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CBSE 12th Results 2019: होनहारों का बुलंदी पर हौसला... लक्ष्य पर नजर

Fri, 03 May 2019 06:04 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 03 May 2019 06:04 AM IST
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CBSE 12th Result 2019: Success Stories of Toppers, Encouragement on the height, eye on target
सीबीएसई कक्षा 12वीं के टॉपर - फोटो : Amar Ujala Graphics

आईएफएस अफसर बनना हंसिका का लक्ष्य

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सीबीएसई 12वीं के नतीजों में ऑल इंडिया टॉप करने वाली डीपीएसजी मेरठ रोड की छात्रा हंसिका शुक्ला का सपना सिविल सर्विसेज परीक्षा उत्तीर्ण कर इंडियन फॉरेन सर्विसेज (आईएफएस) में अफसर बनकर देश की सेवा करने का है। पीएम की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से प्रभावित हंसिका ने मुहिम को सामाजिक बदलाव का बढ़ा जरिया बताया। 12वीं में 99.8 फीसदी अंक पाने वाली हंशिका का अगला लक्ष्य दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज में प्रवेश लेकर मनोविज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल करने का है।

हंसिका ने बताया कि पढ़ाई का कोई खास शेड्यूल नहीं बनाया था। बगैर कोचिंग के नियमित छह से सात घंटे पढ़ाई करती थी और एग्जाम के दिनों में टॉपिक क्लीयर होने तक देर रात तक पढ़ती थी। अंग्रेजी में ही मार्क्स को लेकर थोड़ी चिंता थी, इसलिए सबसे ज्यादा मेहनत उसी विषय में की। लेकिन अंग्रेजी में एक नंबर कट गया। हंसिका शुक्ला के पिता साकेत कुमार राज्यसभा में डिप्टी सेक्रेटरी और मां डा. मीना शुक्ला विद्यावती मुकुंदलाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र की प्रोफेसर हैं। वहीं, बड़ा भाई अविरल शुक्ला आईएमएस कॉलेज में बीबीए फाइनल ईयर के छात्र हैं। हंसिका ने बताया कि सोशल मीडिया के साथ मोबाइल से बीते एक साल से दूरी बनाकर रखी। तनाव को दूर करने के लिए अपना फेवरिट खेल बैडमिंटन खेलने के साथ फेवरिट बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल के गाने सुना करती थी।
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बैडमिंटन में इंटरनेशनल प्लेयर पीवी सिंधू और ओलपियन गोल्ड मेडलिस्ट केरोलीना मेरिन को पसंदीदा खिलाड़ी बताया। हंसिका को स्वीमिंग करना भी पसंद है। मां मीना शुक्ला को आदर्श बताने वाली हंसिका कहती हैं कि मां ही उनकी पढ़ाई, खाने के साथ किस टॉपिक पर अधिक ध्यान देना है, उसका ख्याल रखती थीं। परीक्षा से पहले ही जंक फूड को खाना बंद कर दिया था। केवल घर का सादा खाना खाया करती थी। बड़े भाई के मोटिवेशन ने बहुत काम किया। स्कूल की हेड मिस्ट्रेस सुपर्णा कृष्णन और अंग्रेजी व क्लास टीचर अभिलाषा व अन्य टीचरों के मार्गदर्शन ने सफलता हासिल करने में बड़ा योगदान दिया। उसने बताया कि एग्जाम का प्रेशर नहीं लेने के साथ रिजल्ट की परवाह किए बगैर तैयारी करने को सफलता का मंत्र बताया।
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हंसिका के अंकों पर एक नजर : अंग्रेजी 100, राजनीति शास्त्र 100, इतिहास 100, मनोविज्ञान 100, संगीत 100 और अंग्रेजी 99
 
हंसिका के सफलता के पांच सूत्र
- रिजल्ट की परवाह किए बगैर करते रहे मेहनत।
- तनाव की दशा में परिजनों से करें बातचीत।
- पढ़ाई के साथ अपने पसंदीदा खेल व अन्य रुचि पर भी दें ध्यान।
- लक्ष्य करें निर्धारित, नियमित करते रहे प्रयास।
- सेहत पर ध्यान देने व जंक फूड की जगह घर के खाने को दें तरजीह।

परिश्रम करेंगे, तो सफलता मिलेगी ही- करिश्मा अरोरा

एसडी पब्लिक स्कूल की छात्रा करिश्मा अरोरा ने सीबीएसई इंटरमीडिएट में 499 अंक हासिल करके ऑल इंडिया टॉपर बन कर जिले का नाम रोशन कर दिया। बेटी की इस कामयाबी से परिजनों और स्कूल में जश्न का माहौल है। 

