{"_id":"5eff3a86a75c5b30ac151c36","slug":"young-man-was-beaten-to-death-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाभी को भगा ले गया था शख्स, चार साल बाद लौटा गांव तो चचेरे भाई ने दी ये सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
भाभी को भगा ले गया था शख्स, चार साल बाद लौटा गांव तो चचेरे भाई ने दी ये सजा
Fri, 03 Jul 2020 07:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 03 Jul 2020 07:53 PM IST
सार
- मां से मिलने के लिए चार साल बाद गांव पहुंचा था युवक
- सिकरीगंज इलाके के रानीपुर गांव का मामला, सभी आरोपित फरार
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में शुक्रवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सिकरीगंज थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव में शुक्रवार को सूरज सिंह (35) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि सूरज चार साल पहले चचेरे भाई की पत्नी को भगा ले गया था।
चार साल बाद वह मां से मिलने के लिए गांव लौटा तो चचेरे भाई और उसके घरवालों ने उसे मार डाला। घटना के बाद सभी आरोपित फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, रानीपुर गांव निवासी स्व. लक्षन सिंह का बेटा सूरज सिंह बंगलुरू में काम करता था।
इसे भी पढ़ें- कानपुर एनकाउंटर: घर के सबसे छोटे बेटे को लगी गोली तो फफक कर रो पड़ा पूरा परिवार, बोले- 'यकीन नहीं हो रहा'
विज्ञापन
चार साल पहले वह सगे चाचा रामवृक्ष की बहू और भानू सिंह की पत्नी को लेकर फरार हो गया था। तब से वह बंगलुरू में ही रहता था। गांव नहीं आता था। कुछ दिन पहले ही वह मां से मिलने के लिए लौटा, लेकिन गांव में नहीं पहुंचा। कहीं और रूक गया था।
शुक्रवार को वह किसी की बाइक से जैसे ही गांव में अपने घर के दरवाजे पर पहुंचा कि चचेरे भाई भानू सिंह ने अपने घरवालों के साथ उसपर हमला कर दिया। सिर पर लाठी लगने से सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर आए घरवाले सूरज को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।
इसे भी पढ़ें- कानपुर एनकाउंटर में गोरखपुर के लाल को लगी गोली, मां बोली- 'देश के लिए सब कुर्बान'
घटना की सूचना पर सीओ खजनी योगेंद्र कृष्ण फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। आरोपितों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
विज्ञापन
चार साल बाद वह मां से मिलने के लिए गांव लौटा तो चचेरे भाई और उसके घरवालों ने उसे मार डाला। घटना के बाद सभी आरोपित फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, रानीपुर गांव निवासी स्व. लक्षन सिंह का बेटा सूरज सिंह बंगलुरू में काम करता था।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें- कानपुर एनकाउंटर: घर के सबसे छोटे बेटे को लगी गोली तो फफक कर रो पड़ा पूरा परिवार, बोले- 'यकीन नहीं हो रहा'
विज्ञापन
चार साल पहले वह सगे चाचा रामवृक्ष की बहू और भानू सिंह की पत्नी को लेकर फरार हो गया था। तब से वह बंगलुरू में ही रहता था। गांव नहीं आता था। कुछ दिन पहले ही वह मां से मिलने के लिए लौटा, लेकिन गांव में नहीं पहुंचा। कहीं और रूक गया था।
शुक्रवार को वह किसी की बाइक से जैसे ही गांव में अपने घर के दरवाजे पर पहुंचा कि चचेरे भाई भानू सिंह ने अपने घरवालों के साथ उसपर हमला कर दिया। सिर पर लाठी लगने से सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर आए घरवाले सूरज को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।
इसे भी पढ़ें- कानपुर एनकाउंटर में गोरखपुर के लाल को लगी गोली, मां बोली- 'देश के लिए सब कुर्बान'
घटना की सूचना पर सीओ खजनी योगेंद्र कृष्ण फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। आरोपितों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।