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अंगीठी की आग ने उजाड़ा परिवार: दम घुटने से तीन मासूम बच्चों की मौत, माता-पिता की हालत नाजुक
Wed, 29 Dec 2021 02:11 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 29 Dec 2021 02:11 PM IST
सार
ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी ने तीन बच्चों की जिंदगी खत्म कर दी। माता-पिता की हालत गंभीर है। उन्हें फरीदकोट के अस्पताल ले जाया गया है। मामला पंजाब के फिरोजपुर जिले का है।
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अंगीठी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब के अबोहर जिले में अंगीठी की आग ने घर की खुशियां ही उजाड़ दी। यहां सीडफार्म में स्थित एक पोल्ट्री फार्म में बीती रात ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोए परिवार के तीन बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता की हालत गंभीर है। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद फरीदकोट रेफर कर दिया गया है। तीनों बच्चों के शवों को शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है
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जानकारी के अनुसार मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी कृष्णा (35) पिछले कुछ वर्षों से सीडफार्म के पीछे एक पोल्ट्री फार्म में अपनी पत्नी राधा (32) और तीन बच्चों पूजा (07), दीप (05) और पूनम (02) के साथ रहता था। मंगलवार की रात कमरे में अंगीठी जलाकर पूरा परिवार सो गया। कमरे में ऑक्सीजन की कमी के कारण तीनों बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कृष्णा और राधा दोनों ही बेहोश मिले।
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सुबह होने पर जब काफी देर तक यह परिवार कमरे से बाहर नहीं आया तो उसके साथी रामलाल ने उनका गेट खोला और आवाज लगाने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो उसे घटना का पता चला। उसने अन्य लोगों के सहयोग से तुरंत ही सभी को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉ. संदीप ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया जबकि राधा और कृष्णा की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें फरीदकोट रेफर कर दिया गया है।
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इधर, अस्पताल के एसएमओ डॉ. गगनदीप सिंह व डॉ. संदीप कंबोज ने कहा कि बंद कमरे में अंगीठी जलाना बहुत घातक होता है, क्योंकि इससे कमरे की ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और दम घुटने से लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने सोते वक्त कमरे में अंगीठी न जलाने की सलाह दी। घटना पर डीएसपी संदीप सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया। नगर थाना नंबर एक के एएसआई बहादुर सिंह अपनी टीम समेत अस्पताल पहुंचे और घटना का जायजा लिया। वहीं नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य बिट्टू नरूला व चिमन लाल ने अस्पताल पहुंच कर तुरंत दंपत्ती को ऑक्सीजन लगवाया और फरीदकोट लेकर गए हैं। वहीं समिति के प्रधान राजू चराया ने कहा कि वे पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करेंगे।