फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

विधायक के भाई की कुर्की की अर्जी में लगा दिए सात महीने

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:46 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
विधायक के भाई की कुर्की की अर्जी में लगा दिए सात महीने
विज्ञापन

गाजियाबाद। पिछले साल 9 अक्तूबर को लोहिया नगर में हुए नरेश त्यागी हत्याकांड को लेकर पुलिस सवालों के घेरे में है। हत्या में फरार चल रहे भाजपा विधायक के भाई गिरीश पाल त्यागी की कुर्की की अर्जी लगाने में ही पुलिस ने 7 महीने लगा दिए। पुलिस को कुर्की की अधिसूचना का नोटिस 18 मार्च को मिला था। नियमानुसार एक महीने में कुर्की हो जानी चाहिए थी।
नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर पुलिस पर सत्तापक्ष के दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
विज्ञापन

अभिषेक त्यागी ने आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या का षड्यंत्र गिरीश पाल त्यागी और जितेंद्र त्यागी ने रचा। पुलिस ने जितेंद्र त्यागी समेत चार लोगों को जेल भेज दिया था, लेकिन गिरीश पाल त्यागी फरार चल रहा है। आरोप लगाया कि पुलिस की कमजोर पैरवी के चलते जितेंद्र त्यागी हाल ही में जमानत पर छूट चुका है और उन्हें अंदेशा है कि वह गिरीश पाल त्यागी के संपर्क में है। दोनों मिलकर उनकी या उनके किसी परिजन की हत्या की साजिश रच सकते हैं। अभिषेक त्यागी का कहना है कि अगर पुलिस उन्हें गुमराह न करती तो वह कोर्ट में पैरवी के लिए खुद वकील खड़ा कर लेते।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक साल बाद भी इनाम नहीं किया घोषित
अभिषेक त्यागी का कहना है कि गिरीश पाल त्यागी के पिता राजपाल त्यागी पूर्व केबिनेट मंत्री हैं और भाई अजीत पाल त्यागी मौजूदा भाजपा विधायक हैं। दोनों ही गाजियाबाद बार एसोसिएशन में अधिवक्ता के तौर पर रजिस्टर्ड हैं। राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने कुर्की तो दूर, गिरीश पाल त्यागी पर इनाम भी घोषित नहीं किया। कुर्की करने की बजाय 10 अक्तूबर को गिरीश पाल त्यागी पर 74ए (कोर्ट की अवहेलना) का केस दर्ज कर लिया।
दहशत में छोड़ चुके हैं घर
अभिषेक त्यागी ने कहा कि गिरीश त्यागी और उनके घर के बीच चार मकानों का फासला है। फरार आरोपी कोई वारदात न कर दे, इसके लिए वह लोहिया नगर का मकान छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरीश त्यागी पूर्व में कई हत्याएं कर चुका है। ऐसे में वह उनकी व अन्य परिजन की भी हत्या करा सकता है।
हमें सिर्फ एक लाइसेंस दिया, आरोपी का निरस्त नहीं किया
अभिषेक त्यागी ने पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पिता की हत्या के बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों के लिए चार शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था, लेकिन मिला सिर्फ एक है। फरार चल रही गिरीश त्यागी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त भी नहीं किया। उनका कहना है कि जिला पंचायत चुनाव में उनके घर से सुरक्षा भी हटा ली गई।

कोट......
पुलिस किसी दबाव में काम नहीं कर रही। 82 का नोटिस तामील कराने के बाद भी कोर्ट में पेश न होने पर गिरीश पाल त्यागी के खिलाफ कोर्ट की अवहेलना का केस दर्ज किया जा चुका है। अब कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी है। कोर्ट से आदेश मिलते ही कुर्की की जाएगी।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed