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गोल्ड मेडलिस्ट पूनम यादव पर हमले के मामले में हो गया समझौता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:51 AM IST
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स्वर्ण पदक विजेता पूनम यादव
- फोटो : file photo
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कामनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पूनम यादव और उनके रिश्तेदारों से मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में मुंगवार गांव के बड़े बुजुर्गों और रिश्तेदारों के हस्तक्षेप के बाद शनिवार रात दो बजे समझौता हो गया।
दोनों पक्षों ने रोहनिया थानाध्यक्ष को लिखित दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। साथ ही, तय किया कि विवादित जमीन का मसला दोनों पक्ष एसडीएम राजातालाब के यहां जाकर सुलझाएंगे और भविष्य में दोबारा विवाद नहीं करेंगे।
इसके अलावा मारपीट से भयभीत होकर रिश्तेदारी में गई पूनम की बुआ और उनके परिवार के लोग रविवार को मुंगवार स्थित अपने घर लौट आए। वहीं, एहतियातन गांव में पुलिस का चक्रमण जारी रहा।
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शिवपुर थाना अंतर्गत दांदूपुर गांव की पूनम यादव अपने परिजनों के साथ शनिवार की सुबह मुंगवार स्थित अपने फूफा कैलाश यादव और बुआ मंजू यादव से मुलाकात करने उनके घर गई थी।
इसी दौरान कैलाश के पिता मिट्ठू यादव और उनके पड़ोसी लुल्लुर यादव के बीच जमीन विवाद के पुराने मामले को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसमें दोनों पक्ष से 12 लोग घायल हुए जबकि दो दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।
मामले की शिकायत लेकर पूनम के साथ ही दूसरा पक्ष रोहनिया थाने पहुंचा। उधर, घटना में पूनम का नाम आता देख क्षेत्र के संभ्रांत लोग खासे आहत थे। इसी वजह से मुंगवार ग्राम प्रधान पति प्रकाश यादव, पूर्व प्रधान लल्लू यादव, शाहाबाद के प्रधान गोपाल यादव सहित अन्य लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की।
दोनों पक्षों को समझाया कि मुकदमेबाजी से मामला नहीं सुलझेगा। जो हुआ उसे भूलकर मामले को खत्म करें। संभ्रात लोगों की यह पहल रंग लाई और रात दो बजे के लगभग इंस्पेक्टर रोहनिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
इस संबंध में सीओ सदर अंकिता सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया है। दोनों पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।
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दोनों पक्षों ने रोहनिया थानाध्यक्ष को लिखित दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। साथ ही, तय किया कि विवादित जमीन का मसला दोनों पक्ष एसडीएम राजातालाब के यहां जाकर सुलझाएंगे और भविष्य में दोबारा विवाद नहीं करेंगे।
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इसके अलावा मारपीट से भयभीत होकर रिश्तेदारी में गई पूनम की बुआ और उनके परिवार के लोग रविवार को मुंगवार स्थित अपने घर लौट आए। वहीं, एहतियातन गांव में पुलिस का चक्रमण जारी रहा।
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शिवपुर थाना अंतर्गत दांदूपुर गांव की पूनम यादव अपने परिजनों के साथ शनिवार की सुबह मुंगवार स्थित अपने फूफा कैलाश यादव और बुआ मंजू यादव से मुलाकात करने उनके घर गई थी।
इसी दौरान कैलाश के पिता मिट्ठू यादव और उनके पड़ोसी लुल्लुर यादव के बीच जमीन विवाद के पुराने मामले को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसमें दोनों पक्ष से 12 लोग घायल हुए जबकि दो दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।
मामले की शिकायत लेकर पूनम के साथ ही दूसरा पक्ष रोहनिया थाने पहुंचा। उधर, घटना में पूनम का नाम आता देख क्षेत्र के संभ्रांत लोग खासे आहत थे। इसी वजह से मुंगवार ग्राम प्रधान पति प्रकाश यादव, पूर्व प्रधान लल्लू यादव, शाहाबाद के प्रधान गोपाल यादव सहित अन्य लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की।
दोनों पक्षों को समझाया कि मुकदमेबाजी से मामला नहीं सुलझेगा। जो हुआ उसे भूलकर मामले को खत्म करें। संभ्रात लोगों की यह पहल रंग लाई और रात दो बजे के लगभग इंस्पेक्टर रोहनिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
इस संबंध में सीओ सदर अंकिता सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया है। दोनों पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।
हम नहीं चाहते कि विवाद में भतीजी का नाम घसीटा जाए
पूनम यादव
- फोटो : File Photo
पूनम की बुआ मंजू ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारे विवाद में हमारी भतीजी का नाम बेवजह घसीटा जाए और इसका गलत असर उसके खेल पर पड़े। कहा कि यदि उन्हें पता होता कि देश का मान बढ़ा कर आ रही भतीजी की मौजूदगी में ही मारपीट होगी तो वो उसे आने ही नहीं देतीं।
पूनम रविवार को अपने दैनिक कामकाज में व्यस्त रहीं। क्षेत्र में ही आयोजित एक दंगल में शामिल होने गईं पूनम ने बताया कि पटियाला स्थित ट्रेनिंग सेंटर के लिए वह मंगलवार को रवाना होंगी। शनिवार को पुलिस ने समय से पहुंच कर उनकी मदद की।
दोनों पक्षों के लोगों ने समझदारी दिखाते हुए मतभेद को भुलाकर नई शुरुआत का निर्णय लिया है, यह अच्छी बात है। मुंगवार के ग्रामीण शनिवार की घटना से खासे दुखी दिखे।
ग्रामीणों का कहना था कि कैलाश की भतीजी खेल में देश का नाम दुनिया में बढ़ा रही है तो लुल्लुर का बेटा संजय सियाचीन ग्लेशियर में तैनात होकर देश की सेवा कर रहा है। दोनों परिवार देश सेवा से जुड़े हुए हैं।
थोड़ी सी समझदारी और संवेदनशीलता दिखाए होते तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। रविवार को दोनों पक्षों में समझौते पर ग्रामीणों में खुश थे। उनका कहना था कि दोनों पक्षों ने अच्छा निर्णय लिया।
पूनम रविवार को अपने दैनिक कामकाज में व्यस्त रहीं। क्षेत्र में ही आयोजित एक दंगल में शामिल होने गईं पूनम ने बताया कि पटियाला स्थित ट्रेनिंग सेंटर के लिए वह मंगलवार को रवाना होंगी। शनिवार को पुलिस ने समय से पहुंच कर उनकी मदद की।
दोनों पक्षों के लोगों ने समझदारी दिखाते हुए मतभेद को भुलाकर नई शुरुआत का निर्णय लिया है, यह अच्छी बात है। मुंगवार के ग्रामीण शनिवार की घटना से खासे दुखी दिखे।
ग्रामीणों का कहना था कि कैलाश की भतीजी खेल में देश का नाम दुनिया में बढ़ा रही है तो लुल्लुर का बेटा संजय सियाचीन ग्लेशियर में तैनात होकर देश की सेवा कर रहा है। दोनों परिवार देश सेवा से जुड़े हुए हैं।
थोड़ी सी समझदारी और संवेदनशीलता दिखाए होते तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। रविवार को दोनों पक्षों में समझौते पर ग्रामीणों में खुश थे। उनका कहना था कि दोनों पक्षों ने अच्छा निर्णय लिया।