गाजियाबाद में सिपाही का हत्यारा कौन?: पांच दिन बाद भी सुराग नहीं, गांव बना है छावनी; सवालों के घेरे में अफसर
गाजियाबाद के नाहल गांव में नोएडा पुलिस के सिपाही सौरभ देशवाल की हत्या के मामले में अभी तक हत्यारे का कोई सुराग नहीं मिला है। गांव अभी भी छावनी में तब्दील है। वहीं 15 को जेल और 60 से पूछताछ हो चुकी है।
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25 मई को नाहल गांव के मुख्य चौराहे पर गौतमबुद्धनगर पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही सौरभ देशवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद देहात जोन की पुलिस ने नाहल गांव को छावनी में तब्दील कर दिया और 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
60 से अधिक लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और सर्विलांस के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस घटना के पांच दिन बाद भी ये पता नहीं लगा पाई कि आखिर सिपाही सौरभ का वास्तविक हत्यारा कौन है, कौन से हथियार से गोली चलाई गई, सिपाही को गोली लगी तो उसका कारतूस कहां है? ऐसे सवालों पर पुलिस के अधिकारी मौन साधे हैं।
सिपाही सौरभ देशवाल की हत्या किसी गली, जंगल या अंधेरे में नहीं हुई। नाहल के मुख्य रास्ते पर जलती स्ट्रीट लाइट की रोशनी में बाइक सवार सिपाही को गोली लगी। घटना के दौरान मौके पर मात्र दो दर्जन लोग ही मौजूद होने की पुष्टि भी पुलिस कर रही है। गोली किसने चलाई और कौन से दिशा से चली इसकी जानकारी पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है।
पुलिस की पटकथा के अनुसार टीम पर हिस्ट्रीशीटर के भाई आदिल ने अपने साथियों के साथ हमला किया। खाकी ने आदिल को भी मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ भी की है, इसके बावजूद गोली चलाने वाले की शिनाख्त पुलिस ने उजागर नहीं की है। ऐसे में नाहल और आसपास के क्षेत्र के लोग ऐसे सवाल कौंध रहे हैं।
न्याय के मंदिर में कुछ अनसुलझे सवाल जरूर खड़े होंगे। क्राइम ब्रांच के सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि पुलिस केस काफी कमजोर है। सिपाही की हत्या में कौन से असलहा प्रयोग किया गया। खोखा कारतूस बरामद क्यों नहीं कर पाई पुलिस, गौतमबुद्धनगर पुलिस और भीड़ के बीच फायरिंग की संख्या कितनी है, मौके से कितने कारतूस बरामद किए गए। आदिल की उम्र क्या है, कहीं नाबालिग तो नहीं। आदिल का आपराधिक इतिहास में मात्र एक मुकदमा कुछ ऐसे सवालों में पुलिस के केस को कमजोर बना सकते हैं।
पुलिस की आठ टीमें जांच कर रही हैं। फोरेंसिंक टीम ने भी कुछ नमूने मौके से लिए थे। वारदात के समय वहां मौजूद आरोपियों की पहचान हो चुकी है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। -सुरेंद्रनाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण।
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