फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   टूर-ट्रैवल्स कारोबारी के फ्लैट पर फर्जीवाड़ा कर चार बार लिया लोन, रिपोर्ट दर्ज

टूर-ट्रैवल्स कारोबारी के फ्लैट पर फर्जीवाड़ा कर चार बार लिया लोन, रिपोर्ट दर्ज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:12 AM IST
विज्ञापन
टूर-ट्रैवल्स कारोबारी के फ्लैट पर फर्जीवाड़ा कर चार बार लिया लोन, रिपोर्ट दर्ज
टूर-ट्रैवल्स कारोबारी के फ्लैट पर फर्जीवाड़ा कर चार बार लिया लोन
विज्ञापन

गाजियाबाद। प्रताप विहार में टूर एंड ट्रैवल्स कारोबारी के फ्लैट की रजिस्ट्री कई लोगों के नाम कर दी गई। यही नहीं हर रजिस्ट्री पर लाखों रुपये का लोन ले लिया गया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब किस्त जमा न होने पर बैंक कर्मचारी फ्लैट पर पहुंचे। कारोबारी की शिकायत पर विजयनगर थाने में बिल्डर रमेश चंद गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

टूर एंड ट्रैवल्स कारोबारी विमल ढींगरा का कहना है कि मार्च 2011 में उन्होंने प्रताप विहार सेक्टर-12 में लक्ष्मी पति बिल्डकॉन से 35 लाख में ग्राउंड फ्लोर पर फ्लैट खरीदा था। फ्लैट पर बिल्डर की ओर से ही पंजाब एंड सिंध बैंक से 20 लाख रुपये का लोन करवाया गया था। उन्होंने 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। वह परिवार के साथ तभी से यहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2017 में डीएचएफएल की टीम वहां पहुंची और बताया कि इस घर पर 40 लाख रुपये का लोन है और उसकी किस्त नहीं जमा की जा रही हैं। उन्होंने इससे इंकार किया और अपने लोन की जानकारी दी। पता चला कि एक दूसरा लोन सतेंद्र पाल सिंह के नाम पर हुआ है। उन्होंने बिल्डर रमेश गुप्ता को इसके बारे में बताया। विमल का कहना है कि बिल्डर ने माना कि उन्होंने लोन लिया था, लेकिन जल्द ही इसे चुकाने की बात कही। इसके बाद भी लोन नहीं चुकाया गया। 23 मार्च 2019 को बैंक उनके घर पर नोटिस चस्पा कर मकान खाली करने की हिदायत दी। अब मेहनत की कमाई से खरीदे गए घर को हाथ से जाते देख परेशान कारोबारी ने विजयनगर थाने में इसकी शिकायत दी। थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने पर उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। उनके निर्देश पर विजयनगर थाने में बुधवार को बिल्डर के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। विमल का कहना है कि जानकारी करने पर पता चला कि उनके फ्लैट पर चार बार लोन लिया जा चुका है, जबकि रजिस्ट्री उनके नाम पर है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने बिना पड़ताल किए लोन पास कैसे कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed