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मंदिर पर कानून नहीं आया तो उग्र आंदोलन : स्वामी यतीद्रानंद
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:30 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग के समर्थन में पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि जी महाराज ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर सांकेतिक उपवास रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। अगर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश या कानून नहीं बनाया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए संत एकत्रित हो गए हैं। यदि उनके धैर्य का बांध टूटा तो ऐसी सुनामी आएगी कि कोई भी नहीं बच पाएगा। रविवार को एक दिवसीय उपवास पर बैठे पर स्वामी यतींद्रानंद को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारत विकास परिषद सहित कई पार्टी के नेताओं ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के छह दिसंबर को आमरण अनशन पर बैठने से पूर्व कोई सकारात्मक निर्णय आना चाहिए, नहीं तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से वादे के अनुरूप मंदिर निर्माण शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार कानून लाए और राम मंदिर ही नहीं बल्कि जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनाए।
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग के समर्थन में पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि जी महाराज ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर सांकेतिक उपवास रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। अगर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश या कानून नहीं बनाया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए संत एकत्रित हो गए हैं। यदि उनके धैर्य का बांध टूटा तो ऐसी सुनामी आएगी कि कोई भी नहीं बच पाएगा। रविवार को एक दिवसीय उपवास पर बैठे पर स्वामी यतींद्रानंद को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारत विकास परिषद सहित कई पार्टी के नेताओं ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के छह दिसंबर को आमरण अनशन पर बैठने से पूर्व कोई सकारात्मक निर्णय आना चाहिए, नहीं तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से वादे के अनुरूप मंदिर निर्माण शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार कानून लाए और राम मंदिर ही नहीं बल्कि जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनाए।
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