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फर्जी पदोन्नति सूची का मामला: पंजाब डीजीपी का पीए गिरफ्तार, सतवंत के घर पहुंची एसआईटी, लैपटॉप बरामद

Sat, 22 Jan 2022 12:07 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sat, 22 Jan 2022 12:07 AM IST
सार

वहीं हाईकोर्ट के वारंट ऑफिसर ने शुक्रवार देर रात सेक्टर 3 थाने में छापा मारा। बताया जा रहा है की यह यह छपा इसी मामले में मारा गया था। हालांकि कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है कि छापा क्यों मारा गया और थाने में क्या हुआ। 

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SIT arrests PA of Punjab DGP in the case of issuing fake promotion list
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की फर्जी पदोन्नति सूची जारी करने के मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को डीजीपी पंजाब के पीए कुलविंदर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है। एसआईटी के मुताबिक, कुलविंदर को इस पूरे मामले की जानकारी थी और उसी ने मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह की पदोन्नति का भी फर्जी आदेश जारी करवाने में उसकी मदद की थी। वह फरार चल रहे हरविंदर सिंह की मदद भी कर रहा था।

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बता दें कि कुलविंदर सिंह पंजाब के डीजीपी रहे इकबाल प्रीत सहोता के समय में उनका पीए लगा था। उसके बाद से वह डीजीपी पंजाब का पीए था। एसआईटी कुलविंदर को शनिवार को अदालत में पेश करेगी। पुलिस उससे यह पूछताछ कर रही है कि आखिर यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा है और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी भी संदेह के घेरे में है।
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उधर, एसएसपी कुलदीप चहल शुक्रवार को सेक्टर-3 थाना पहुंचे और पांचों आरोपियों से कई घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद एसआईटी आरोपी सतवंत सिंह को सेक्टर-51 स्थित उसके घर लेकर पहुंची और तलाशी ली। यहां से पुलिस को फर्जी दस्तावेज और सतवंत का लैपटॉप बरामद हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कुछ और फर्जी सूचियों के जारी करने का खुलासा आरोपियों ने किया है। 

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पुलिस अब इसकी जांच में जुट गई है। इस पूरे खेल में आरोपी सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार की अहम भूमिका रही है, वही फर्जी सूची टाइप करता था। डीजीपी ऑफिस में तैनात होने से उसे पता था कि आदेश कैसे टाइप किया जाता है।

अब तक पांच आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक मोहाली फेज-6 निवासी व डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार (55), हवलदार मानी कटोच (33), चंडीगढ़ सेक्टर-39 निवासी डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट बहादुर सिंह (52), मोहाली के थ्री बी टू निवासी बर्खास्त उपनिरीक्षक सरबजीत सिंह (47) और फाजिल्का निवासी साइबर सेल मोहाली में तैनात निरीक्षक सतवंत सिंह (48) की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं पुलिस को अमित गुप्ता नाम के एक संदिग्ध की भी तलाश है। 

हरविंदर की तलाश में पटियाला के एक गांव में दबिश
इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड उपनिरीक्षक हरविंदर सिंह और उसका बेटा फरार हैं। सोहना थाने में तैनात उप निरीक्षक हरविंदर सिंह के पटियाला के एक गांव में होने की सूचना पर एसआईटी ने वहां दबिश दी लेकिन हरविंदर सिंह और उसका बेटा वहां नहीं मिले। हरविंदर सिंह का मोबाइल भी कई दिनों से बंद है और वह ड्यूटी पर भी नहीं जा रहा। पुलिस का कहना है की आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे होंगे।  

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