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14.13 लाख के घपले में फंसे पूर्व प्रधान-पूर्व सेक्रेटरी
अमर उजाला ब्यूरो सहपऊ (हाथरस)।
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:22 AM IST
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सहपऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मकनपुर के पूर्व प्रधान एवं पूर्व ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के विरुद्ध डीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत ने कोतवाली सहपऊ में 14 लाख 13 हजार 850 की सरकारी धनराशि गबन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। यह धनराशि शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को दी गई थी।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मकनपुर का चयन पिछली सरकार में चल रही समग्र लोहिया ग्राम योजना के अंतर्गत हुआ था। इसके अंतर्गत पंचायत के लिए 300 शौचालय निर्माण के सरकार की ओर से 27 लाख 30 हजार रुपये आवंटित किया था।
पूर्व प्रधान सरोज देवी पत्नी होरीलाल एवं पूर्व ग्राम पंचायत सेक्रेटरी अब सेवानिवृत्त ज्ञानप्रकाश वर्मा दोनों ने मिलकर ग्राम पंचायत में 148 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया। निर्मित 152 शौचालयों में भी नौ शौचालयों पर दरवाजा नहीं लगवाया, जिनकी कीमत 1,600 रुपये थी। 17 शौचालयों में शीट ही नहीं रखी, जिनकी कीमत 6,375 रुपये है। कुछ शौचालयों पर प्लास्टर नहीं कराया गया, जिसकी लागत 44,675 रुपये आंकी गई है। एक शौचालय की लागत 9,100 रुपये थी।
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शौचालय निर्माण में मिली इन अनियमितताओं के लिए ग्राम प्रधान एवं सेक्रेटरी पर 14 सितंबर 2016 को तत्कालीन डीएम ने 14.50 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दिए थे। प्रधान एवं सेक्रेटरी ने नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर इस मामले को पुन: जांच के आदेश करा लिए। तब से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी थी। वर्तमान डीएम के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने इस जांच को दोबारा शुरू कराया।
शिकायत सही पाने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश एडीओ पंचायत नाहर सिंह को दिए। दोपहर को एडीओ पंचायत एवं डीपीआरओ कार्यालय से आए अंबरीष अग्रवाल ने कोतवाली सहपऊ पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करा दी।
धाधऊ में भी सामने आया था मामला
गौरतलब है कि इससे पूर्व इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत धाधऊ में भी शौचालय और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आ चुका है, जिसमें पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पूर्व प्रधान के बेटे और पंचायत सचिव की गिरफ्तारी भी हुई थी, जबकि पूर्व प्रधान अभी फरार चल रहे हैं। इन सभी पर तकरीबन 44 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। अब इस तरह के दूसरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई ने ग्राम पंचायतों में खलबली मच गई है।
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गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मकनपुर का चयन पिछली सरकार में चल रही समग्र लोहिया ग्राम योजना के अंतर्गत हुआ था। इसके अंतर्गत पंचायत के लिए 300 शौचालय निर्माण के सरकार की ओर से 27 लाख 30 हजार रुपये आवंटित किया था।
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पूर्व प्रधान सरोज देवी पत्नी होरीलाल एवं पूर्व ग्राम पंचायत सेक्रेटरी अब सेवानिवृत्त ज्ञानप्रकाश वर्मा दोनों ने मिलकर ग्राम पंचायत में 148 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया। निर्मित 152 शौचालयों में भी नौ शौचालयों पर दरवाजा नहीं लगवाया, जिनकी कीमत 1,600 रुपये थी। 17 शौचालयों में शीट ही नहीं रखी, जिनकी कीमत 6,375 रुपये है। कुछ शौचालयों पर प्लास्टर नहीं कराया गया, जिसकी लागत 44,675 रुपये आंकी गई है। एक शौचालय की लागत 9,100 रुपये थी।
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शौचालय निर्माण में मिली इन अनियमितताओं के लिए ग्राम प्रधान एवं सेक्रेटरी पर 14 सितंबर 2016 को तत्कालीन डीएम ने 14.50 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दिए थे। प्रधान एवं सेक्रेटरी ने नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर इस मामले को पुन: जांच के आदेश करा लिए। तब से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी थी। वर्तमान डीएम के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने इस जांच को दोबारा शुरू कराया।
शिकायत सही पाने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश एडीओ पंचायत नाहर सिंह को दिए। दोपहर को एडीओ पंचायत एवं डीपीआरओ कार्यालय से आए अंबरीष अग्रवाल ने कोतवाली सहपऊ पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करा दी।
धाधऊ में भी सामने आया था मामला
गौरतलब है कि इससे पूर्व इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत धाधऊ में भी शौचालय और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आ चुका है, जिसमें पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पूर्व प्रधान के बेटे और पंचायत सचिव की गिरफ्तारी भी हुई थी, जबकि पूर्व प्रधान अभी फरार चल रहे हैं। इन सभी पर तकरीबन 44 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। अब इस तरह के दूसरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई ने ग्राम पंचायतों में खलबली मच गई है।