शहर के नई मंडी क्षेत्र की एटूजेड कालोनी निवासी करिश्मा अरोरा के पिता मनोज कुमार अरोरा जैविक खाद बनाने का कारोबार करते हैं, जबकि मां मोनिका अरोरा गृहिणी हैं। उसकी बड़ी बहन भूमिका अरोरा गार्गी कॉलेज दिल्ली की बीकॉम छात्रा है। करिश्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और स्कूल की प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना को दिया। करिश्मा का सपना डांस थेरेपिस्ट और साइकोलॉजिस्ट बनना है। वह बीते सात सात से दिल्ली की कत्थक गुरु गीतांजलि लाल से कत्थक का प्रशिक्षण ले रही है। करिश्मा ने बताया कि लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम कर उसने यह सफलता अर्जित की है। वह अच्छी डांसर बनने के साथ समाजसेविका बनना चाहती है। उसने रोजाना आठ घंटे अध्ययन किया। करिश्मा हाईस्कूल में भी होली एंजिल्स स्कूल टॉप किया था।

सोशल मीडिया से किया परहेज
करिश्मा ने बताया कि उसने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से परहेज किया। किसी व्हाट्सअप, फेसबुक आदि नहीं चलाया। यहां तक कि टेलीविजन भी नहीं देखा। परिजनों ने भी टीवी बंद रखा।

ट्यूशन नहीं किया
करिश्मा ने बताया कि उसने ट्यूशन नहीं किया। मां मोनिका, टीचर ने पूरा सपोर्ट किया। स्कूल में पढ़ाई के बाद घर पर ही प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई की। बिना ट्यूशन के उसने यह सफलता हासिल की है।

करिश्मा की सफलता की कहानी
सफलता की कहानी:
सीबीएसई ऑल इंडिया टॉपर
परीक्षा: इंटरमीडिएट
नाम:- करिश्मा अरोरा
प्राप्त अंक :-99.80 प्रतिशत
पूर्णाक:- 499/500
लक्ष्य:- डांस थेरेपिस्ट और साइकोलॉजिस्ट बनना
सफलता का मंत्र-लक्ष्य निर्धारित करके कठिन परिश्रम कर पाई सफलता
विषयवार प्राप्त अंकों का ब्योरा
अंग्रेजी- 100
गृह विज्ञान-100
फाइन आर्ट-100
अर्थशास्त्र-99
मनोविज्ञान-100

गौरांगी ने देश में पाया दूसरा स्थान, आईएएस बनने की तमन्ना

 सीबीएसई के बृहस्पतिवार को घोषित 12वीं के नतीजों में ऋषिकेश की गौरांगी चावला ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि प्रदेश में टॉप किया है। गौरांगी ने परीक्षा में 498 अंक प्राप्त किए हैं। निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल ऋषिकेश की होनहार छात्रा गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99 और राजनीति विज्ञान में 99 जबकि इतिहास, शारीरिक शिक्षा तथा भूगोल विषय में शत प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यावसाय तथा माता श्वेता चावला गृहणी हैं। 

गौरांगी चावला आगे चलकर आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। आगे पढ़ाई करने के लिए वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन 5 घंटे पढ़ाई करती थीं। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 9 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझें। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें। गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा में भी उन्होंने पूरी मेहनत की थी लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि वह मेरिट में स्थान बना पाएंगी।
  
दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा केएल चावला को मानती हैं। उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे, जिनका पिछले वर्ष निधन हुआ। गौरांगी ने अपनी सफलता का श्रेय खासकर अपनी माता को दिया है। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खानपान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

नहीं ली कोचिंग
टॉपर गौरांगी ने बताया कि उन्होंने कोचिंग क्लास नहीं ली, घर पर ही परीक्षा की तैयारी की। इसके अलावा जब उन्हें समय मिला वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी एक्टिव रही।

