Gorakhpur Weather: 12 साल में सबसे गर्म है इस बार का दिसंबर, सामान्य से तीन डिग्री अधिक है तापमान
मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह कहती हैं कि ऐसा कम बारिश के चलते हो रहा है। नमी कम होने के कारण गर्मी अधिक महसूस हो रही है। इस बार भी 12 दिसंबर के बाद जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे आएगा तब गर्मी का एहसास कम होना शुरू हो जाएगा।
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जलवायु परिवर्तन का असर पूर्वांचल पर अधिक दिख रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर में अधिकतम तापमान भले ही 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहे, लेकिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है, जिससे लोगों को तेज सर्दी का अहसास होता है। जबकि इस बार न्यूनतम तापमान भी 15 डिग्री के आसपास बना हुआ है जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में नदियों की अधिकता व हिमालय से नजदीकी के चलते नमी अधिक रहती है। इसके चलते नवंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगता है। दिसंबर के पहले सप्ताह में दिन में भी लोग स्वेटर और जैकेट पहने दिखते हैं। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से सर्दी की शुरुआत देर से हो रही है।
इस साल नवंबर के अंतिम सप्ताह में एक बार ऐसा अहसास हुआ कि सर्दी बस शुरू ही होने वाली है, लेकिन दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है। जबकि इस इलाके में इस वक्त अधिकतम तापमान औसतन 27 डिग्री सेल्सियस ही होता है।
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इसी तरह न्यूनतम तापमान भी 15 डिग्री से अधिक है जबकि यह हमेशा 11 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। मंगलवार को भी दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, वहीं न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस बना रहा।
मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह कहती हैं कि ऐसा कम बारिश के चलते हो रहा है। नमी कम होने के कारण गर्मी अधिक महसूस हो रही है। इस बार भी 12 दिसंबर के बाद जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे आएगा तब गर्मी का एहसास कम होना शुरू हो जाएगा।
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- वर्ष 2011 में दिसंबर में अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। वर्ष 2012 में 2807.2, वर्ष 2013 में 26.9 और 2015 में 29.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
- वर्ष 2017 में दिन के सापेक्ष रात भी गर्म रही, लेकिन दिन का तापमान अधिकतम जहां 28.4 डिग्री सेल्सियस था, वहीं न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
- वर्ष 2019 में भी न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मतलब दिन में थोड़ी गर्मी जरूर रही, लेकिन रात काफी सर्द थी। जबकि इस बार दिन की तरह ही रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है।
खुद को सर्दी से बचाने के लिए रहें तैयार
जनरल फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि ऐसा मौसम और अधिक खतरनाक है। इस मौसम में बाहर से घर लौटने के बाद ठंडा पानी पीने पर गले में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। गर्मी-सर्दी के चलते सीने में जकड़न, बुखार, शरीर दर्द आदि की समस्या आती है। दिन में धूप और रात में सर्दी के चलते अक्सर ही लोग बीमार होते हैं। इसलिए खुद को सर्दी से बचाने के लिए तैयार रहें।