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घर में घुसे 5 नकाबपोश लुटेरे, बच्चों ने दिखाई बहादुरी, एक को दबोच कर पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला, नयागांव(मोहाली)
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:19 AM IST
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लुटेरा
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घर में लूटपाट करने के मकसद से पांच नकाबपोश घुसे, लेकिन बच्चों की बहादुरी देखिए, उन्होंने एक को दबोच लिया और जमकर पीटा। मामला मोहाली के नया गांव का है। रविवार देर रात फिल्मी स्टाइल में पांच लोग लूटने के मकसद से एक घर में घुसे। उन्होंने घर में बच्चों को हथियार दिखाकर बंधक बनाकर लूटने की कोशिश की। इस दौरान जब लुटेरे नब्बे हजार की नकदी और अन्य सामान लेकर भागने लगे तो लुटेरों में से एक को बच्चों ने दबोचकर शोर मचा दिया। इस दौरान उसकी जमकर पिटाई भी की।
बच्चों की आवाजें सुनकर इलाके के लोग वहां पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचित किया। वहीं पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पता चला है कि सोमवार रात तक पुलिस ने तीन अन्य लुटेरों को भी गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि पुलिस वाले इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। इस संबंध में जब नयागांव थाने के एसएचओ भगवंत सिंह रियाड़ से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि मामला उनके ध्यान में है। पीड़ित परिवार उत्तराखंड से आ रहा है। उनकी शिकायत लेकर बनती कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला रविवार रात का है। गांव सिंघादेवी में नेगी इलेक्ट्रॉनिक के मालिक और उनकी पत्नी उत्तराखंड गए हुए थे, जबकि घर पर बच्चे थे। इनमें एक बच्चा 13 व दूसरा चौदह साल का है। बच्चों ने रात में घर पर सोने के लिए अपने दो साथियों को बुला लिया था, ताकि रात में उन्हें डर न लगे। बच्चों के मुताबिक, रात में जब वह सो रहे थे तभी अचानक करी डेढ़ बजे उनके घर की घंटी बजने लगी। उन्होंने खिड़की से बाहर देखने की कोशिश की तो कुछ नहीं दिख रहा था। उसने जब दरवाजा खोला तो एक आरोपी आगे से आया, जबकि चार अन्य छत के रास्ते से पहले ही उनके घर में घुस चुके थे।
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इस दौरान आरोपियों ने उनके घर में रखे सामान को समेटना शुरू कर दिया। आरोपियों ने करीब 90 हजार की नकदी, ज्वैलरी व अन्य सामान निकाल लिया। इसके बाद लुटेरों में से एक ने एलसीडी खोलने लगा। इस दौरान बच्चे हिम्मत कर उससे भिड़ गए, जिसके बाद आरोपी के साथ आए चार अन्य लुटेरे सामान लेकर भाग गए, जबकि एक को बच्चों ने दबोच लिया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। लोगों की मौजूदगी में पकड़े गए आरोपी की जेब से करीब चौदह हजार की नकदी मिली। आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे। ऐसा लग रहा था कि मानों आरोपी नशेड़ी हों।
पुलिस बोली, गाड़ी में तेल नहीं कैसे पकड़ें आरोपी
लोगों ने बताया कि जब रात में पुलिस पहुंची तो उसका रवैया ठीक नहीं था। इस दौरान जब आरोपी से पूछा कि उसके साथ कौन थे। इसके बाद आरोपी ने साथियों के नाम उगलने लगा। इस दौरान लोगों ने पुलिस से कहा कि जिन लोगों का यह नाम ले रहा है। उसे पकड़ने की कोशिश की जाए। इस पर मौके पर आए पुलिस वालों का कहना था कि उनकी गाड़ी में तेल नहीं है। लोगों ने एसएसपी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। ताकि दोबारा इस प्रकार की स्थिति न बने।
भेदी का काम, पुलिस कर रही है पड़ताल
जानकारों की माने तो इस वारदात में किसी भेदी के शामिल होने की आशंका है। क्योंकि जिस तरीके से वारदात हुई है, उससे एक बात तो साफ है कि लुटेरों को इस बात की जानकारी थी की घर में बच्चे ही हैं और आसानी से वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।
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बच्चों की आवाजें सुनकर इलाके के लोग वहां पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचित किया। वहीं पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पता चला है कि सोमवार रात तक पुलिस ने तीन अन्य लुटेरों को भी गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि पुलिस वाले इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। इस संबंध में जब नयागांव थाने के एसएचओ भगवंत सिंह रियाड़ से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि मामला उनके ध्यान में है। पीड़ित परिवार उत्तराखंड से आ रहा है। उनकी शिकायत लेकर बनती कार्रवाई की जाएगी।
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यह मामला रविवार रात का है। गांव सिंघादेवी में नेगी इलेक्ट्रॉनिक के मालिक और उनकी पत्नी उत्तराखंड गए हुए थे, जबकि घर पर बच्चे थे। इनमें एक बच्चा 13 व दूसरा चौदह साल का है। बच्चों ने रात में घर पर सोने के लिए अपने दो साथियों को बुला लिया था, ताकि रात में उन्हें डर न लगे। बच्चों के मुताबिक, रात में जब वह सो रहे थे तभी अचानक करी डेढ़ बजे उनके घर की घंटी बजने लगी। उन्होंने खिड़की से बाहर देखने की कोशिश की तो कुछ नहीं दिख रहा था। उसने जब दरवाजा खोला तो एक आरोपी आगे से आया, जबकि चार अन्य छत के रास्ते से पहले ही उनके घर में घुस चुके थे।
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इस दौरान आरोपियों ने उनके घर में रखे सामान को समेटना शुरू कर दिया। आरोपियों ने करीब 90 हजार की नकदी, ज्वैलरी व अन्य सामान निकाल लिया। इसके बाद लुटेरों में से एक ने एलसीडी खोलने लगा। इस दौरान बच्चे हिम्मत कर उससे भिड़ गए, जिसके बाद आरोपी के साथ आए चार अन्य लुटेरे सामान लेकर भाग गए, जबकि एक को बच्चों ने दबोच लिया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। लोगों की मौजूदगी में पकड़े गए आरोपी की जेब से करीब चौदह हजार की नकदी मिली। आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे। ऐसा लग रहा था कि मानों आरोपी नशेड़ी हों।
पुलिस बोली, गाड़ी में तेल नहीं कैसे पकड़ें आरोपी
लोगों ने बताया कि जब रात में पुलिस पहुंची तो उसका रवैया ठीक नहीं था। इस दौरान जब आरोपी से पूछा कि उसके साथ कौन थे। इसके बाद आरोपी ने साथियों के नाम उगलने लगा। इस दौरान लोगों ने पुलिस से कहा कि जिन लोगों का यह नाम ले रहा है। उसे पकड़ने की कोशिश की जाए। इस पर मौके पर आए पुलिस वालों का कहना था कि उनकी गाड़ी में तेल नहीं है। लोगों ने एसएसपी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। ताकि दोबारा इस प्रकार की स्थिति न बने।
भेदी का काम, पुलिस कर रही है पड़ताल
जानकारों की माने तो इस वारदात में किसी भेदी के शामिल होने की आशंका है। क्योंकि जिस तरीके से वारदात हुई है, उससे एक बात तो साफ है कि लुटेरों को इस बात की जानकारी थी की घर में बच्चे ही हैं और आसानी से वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।