कोचिंग का नहीं लिया सहारा... खुद पर किया भरोसा

 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की 12वीं की परीक्षा में रायबरेली की एक होनहार छात्रा ऐश्वर्या ने अपनी प्रतिभा की बदौलत पूरे देश में नाम रोशन किया है। साधारण परिवार की इस लाडली बेटी की सफलता से उसके तिलक नगर स्थित घर और गोरा बाजार स्थित केंद्रीय विद्यालय में जश्न का माहौल है। इस उपलब्धि से हर कोई फूला नहीं समा रहा है। ऐश्वर्या ने 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ ऑल इंडिया स्तर पर दूसरी रैंक हासिल की है। उसका सपना आईएएस बनने का है, जिसे पूरा करने के लिए माता-पिता भी हर मुश्किल और संघर्ष से जूझने को तैयार हैं।

शहर के तिलक नगर निवासी संजय कुमार सिन्हा और रिंकू सिन्हा की होनहार बेटी ऐश्वर्या केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक से पढ़ती थी। इस बार उसने इंटर की परीक्षा दी थी। जिसमें 99.6 प्रतिशत अंक अर्जित करके पूरे देश में दूसरी रैंक बनाई है। पिता संजय सिन्हा राजकीय कॉलोनी में ही स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। तमाम सुख-सुविधाओं से दूर रहने वाले इस साधारण परिवार की होनहार बेटी ऐश्वर्या ने जो कर दिखाया, वह दूसरों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। ऐश्वर्या ने भूगोल, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी विषय में 100-100 नंबर और हिंदी, इतिहास में 99-99 नंबर हासिल किए हैं। उसने हाईस्कूल में भी 10 सीजीपीए के साथ सफलता अर्जित की थी। ऐश्वर्या का कहना है कि उसने कभी पढ़ाई के लिए टाइम फिक्स नहीं किया, बल्कि हर रोज एक टारगेट फिक्स करती है।

इस टारगेट के पूरा होने तक पढ़ाई करती थी। कभी भी सिर्फ स्कूल की किताबों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। अध्ययन करने के लिए स्कूल के अध्यापकों से बेहिचक पूछती, पापा के शिक्षक दोस्तों की भी मदद ले लेती थी और सोशल मीडिया से दूर रहती थी। उसने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। स्वयं मेहनत की। ऐश्वर्या वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही अध्यापकों को देती है। कहती है कि जब भी जरूरत पड़ी, सबने पूरा सहयोग किया। कभी-कभी कुछ सवालों को लेकर निराशा भी हुई, लेकिन सबने हर मुश्किल में साथ दिया। माता-पिता ने कभी पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं बनाया, इसीलिए उसने अपने मनचाहे विषय चुने और मन लगाकर पढ़ाई की। माता-पिता भी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए हर तरह के संघर्ष से जूझने को तैयार हैं।

आईएएस बन देश की सेवा करना चाहती है भव्या भाटिया

जींद रोड स्थित बीआरएसके इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा भव्या भाटिया ने सीबीएसई द्वारा घोषित परिणाम में देशभर में दो अन्य के साथ सेकेंड टॉपर रही। भव्या ने यह सब बिना कोचिंग के कर दिखाया है। भव्या ने अंग्रेजी में 98 अंकों के साथ आर्ट संकाय के सभी विषयों में पूरे 100-100 अंक प्राप्त किए हैं। 

 पानीपत जिले के गांव उरलाना कलां की रहने वाली भव्या 12 किलोमीटर दूर सफीदों के बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल में एलकेजी से ही शिक्षा ग्रहण कर रही है। भव्या के पिता विकास सफीदों और पानीपत में बुक डीलर का कार्य करते हैं। मां रंजू उरलाना कलां के प्राइवेट स्कूल में अंग्रेजी विषय की अध्यापिका हैं। भव्या ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए इंटरनेट का सहारा तो लिया, लेकिन सिर्फ पढ़ाई के लिए। इस दौरान वह सोशल मीडिया से दूर रही। यहां तक की टीवी पर भी सिर्फ समाचार ही देखती थी।

भव्या ने बताया कि वह आईएएस अधिकारियों से जुड़ी जानकारियां इंटरनेट पर ढूंढती रहती है। आज तक उसने कभी भी कोचिंग नहीं ली। भव्या ने बताया कि उसका सपना आईएएस अधिकारी बनना है। शिक्षा के क्षेत्र में साथ-साथ वह खेलों भी भविष्य आजमा रही है। उसने बताया कि शुरू से ही वह पढ़ाई में आगे रही। स्कूल में होने वाली हर प्रतियोगिता में वह भाग लेती है। भाषण व गायन व नृत्या उनकी पसंद है। भव्या ने बताया कि वह टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई नहीं करती थी, बल्कि जब उसे समय मिलता था तभी पढ़ने बैठ जाती थी। 

पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए कुछ करना चाहती है भव्या
परीक्षा परिणाम के बाद जब भव्या भाटिया अपने स्कूल पहुंची वे वह इतनी खुश थी कि भावुक हो गई। भव्या ने बताया कि वह सिर्फ किताबी कीड़ा बनकर नहीं रही, लेकिन पढ़ाई मन लगाकर की। भव्या बहुत ही साधारण परिवार से आती है। उसने बताया कि वह घर के काम में मां का हाथ बटाती थी और बिना कोचिंग लिए ही उसने इस सफलता को हासिल किया है। भव्या ने 500 में से 498 अंक प्राप्त किए हैं। भव्या के अनुसार वह सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई करती थी। वह 2006 से अपने गांव से 12 किलोमीटर दूर सफीदों के बीआरएसके इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही है। भव्या की इस सफलता पर स्कूल संचालक सुरेश गुप्ता और स्टाफ ने  मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी।

परीक्षा परिणाम
अंग्रेजी   98
अर्थ शास्त्र 100
इतिहास    100
राजनीतिक विज्ञान 100
हिंदी         100
कुल अंक   498/500 

 

ऑल इंडिया दिव्यांग कैटेगरी में गुरुग्राम की लावण्या ने रचा इतिहास

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में गुरुग्राम के सेक्टर-62 स्थित हेरिटेज स्कूल की छात्रा लावण्या बालकृष्णन ने 489 अंक के साथ देश में स्पेशल केटेगरी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। 

लावण्या ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि उन्हें कठिन परिश्रम का इनाम मिला है। यह उनके लिए बहुत ही बड़ा दिन है। ऑल इंडिया दिव्यांग श्रेणी में टॉपर लावण्या ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपनी मां जया बाला कृष्णन को दिया। उसने बताया कि परिणाम के बारे में मां ने ही टॉपर होने की सूचना दी। उन्हें यह खबर सुनकर विश्वास ही नहीं हुआ, लेकिन जब परिणाम देखा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने 12वीं में 97.3 फीसदी अंक हासिल किए हैं।  

श्रवण शक्ति में हैं दिव्यांग 
वह श्रवण शक्ति में दिव्यांग हैं। एचआर पद पर कार्यरत उनकी मां ने बताया कि जब लावण्या कक्षा छह में थी तो उसे वायरल (बुखार) और चिकन पॉक्स हो गया था। इसके बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होने के साथ ही सुनने की शक्ति कम हो गई। शुरू में बहुत परेशानी हुई, लेकिन कठिन मेहनत कर इस कमजोरी को मैंने दूर कर दिया। लावण्या कहती हैं कि अब इस कमी के कारण कोई खास परेशानी नहीं होती। सिर्फ ग्रुप डिस्कशन, कक्षा में वीडियो चलने पर दिक्कत आती है। 

12 घंटे पढ़ाई कर किया टॉप
वह सामान्य दिनों में 6 घंटे और परीक्षा के दिनों में 12 घंटे पढ़ाई करती थी। वह ग्राफिक्स  डिजाइन के क्षेत्र में जाने की इच्छा रखती है। 

पेंटिंग का है शौक, तबला बजाना है भाता
पढ़ाई के साथ ही लावण्या को पेंटिंग करने का शौक है। इसके साथ ही अंग्रेजी गाने सुनना व तबला बजाना भी अच्छा लगता है। खाली समय में वह किताबें पढ़ती हैं।  उसकी मां व स्कूल प्रबंधन ने कहा कि हमें उस पर पर गर्व है। वह किसी भी बाधा को अपने ऊपर हावी होने नहीं देती। जो उसने हासिल किया है कई छात्र सभी संसाधनों के बावजूद वह हासिल नहीं कर पाते। वहीं लावण्या के पिता केके बाला कृष्णणन जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन उसकी कठिन परिश्रम का परिणाम है।  लावण्या के परिवार में माता-पिता के अलावा बड़ी बहन है, जो फैशन डिजाइनर है।

सोशल साइट से बनाई दूरी
लावण्या की सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, व्हॉट्सएप, ट्विटर में कोई दिलचस्पी नहीं है। किसी भी सोशल साइट्स पर उनका अब तक कोई अकाउंट नहीं बना है।
अंकतालिका
अंग्रेजी            - 92
राजनीति विज्ञान     -100
सामाजिक विज्ञान     - 99
गृह विज्ञान में         -99     
चित्रकारी में         - 99 
कुल    -        489

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