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Hindi News ›   Chandigarh ›   Mother Left 3 Day Girl Child in Rohtak PGI

इस नवजात की दास्तां सुनकर रो देंगे आप

Tue, 17 Feb 2015 01:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 17 Feb 2015 01:53 PM IST
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Mother Left 3 Day Girl Child in Rohtak PGI

उम्मीद-ए-दिल फिर हो गई तार-तार क्यों?  बेटी हूं, फिर रो रही हूं जार-जार क्यों...? चुभता हुआ यह सवाल तीन दिन की उस मासूम की आंखों में आसानी से पढ़ा जा सकता है। उसकी मां उसे किसी लड़की के हवाले कर भाग गई है।

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माना कि मां की हजारों मजबूरी रही होंगी। माना कि कोई अपने जिगर के टुकड़े को यू ही जुदा नहीं करता, लेकिन दूसरों की गोद में अपनी मां का प्यार तलाश रही इस लाडो के लिए यह सब बेमानी हो गया है। लाडो यदि बोलती तो उसके दर्द से दीवारों में भी दरारें आ जाती।
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देश में बेटियों को बचाने और पढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस मासूम बेटी का दर्द यह है कि जिसकी कोख से उसने जन्म लिया, जिसके आंचल में पलने का ख्वाब देखा, जिसकी परछाई बनकर वह दुनिया में आई, दुनिया में सबसे ज्यादा जो उसकी खुशियों और गम को समझने वाली थी, वहीं मां उसे अस्पताल में किसी और को थमा कर भाग गई।

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रोहतक पीजीआई में हुई घटना

Mother Left 3 Day Girl Child in Rohtak PGI

घटना पीजीआइ के लेबर रूम के बाहर सोमवार शाम की है। बताया जाता है कि शाम करीब सात बजे एक महिला लेबर रूम के सामने बैठी एक लड़की के पास पहुंची।

उसने अपनी तीन दिन की बच्ची उसे देते हुए यह कहा कि वह डॉक्टर से कागजों पर हस्ताक्षर कराने जा रही है, तब तक इस बच्ची को संभाल ले। मासूम बच्ची की मुस्कान को देखकर लड़की ने उसे ले लिया।

दो घंटे बीत जाने के बाद भी जब वह महिला लौट कर नहीं आई तो उस लड़की को भी बेचैनी होने लगी। महिला के बारे में जब उसने सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ वालों से पूछा तो सामने आया कि वह महिला अपनी बेटी को इस लड़की को थमा कर भाग गई है। 

बच्ची को इमरजेंसी में किया भर्ती

Mother Left 3 Day Girl Child in Rohtak PGI

अस्पताल के रिकॉर्ड को खंगाला गया। बताया जाता है कि महिला सारे कागजात भी ले गई। हालांकि सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बच्ची का जन्म पीजीआई में हुआ भी था या कहीं और जन्म देकर उसे यहां छोड़ दिया गया?

हालांकि अंदेशा यही जताया जा रहा कि डिलीवरी पीजीआई में ही हुई होगी क्योंकि यदि कहीं और होती तो बच्ची को छोड़ने के लिए महिला तीन दिनों तक इंतजार नहीं करती।

पुलिस को जानकारी दे दी गई है। इधर बच्ची को जनसेवा संस्थान की कर्मचारी संतरा को सौंपा गया है। उसकी ही देखरेख में इमरजेंसी वार्ड में बच्ची को भर्ती किया गया है।

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