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गोरखपुर: मेडिकल कॉलेज से मरीज को बरगला कर ले गए नर्सिंग होम, प्रशासन ने छापा मारा
Fri, 12 Mar 2021 10:19 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Mar 2021 10:19 AM IST
सार
- एक लाख से अधिक रुपये वसूलने की शिकायत
- एडीएम ने न्यू लोटस हॉस्पिटल की जांच की
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अस्पताल में परेशान मरीज।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से तीमारदार को बरगला कर उसके मरीज को नर्सिंग होम में ले जाने की शिकायत पर बृहस्पतिवार की रात एडीएम ने पैडेलगंज स्थित न्यू लोटस हॉस्पिटल में छापा मारा। मरीज वहां भर्ती मिला। मरीज को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कराने के बाद एडीएम ने अधिक रुपये वसूलने समेत सीएमओ को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में निजी अस्पतालों के रैकेट सक्रिय होने तथा मरीजों व तीमारदारों को बरगला कर नर्सिंग होम ले जाने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। ऐसी ही एक शिकायत के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अनिल सिंह व ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह पैडेलगंज स्थित न्यू लोटस हॉस्पिटल पहुंचे। वहां दवाएं निर्धारित दाम से अधिक में बिकने की जानकारी मिली है। मरीज भर्ती मिला, उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कराया गया है।
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जिला प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में कुशीनगर के समरौली निवासी बाबूलाल ने बताया है कि नौ मार्च को उनकी माताजी राजमती देवी को सांस लेने में तकलीफ हुई। उन्हें हाटा स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर वहां एंबुलेंस वालों ने घेर लिया और सस्ता इलाज का झांसा देकर न्यू लोटस हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
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पहले भी हो चुकी है शिकायत
बाबूलाल ने बताया कि दूसरे दिन 28 हजार रुपये जमा कराए गए और 5300 रुपये की रसीद दी गई। फिर 4300 रुपये एमआरआई के लिए, आईसीयू में शिफ्ट करने पर जहरीली गैस की जांच के नाम पर 4500 व ब्लड जांच के लिए 2500 रुपये लिए गए। इसके बाद 65 हजार रुपये और जमा कराए गए लेकिन उसकी रसीद नहीं दी गई। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए।
कुशीनगर के बदलछपरा निवासी केदार ने भी जिला प्रशासन से न्यू लोटस हॉस्पिटल की शिकायत की है। बताया कि दो मार्च को मेरे मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज से किंग जार्ज मेडिकल यूनवर्सिटी, लखनऊ के लिए रेफर किया गया। लेकिन धोखेबाज बरगलाकर न्यू लोटल हॉस्पिटल लेकर चले आए। जहां लाखों रुपये की वसूली की गई।
एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कुशीनगर के रहने वाले बाबूलाल ने बृहस्पतिवार की शाम को मोबाइल पर सूचना दी कि उनके मरीज को बहला-फुसलाकर न्यू लोटस हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। उनसे 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। मौके पर जाने पर पता चला कि वहां कई और मरीज भर्ती कराए गए हैं। मरीज को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कराया गया। अस्पताल पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि मामले की शिकायत मिलने पर एडिशनल सीएमओ को जांच के लिए एडीएम वित्त के साथ भेजा गया था। काफी अनियमितता मिली है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
न्यू लोटस हॉस्पिटल के निदेशक अनूप सिंह ने कहा कि मरीज का इलाज किया जा रहा था। इलाज में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है। मरीज की हालत भी ठीक है। नियमानुसार रुपये लिए गए हैं। ज्यादा रुपये लेने की बात गलत है।
कुशीनगर के बदलछपरा निवासी केदार ने भी जिला प्रशासन से न्यू लोटस हॉस्पिटल की शिकायत की है। बताया कि दो मार्च को मेरे मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज से किंग जार्ज मेडिकल यूनवर्सिटी, लखनऊ के लिए रेफर किया गया। लेकिन धोखेबाज बरगलाकर न्यू लोटल हॉस्पिटल लेकर चले आए। जहां लाखों रुपये की वसूली की गई।
एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कुशीनगर के रहने वाले बाबूलाल ने बृहस्पतिवार की शाम को मोबाइल पर सूचना दी कि उनके मरीज को बहला-फुसलाकर न्यू लोटस हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। उनसे 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। मौके पर जाने पर पता चला कि वहां कई और मरीज भर्ती कराए गए हैं। मरीज को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कराया गया। अस्पताल पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि मामले की शिकायत मिलने पर एडिशनल सीएमओ को जांच के लिए एडीएम वित्त के साथ भेजा गया था। काफी अनियमितता मिली है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
न्यू लोटस हॉस्पिटल के निदेशक अनूप सिंह ने कहा कि मरीज का इलाज किया जा रहा था। इलाज में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है। मरीज की हालत भी ठीक है। नियमानुसार रुपये लिए गए हैं। ज्यादा रुपये लेने की बात गलत है।