें: सिलखड़ी पाउडर से बन रहा खोवा, बूंदी में भी हो रही मिलावट

केस तीन
एम्स थाना क्षेत्र की 73 वर्ष की शारदा देवी व्हीलचेयर पर चलती हैं। उनका कूल्हा टूट चुका है। शारदा देवी ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि उनके दो बेटे हैं। दोनों दुकान चलाते हैं। छोटा बेटा सजावट की तो बड़ा बेटा शृंगार की दुकान चलाता है। कुछ वर्ष पहले छोटे बेटे ने मारपीट कर गांव वाले घर से निकाल दिया। मजबूरी में वह बड़े बेटे के साथ रह रही हैं। शारदा देवी ने कहा कि किसी तरह से उन्हें उनके घर में भिजवाइए। ससुराल पहुंचने पर वह पहली बार उसी घर में आई थीं। पुलिस ने उनकी मदद की।

बुजुर्ग मां-बाप को छोड़कर परदेस में बसे...पुलिस बनी मददगार

गोरखपुर जिले में 15 हजार 121 बुजुर्ग ऐसे हैं, जिन्हें नया सवेरा योजना के तहत पंजीकृत किया गया है। सरकार की ओर से चलाई जा रही इस योजना में पुलिस को बुजुर्ग का हाल जानना है और उनका कुशलक्षेम भी पूछना है। इसमें से करीब 70 ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनकी दवा भी पुलिस पहुंचाती है।

इसे भी पढ़ें: क्यूएस रैंकिंग में गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिला 258वां स्थान, प्रदेश के तीन विवि शामिल

सभी के बेटे उन्हें छोड़कर परदेस में बस चुके हैं। अधिकतर सरकारी नौकरी में रहे हैं, इस वजह से पेंशन की राशि से खर्च चलाने में तो दिक्कत नहीं आती है, लेकिन रुपयों की मदद से जरूरत का सामान समय से पहुंच जाए, यह एक बड़ी समस्या है। पुलिस भी रोजाना तो नहीं पहुंच पाती, लेकिन चार से पांच दिन में एक चक्कर जरूर मारती है। पहले इसमें भी शिकायत थी कि पुलिस नहीं आती। मगर, एसएसपी ने इसकी भी माॅनीटरिंग के लिए लाइव लोकेशन का सिस्टम बना दिया है।

एक्सपर्ट कमेंट

गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग डॉ. मनीष पांडेय ने कहा कि भारत जैसे अपेक्षाकृत भावनात्मक समाज में मजबूत नातेदारी संबंध पाया जाता है, इसके बाद भी रक्त संबंधी बुजुर्गों के अपने ही बच्चों द्वारा ही बेघर किए जाने की बढ़ती घटनाएं सामूहिक चिंता के विषय हैं। उपभोक्तावादी संस्कृति के तहत बदलते सामाजिक मूल्यों, नई पीढ़ी की सोच में परिवर्तन आने, महंगाई बढ़ने और व्यक्ति के अपने बच्चों और पत्नी तक सीमित हो जाने की प्रवृत्ति के कारण बड़े-बूढ़ों की समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रायः समाज के मूल्य आर्थिक नीतियों से तय होते हैं और वर्तमान आर्थिक संरचना के कारण अतिशय व्यक्तिवादिता की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसमें सामाजिक और भावनात्मक संबंध कमजोर हो रहे हैं। सामयिक सामाजिक परिस्थितियां बाजार की शक्ति के समक्ष असहाय होती जा रहीं, फिर भी बच्चों को बचपन से ही स्कूलों व घरों में बड़े-बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की शिक्षा देकर उनमें नैतिक मूल्यों का विकास किया जाए और इसी अनुरूप समाजीकरण करना होगा।

इसे भी पढ़ें: रिकॉर्ड में गुम ट्रांसफार्मर लगा दिए टेलीकॉम टॉवर और पेट्रोल टंकी पर, CM कार्यालय से रिपोर्ट तलब

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद के मामले बढ़े हैं। बुजुर्ग मां-बाप को घर से निकाले जाने के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई का आदेश दिया गया है। पुलिस बेटों को कानून समझा रही है और जिन मामलों में मारपीट होती है, उसमें केस दर्ज कर कार्रवाई करती है। पुलिस वालों को निर्देशित किया गया है कि वह गश्त के दौरान भी प्रार्थना पत्र देने वालों का हालचाल लें, ताकि उनके साथ कोई अप्रिय घटना न होने पाए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed