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Uttarakhand News : रेशमा पटेल ने दस हजार मीटर वॉक रेस में बनाया नेशनल रिकॉर्ड, जीता स्वर्ण पदक

उत्तराखंड की खिलाड़ी रेशमा पटेल ने दस हजार मीटर वॉक रेस में नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। उत्तराखंड के लिए यह बड़ी उपलब्धि  है।

27 जनवरी 2021

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Digital Edition

एम्स दिल्ली की टीम करेगी कुंभ मेले की निगरानी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए निर्देश

हरिद्वार महाकुंभ में कोरोना से बचाव को लेकर केंद्र सरकार का खास फोकस है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली की विशेषज्ञ टीम को यहां की चिकित्सकीय सुविधाओं पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी राज्य सरकार को भी दे दी है।

27 फरवरी से प्रस्तावित महाकुंभ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने कुंभ में कोरोना से बचाव को लेकर एसओपी भी जारी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का तर्क है कि कोरोना का असर अभी देशभर में चल रहा है। लिहाजा, भीड़भाड़ वाले आयोजन में कोरोना से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिएं।

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राज्य सरकार की ओर से कुंभ में चिकित्सकों के अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम भी तैनात की जा रही है। इस टीम को सीधे एम्स दिल्ली से जोड़ा जा रहा है। यानी दिनभर में क्या आयोजन हुए, कितनी भीड़ आई, चिकित्सकीय इंतजाम क्या हैं, कोविड का मरीज आने पर क्या कदम उठाए गए, इन सभी बातों की रिपोर्ट सीधे केंद्र को जाएगी।

केंद्र सरकार का मकसद है कि कुंभ के दौरान कहीं भी कोविड महामारी फैलने की आशंकाएं खत्म हो जाएं। कुंभ की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रोजाना दिन में एक बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एम्स दिल्ली की टीम को सभी अपडेट उपलब्ध कराएगी।

इस दौरान अगर एम्स की टीम चाहेगी तो कोविड से बचाव के इंतजामों को लेकर और व्यवस्थाएं करवा सकती है। सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जो भी जरूरतें हैं, उन पर बैठक करने के बाद समयसीमा और प्रक्रिया तय कर ली गई है।
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एम्स दिल्ली एम्स दिल्ली

एक्सक्लूसिव: भारतीय सीमा से लगे क्षेत्रों में वाईफाई सुविधा से लैस हुआ चीन, जवानों को दे रहा आधुनिक सुविधाएं 

चीन ने भारतीय सीमा से सटे क्षेत्रों में वाईफाई सेवा का विस्तार कर दिया है। चीन के सैनिक वीडियो कॉल के माध्यम से आसानी से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं। हालांकि सीमा विवाद के बाद भारत भी सीमावर्ती गांवों में सुविधाएं देने में तेजी दिखा रहा है। इसके बावजूद मिलम और लिपुलेख के ऊपर तैनात भारतीय जवानों के पास संचार सेवा उपलब्ध नहीं है। हमारे जवान कठिन परिस्थितियों में भी सीमा पर पूरी मुस्तैदी से डटे हुए हैं। 

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चीन ने करीब 17 हजार फुट से ऊपर भारतीय सीमा से लगे कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग से आगे लिपुलेख टॉप, पाला, दुलुम, मूकरम, करनाली नदी, तकलाकोट मंडी (पुलांग) तक वाईफाई के जरिये संचार सेवा पहुंचा दी है।

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मुनस्यारी के मिलम क्षेत्र से आगे अपनी सीमा में चीन करीब 13 हजार फुट तक वाईफाई सेवा पहुंचा उपलब्ध करा चुका है। दूसरी तरफ भारत करीब नौ हजार फुट पर लास्पा, करीब 11 हजार फुट पर मिलम और करीब 13 हजार फुट ऊंचाई पर गुंजी तक वाईफाई सुविधा दे रहा है।

सीमा तक सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में भारत तेजी से काम कर रहा है लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र बर्फ से ढके होने के कारण विकास कार्यों में दिक्कत हो रही है। तापमान की कमी के कारण सीमा पर हॉटमिक्स कारगर नहीं है तो चीन तकनीकी का इस्तेमाल कर सड़कों को कोल्डमिक्स कर रहा है। भारतीय क्षेत्र में चीन सीमा तक मजबूत चट्टानें हैं। चीन की ओर से पठारी क्षेत्र होने के कारण वहां सड़कें बनाने में अड़चन भी कम हैं। 
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Haridwar Kumbh Mela 2021: सीएम त्रिवेंद्र बोले, ऐसा जोखिम नहीं लेंगे कि हरिद्वार वुहान बन जाए 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ऐसा जोखिम नहीं लेंगे कि हरिद्वार वुहान बन जाए, हमारी पहली लड़ाई कोविड के खिलाफ है। इसी बात को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने एसओपी जारी की है। मुख्यमंत्री ने ऐसा कहकर संकेत साफ कर दिए हैं कि इस बार का कुंभ श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या के लिहाज से सीमित और सुरक्षित होगा। केंद्र की एसओपी जारी होने के बाद अब राज्य सरकार को अपने स्तर से दिशा-निर्देश जारी करने हैं।

बुधवार को अल्मोड़ा दौरे पर रवाना होते वक्त मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि, हमारी पहली लड़ाई कोविड को लेकर है। कुंभ संक्रमण के फैलाव का कारण न बने, यही सोचकर केंद्र सरकार ने कोविड की गाइडलाइन जारी की है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार पहले भी हरिद्वार कुंभ में महामारी फैल चुकी है, तब हजारों लोगों की मृत्यु हो गई थी। कोई भी ऐसा काम नहीं होना चाहिए, जिससे जोखिम बढ़े। मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि कोरोना को लेकर सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है। उनकी इस प्रतिक्रिया को केंद्र की एसओपी के आधार पर लागू होने की प्रबल संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्य सरकार भी जारी करेगी एसओपी
केंद्र सरकार की एसओपी जारी होने के बाद अब राज्य सरकार के स्तर पर भी कुंभ को लेकर नई एसओपी जारी होगी। राज्य सरकार को रोज आने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या तय करनी है। राज्य की एसओपी में कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था, बॉर्डर पर खास तैनाती की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही मेले में कोविड की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए भी उपाय करने होंगे।
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Corona Vaccination in Uttarakhand: पहले चरण में 50 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 29 फीसदी हुआ टीकाकरण

उत्तराखंड में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों में उत्साह बढ़ रहा है। पहले चरण में 50 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष छह दिनों के भीतर 29 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड वैक्सीन लगवाई है। 28 जनवरी को भी प्रदेश के सभी 13 जिलों में कोरोना का टीका लगाया जाएगा।

उत्तराखंड में 16 जनवरी को कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरूआत की गई थी। तब से प्रदेश में छह दिन ही स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाई गई। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए सप्ताह में चार दिन वैक्सीन लगाने का दिन निर्धारित किया है।

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चार मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में अब तक सबसे अधिक कर्मियों ने वैक्सीन की पहली खुराक ली है, जबकि पर्वतीय जिलों में रुद्रप्रयाग जनपद में सबसे अधिक 991 कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई है।

राज्य कंट्रोल रूम के चीफ आपरेटिंग आफिसर डॉ.अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि जिला स्तर पर टीकाकरण बूथों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पहले 34 बूथों पर वैक्सीन लगाई जा रही थी, अब बूथों की संख्या 58 हो गई है। प्रदेश में 400 बूथों पर टीकाकरण के इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की अनुमति और दिशा-निर्देशों के अनुसार बूथों को बढ़ाया जा रहा है। 

प्रदेश को पहली खेप में 1.13 और दूसरी खेप में 92500 कोविशील्ड वैक्सीन मिली हैं। पहले चरण में वैक्सीन लगवाने के लिए प्रदेश भर के सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्यरत 87588 स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा तैयार किया गया था। 
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Uttarakhand Board Exam: 1347 केंद्रों पर 10 वीं-12वीं के 272313 परीक्षार्थी देंगे बोर्ड परीक्षा

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 272313 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रदेश भर में 1347 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जाएगी। हरिद्वार में सबसे अधिक तो चंपावत में सबसे कम परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा देंगे। सूत्रों के अनुसार मई माह में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं। हालांकि जून में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। 

बुधवार को बोर्ड ऑफिस के सभागार में आयोजित बैठक में बोर्ड सचिव डॉ. नीता तिवारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। कहा कि परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक भौतिक संसाधन एवं सुरक्षा आदि का निरीक्षण कर लिया जाए। सभी जनपदों को परीक्षा केंद्रों की सूची उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रदेश में विभिन्न जिलों की ओर से परीक्षा केंद्र घोषित किए जा चुके हैं। इसके अलावा बोर्ड के छात्र-छात्राओं से परीक्षा फार्म भरवाए जा चुके हैं। परिषदीय परीक्षा में हाईस्कूल में 148828 और इंटरमीडिएट में 123485 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे।

हरिद्वार में सबसे अधिक 44143 और चंपावत में सबसे कम 8255 परीक्षार्थी होंगे। पौड़ी में सबसे अधिक 166 और चंपावत में 40 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश में 223 संवेदनशील तथा 22 अतिसंवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं। स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत 43 नवीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पिछले साल की तुलना में 23 परीक्षा केंद्र अधिक बनाए गए हैं। बैठक में अपर सचिव एनसी पाठक, बीएमएस रावत, तारा दत्त पंत, भूपेंद्र सिंह आदि रहे।
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