पंचकूलाः कोरोना आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टर ने की छेड़छाड़ तो स्टाफ नर्सों ने की जमकर धुनाई
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पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सीएमओ ऑफिस के बाहर छेड़छाड़ के आरोपी मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार की मंगलवार को नर्सों से जमकर पिटाई की। पांचवीं मंजिल पर डॉक्टर की पिटाई की जानकारी मिलते ही सिविल अस्पताल में हंगामा मच गया। अस्पताल के स्टाफ में भी अफरा-तफरी मच गई।
नर्सों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल सिविल अस्पताल पहुंचा तो नर्सों ने उनके साथ भी धक्कामुक्की की। नर्सों ने लामबंद होकर आरोपी डॉक्टर को अस्पताल से बाहर निकालने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर महिला थाना पुलिस की टीम भी पहुंची। पुलिस ने डॉक्टर को नर्सों के चंगुल से छुड़ाकर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सिविल अस्पताल के पांचवें मंजिल पर प्रशासनिक ब्लॉक है। सीएमओ डॉ. जसजीत कौर और पीएमओ डॉ. सरिता यादव हरियाणा राज्य महिला आयोग में पेश होने गईं थी। सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार जांच कमेटी के सामने छेड़छाड़ के मामले में पेश होने के बाद सीएमओ से मिलने गए थे। इसी बीच नर्सों ने डॉ. मनोज पर हमला कर दिया।
नर्सों ने पिटाई शुरू की तो डॉक्टर स्वयं को बचाने की कोशिश करने लगा। इस दौरान नर्सों ने अस्पताल में जमकर नारेबाजी भी की। सूचना पर पहुंची पुलिस डॉक्टर को अपने साथ ले गई। नर्सों ने आरोप लगाकर कहा कि डॉक्टर को बचाया जा रहा है। इस तरह छेड़छाड़ भरे माहौल में काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
महिला आयोग की उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज ने स्वास्थ्य विभाग की पीएमओ और सीएमओ को आयोग में पेश होने के समन जारी किए थे। दोनों आयोग के सामने पेश होकर जांच कमेटी की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट दी है। इसमें जांच कमेटी ने डॉ. मनोज को दोषी माना है। ये जांच कमेटी पांच सदस्यीय बनाई गई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने दोबारा सीएमओ और पीएमओ को जांच के बाद क्या कार्रवाई की गई है। इसकी रिपोर्ट देने को कहा है।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार कोरोना के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड में स्टाफ नर्स की ड्यूटी थी। आइसोलेशन वार्ड में ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने राउंड पर आए मनोरोग डॉक्टर पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए। आरोप है कि स्टाफ नर्स के साथ जब छेड़छाड़ हो रही थी तो उस वार्ड में कोई भी मरीज नहीं था। इसके अलावा स्टाफ नर्स ने डॉक्टर पर शराब के नशे में धुत होने का भी आरोप लगाया। जब स्टाफ नर्स ने तुरंत इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधक को दी तो मौके पर पीएमओ और आरएमओ पहुंचे। उनके सामने ही डॉक्टर आइसोलेशन वार्ड से लिफ्ट के जरिये फरार हो गया।
अधिकारियों की तरफ से डॉक्टर को रोका भी गया था लेकिन डॉक्टर ने अपना टिफिन कार में रखने का बहाना बनाया और वहां से भाग गया। वहीं, अब स्टाफ नर्स ने डॉक्टर के खिलाफ पीएमओ को लिखित शिकायत दी। इसके बाद डॉक्टरों की जांच कमेटी बनाई गई।
नर्सों ने लगाए आरोप
सिविल अस्पताल प्रबंधन के अलावा और भी कई सीनियर अधिकारी इस मामले को उजागर करने से रोक रहे हैं। स्टाफ नर्स पर भी इस मामले में शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। बेशक दिखावे के लिए जांच कमेटी बना दी गई हो लेकिन अंदर खाते डॉक्टरों पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि इस मामले को निपटाया जाए।
सामान्य अस्पताल में जो छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, इसमें हम जांच करवा रहे हैं। स्टाफ नर्स ने डॉक्टर पर आरोप लगाए हैं, उसके बाद इस पर जांच कमेटी बैठा दी गई है। इस मामले में स्टाफ नर्स ने शिकायत दी है। इस पर अब पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। - डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
पहली रिपोर्ट सीएमओ की ओर से दी गई है। इसमें जांच कमेटी डॉक्टर को दोषी मान रही है। मामले की जांच सभी तथ्यों पर होगी। - प्रीति भारद्वाज, उपाध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग