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पीजीआई में 903 किलो सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू प्रोडक्ट पकड़े
ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:11 AM IST
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पीजीआई
- फोटो : file
पीजीआई में तंबाकू प्रोडक्ट के प्रति सख्ती के बावजूद लोग नहीं सुधर रहे। सवा साल में यहां से 903 किलो सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू प्रोडक्ट मरीजों व उनके तीमारदारों से बरामद किए गए। पीजीआई ने तंबाकू प्रोडक्ट के खिलाफ काफी सख्ती कर रखी है। पीजीआई ने अपने हर एंट्रेंस गेट पर एक बॉक्स बना रखा है। इमरजेंसी, ओपीडी व अन्य वार्ड में दाखिल होने वाले हर मरीज से गार्ड आग्रह करते हैं कि यदि उनके पास बीड़ी, तंबाकू या फिर चबाने वाला पान मसाला है तो उसे वह बॉक्स में डाल दें। बीड़ी-सिगरेट को इकट्ठा करने के बाद उसे ठिकाने लगा दिया जाता है।
चालान भी काटे जा रहे
जब पीजीआई ने गेट के अंदर इन तंबाकू से बने प्रोडक्ट को बैन किया तो लोग इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर व ओपीडी कैंपस में इसका इस्तेमाल करने लग गए। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। बाद में चंडीगढ़ प्रशासन से धूम्रपान करने वालों के चालान काटने की परमिशन मांगी गई। चंडीगढ़ प्रशासन ने उन्हें मंजूरी दे दी और अब पीजीआई कैंपस में चालान काटे जा रहे हैं। अब तक 25 से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। पीजीआई के तीन सिक्योरिटी सुपरिंटेंडेंट के पास चालान काटने की जिम्मेदारी है।
तंबाकू प्रोडक्ट पर अब 85 प्रतिशत साइन होना जरूरी
तंबाकू प्रोडक्ट बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और पान मसाले के कवर पर 85 प्रतिशत चेतावनी कवर होना जरूरी कर दिया गया है। यदि किसी शॉप पर ऐसा कोई प्रोडक्ट मिलता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। चंडीगढ़ में इस कानून को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कंपनियों ने दुकानदारों को पुराने पैकेट काफी मात्रा दे रखे हैं। उन्हें पता था कि सरकार उन पर सख्ती बरतने जा रही है, इसलिए उन्होंने अपने पुराने पैकेट ज्यादा मात्रा में सप्लाई कर दिए गए हैं। अब भी चंडीगढ़ में पुराने पैकेट ही बिक रहे हैं।
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चालान भी काटे जा रहे
जब पीजीआई ने गेट के अंदर इन तंबाकू से बने प्रोडक्ट को बैन किया तो लोग इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर व ओपीडी कैंपस में इसका इस्तेमाल करने लग गए। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। बाद में चंडीगढ़ प्रशासन से धूम्रपान करने वालों के चालान काटने की परमिशन मांगी गई। चंडीगढ़ प्रशासन ने उन्हें मंजूरी दे दी और अब पीजीआई कैंपस में चालान काटे जा रहे हैं। अब तक 25 से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। पीजीआई के तीन सिक्योरिटी सुपरिंटेंडेंट के पास चालान काटने की जिम्मेदारी है।
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तंबाकू प्रोडक्ट पर अब 85 प्रतिशत साइन होना जरूरी
तंबाकू प्रोडक्ट बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और पान मसाले के कवर पर 85 प्रतिशत चेतावनी कवर होना जरूरी कर दिया गया है। यदि किसी शॉप पर ऐसा कोई प्रोडक्ट मिलता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। चंडीगढ़ में इस कानून को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कंपनियों ने दुकानदारों को पुराने पैकेट काफी मात्रा दे रखे हैं। उन्हें पता था कि सरकार उन पर सख्ती बरतने जा रही है, इसलिए उन्होंने अपने पुराने पैकेट ज्यादा मात्रा में सप्लाई कर दिए गए हैं। अब भी चंडीगढ़ में पुराने पैकेट ही बिक रहे हैं।
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