{"_id":"5f1ac659f5623a7a0b05b76a","slug":"dismissed-policeman-murdered-after-kidnapping-in-rohtak-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतक में पुलिसवालों के सामने बर्खास्त पुलिसकर्मी का अपहरण, बाद में कर दी हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
रोहतक में पुलिसवालों के सामने बर्खास्त पुलिसकर्मी का अपहरण, बाद में कर दी हत्या
Fri, 24 Jul 2020 05:05 PM IST
ajay kumar
अमन वर्मा, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
अमन वर्मा, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 24 Jul 2020 05:05 PM IST
विज्ञापन
मामले की जांच करते पुलिस अधिकारी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोर्ट में खुद पर दर्ज एक मुकदमे में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने आए बर्खास्त पुलिसकर्मी की शुक्रवार को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। कोर्ट के पीछे से पुलिस कर्मचारियों के सामने एक कार में सवार होकर आए 6-7 नकाबपोश युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। अपहरण सुबह करीब 9 बजे हुआ और करीब एक बजे पुलिसकर्मी वीरेंद्र का शव जींद रोड आउटर बाईपास पर बने एक पुल के नीचे सुनसान जगह पर पड़ा मिला।
पुलिस के अनुसार महम खेड़ी निवासी वीरेंद्र के गले पर दबाने और गाड़ी से कुचले जाने के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि हत्या जमीनी रंजिश में हुई है। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही सात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को सीएम शहर में थे और पुलिस की ओर से सुरक्षा के दावे किए गए लेकिन बेखौफ आरोपी दिनदहाड़े पुलिस के सामने वीरेंद्र का अपहरण कर ले गए और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में वारदात के पीछे जमीन का विवाद सामने आया है। खेड़ी महम गांव का रहने वाले 50 वर्षीय वीरेंद्र हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही था। जिसे काफी साल पहले लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया गया था।
विज्ञापन
वीरेंद्र ने वर्ष 2009 में अपने परिचित विजय के साथ मिलकर 4700 गज का प्लाट सत्यवान से खरीदा था। उसका एग्रीमेंट हो चुका था, लेकिन अभी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। 2015 तक प्लाट पर वीरेंद्र व विजय का कब्जा था। पूरे रुपये नहीं मिलने पर सत्यवान ने प्लाट की चहारदीवारी गिरा दी थी। तभी से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। करीब एक माह पहले भी उनके बीच मारपीट हुई थी, जिसमें वीरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। वीरेंद्र पर करीब 14 केस दर्ज हैं।
शुक्रवार सुबह वह रोहतक कोर्ट में एक मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर करने आया था। इसी दौरान कैंटीन के पास छह-सात नकाबपोश युवकों ने मारपीट की और गेट नंबर दो की तरफ खड़ी गाड़ी में अपहरण कर ले गए। सूचना पर पुलिस तलाश में जुटी। इसी बीच दोपहर के समय वीरेंद्र का शव सुनसान जगह पर पड़ा मिला।
वीरेंद्र के मौसेरे भाई नरेंद्र की शिकायत पर सत्यवान पक्ष के सुनील, नन्हा, राजकुमार उर्फ बग्गी, धर्मबीर, विजय, प्रवीण और गाड़ी चालक अजय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीनी रंजिश सामने आई है। जांच में पता चला है कि मृतक वीरेंद्र पर मारपीट समेत करीब 14 मामले दर्ज हैं। कुछ में वह बरी हो चुका है और कुछ विचाराधीन हैं।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार महम खेड़ी निवासी वीरेंद्र के गले पर दबाने और गाड़ी से कुचले जाने के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि हत्या जमीनी रंजिश में हुई है। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही सात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को सीएम शहर में थे और पुलिस की ओर से सुरक्षा के दावे किए गए लेकिन बेखौफ आरोपी दिनदहाड़े पुलिस के सामने वीरेंद्र का अपहरण कर ले गए और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में वारदात के पीछे जमीन का विवाद सामने आया है। खेड़ी महम गांव का रहने वाले 50 वर्षीय वीरेंद्र हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही था। जिसे काफी साल पहले लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया गया था।
विज्ञापन
वीरेंद्र ने वर्ष 2009 में अपने परिचित विजय के साथ मिलकर 4700 गज का प्लाट सत्यवान से खरीदा था। उसका एग्रीमेंट हो चुका था, लेकिन अभी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। 2015 तक प्लाट पर वीरेंद्र व विजय का कब्जा था। पूरे रुपये नहीं मिलने पर सत्यवान ने प्लाट की चहारदीवारी गिरा दी थी। तभी से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। करीब एक माह पहले भी उनके बीच मारपीट हुई थी, जिसमें वीरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। वीरेंद्र पर करीब 14 केस दर्ज हैं।
शुक्रवार सुबह वह रोहतक कोर्ट में एक मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर करने आया था। इसी दौरान कैंटीन के पास छह-सात नकाबपोश युवकों ने मारपीट की और गेट नंबर दो की तरफ खड़ी गाड़ी में अपहरण कर ले गए। सूचना पर पुलिस तलाश में जुटी। इसी बीच दोपहर के समय वीरेंद्र का शव सुनसान जगह पर पड़ा मिला।
वीरेंद्र के मौसेरे भाई नरेंद्र की शिकायत पर सत्यवान पक्ष के सुनील, नन्हा, राजकुमार उर्फ बग्गी, धर्मबीर, विजय, प्रवीण और गाड़ी चालक अजय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीनी रंजिश सामने आई है। जांच में पता चला है कि मृतक वीरेंद्र पर मारपीट समेत करीब 14 मामले दर्ज हैं। कुछ में वह बरी हो चुका है और कुछ विचाराधीन हैं।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।