फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Donation deed Competition for donation among loved ones more than 900 registries

दान विलेख: अपनों में दान की होड़, 900 से अधिक रजिस्ट्री

Thu, 17 Aug 2023 03:02 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 17 Aug 2023 03:02 PM IST
सार

एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने कहा कि शासनादेश जारी होने के बाद से गिफ्ट डीड शुरू कर दी गई है। निबंधन कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्री हो रही है।

विज्ञापन
Donation deed Competition for donation among loved ones more than 900 registries
निबंधन कार्यालय में जमकर रजिस्ट्री हो रही है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

घरों में संपत्ति को लेकर किसी तरह का विवाद न रहे। लोग आसानी से अपने रक्त संबंधों में गिफ्ट डीड कर सकें। इसका शासनादेश जारी होने के बाद निबंधन कार्यालय में जमकर रजिस्ट्री हो रही है। सोमवार तक निबंधन कार्यालय में 900 से अधिक गिफ्ट डीड हो चुकी है।

विज्ञापन


इसके लिए विधिक राय के लिए लोग अधिवक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया से लोगों को प्रॉपर्टी कीमत के अनुसार स्टांप शुल्क देने से राहत मिली है। इस योजना से परिवारों में विवाद खत्म होने के साथ ही मुकदमों का बोझ कम हो जाएगा।
विज्ञापन


जानकारों के अनुसार तीन अगस्त को शासन की ओर से दान विलेख के संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। इसमें ऐसे दान विलेख, जिसमें दाता की ओर से अचल संपत्ति का अंतरण परिवार के सदस्यों बेटा, बेटी, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगा भाई, सगे भाई के मृतक होने की दशा में उसकी पत्नी, सगी बहन, पुत्र-पुत्री के पुत्र-पुत्री के पक्ष में करें तो पांच हजार रुपये का अधिकतम स्टांप शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: फिर हिला चौरीचौरा: उतरने से पहले चला दिया ऑटो, बच्ची की कुचलकर मौत

इसके पूर्व परिवार के बीच संपत्ति के बंटवारे पर सात फीसदी स्टांप शुल्क लगता था। घरों में झगड़े रोकने के लिए पिता वसीयत करते थे, लेकिन अधिकांश मामले कोर्ट में पहुंच जाते थे। प्राॅपर्टी के अनुसार भारी भरकम स्टांप के कारण तमाम पिता अपने जीवित रहते हुए बेटे को संपत्ति नहीं दे पाते थे। भाई-भाई के बीच भी संपत्ति बंटवारे में सात फीसदी स्टांप देना पड़ता था।
 

छह माह के लिए हुआ ट्रायल, अब शासनादेश

बीते वर्ष मार्च से सितंबर के बीच छह महीने के लिए गिफ्ट डीड को प्रदेश सरकार ने ट्रायल के रूप में लागू किया था। इसके काफी अच्छे परिणाम आए। स्टांप एवं पंजीयन विभाग की ओर से इसके लागू करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया, जिस पर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी देते हुए स्थायी कर दिया।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रेल दोहरीकरण को मिली मंजूरी, 1269.8 करोड़ रुपये होंगे खर्च

इसका शासनादेश तीन अगस्त को जारी हुआ है। निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों के अनुसार शासनादेश जारी होने के बाद से गिफ्ट डीड की तादाद बढ़ी है। सोमवार तक 900 से अधिक लोग डीड करा चुके थे।

अधिवक्ता ब्रह्म कुमार मल्ल ने कहा कि पूर्व में शासन की ओर से दान विलेख यानी गिफ्ट डीड के संबंध में प्रयोग के तौर पर व्यवस्था की गई थी। इसे अब लागू कर दिया गया है। इसके बारे में जानकारी लेने लोग पहुंच हैं।

इसे भी पढ़ें: देवरिया में 11 माह के मासूम को चारपाई से उठा ले गया कुत्ता, खेत में नोंच कर मार डाला, इलाके में दहशत

अधिवक्ता सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि इस डीड से पारिवारिक विवाद खत्म होंगे। लोग अपने जीवित रहे संपत्ति अपने रक्त संबंधों में दे सकेंगे। पांच हजार रुपये का स्टांप निर्धारित होने से किसी पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।

एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने कहा कि शासनादेश जारी होने के बाद से गिफ्ट डीड शुरू कर दी गई है। निबंधन कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्री हो रही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed