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स्वामी चिन्मयानंद ने तोड़ा मौन व्रत, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का किया स्वागत
Mon, 02 Sep 2019 09:25 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 02 Sep 2019 09:25 PM IST
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chinmayanand
- फोटो : सोशल मीडिया
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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने अपना मौन व्रत तोड़ दिया है। उन्होंने सबसे पहले अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वह मंगलवार शाम को शाहजहांपुर आकर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके ऊपर लगाए गए आरोपों की स्थिति और उनसे 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने के मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। चिन्मयानंद ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह ठीक नहीं हुआ।
स्वामी ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि इनमें एक लोग तो विद्यार्थी परिषद से भाजपा के बड़े पद पर पहुंचे हैं वह इस पूरे प्रकरण में उनके खिलाफ लगे रहे। शाहजहांपुर में इस तरह की मनोवृत्ति ठीक नहीं है। पार्टी के अंदर कुछ ऐसे लोग हैं जो रुपयों के लालच में काम करते हैं और उनके खिलाफ इस प्रकरण में रुपये के लालच में हवा देने का काम किया गया।
उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण के दौरान उनकी दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ा। सोमवार को भी 50 साधु संत उनसे मिलने आए जो पूरी तरह से उनके साथ हैं। स्वामी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस की प्रियंका गांधी के अलावा किसी भी राजनीतिक व्यक्ति ने उन्हें टारगेट नहीं किया बाद में वह भी पीछे हट गईं।
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स्वामी ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि इनमें एक लोग तो विद्यार्थी परिषद से भाजपा के बड़े पद पर पहुंचे हैं वह इस पूरे प्रकरण में उनके खिलाफ लगे रहे। शाहजहांपुर में इस तरह की मनोवृत्ति ठीक नहीं है। पार्टी के अंदर कुछ ऐसे लोग हैं जो रुपयों के लालच में काम करते हैं और उनके खिलाफ इस प्रकरण में रुपये के लालच में हवा देने का काम किया गया।
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उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण के दौरान उनकी दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ा। सोमवार को भी 50 साधु संत उनसे मिलने आए जो पूरी तरह से उनके साथ हैं। स्वामी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस की प्रियंका गांधी के अलावा किसी भी राजनीतिक व्यक्ति ने उन्हें टारगेट नहीं किया बाद में वह भी पीछे हट गईं।
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स्वामी चिन्मयानंद ने अमर उजाला की निष्पक्ष पत्रकारिता पर आभार जताया
शाहजहांपुर स्वामी चिन्मयानंद पर लगाए गए गंभीर आरोप के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से एसआईटी टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने छात्रा और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए जाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईटी आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में गठित होगी जिसमें पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग करने को कहा है।
स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ को गई टीम वापस लौटी
स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि उनसे पूछताछ करने के लिए शाहजहांपुर से एक टीम आई थी लेकिन उस वक्त वह आश्रम के बाहर साधना कक्ष में थे। वह साधना कक्ष से बाहर निकले तो पता चला की पूछताछ को आई टीम वापस चली गई है।
स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ को गई टीम वापस लौटी
स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि उनसे पूछताछ करने के लिए शाहजहांपुर से एक टीम आई थी लेकिन उस वक्त वह आश्रम के बाहर साधना कक्ष में थे। वह साधना कक्ष से बाहर निकले तो पता चला की पूछताछ को आई टीम वापस चली गई है।