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बदनामी सह नहीं पाया, तो ड्राइवर ने फंदा लगाया...मालिक ने दर्ज कराया था चोरी का केस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 13 May 2018 03:04 PM IST
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ड्राइवर ने फंदा लगाया
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चंडीगढ़ सेक्टर-11 थाने में चोरी का केस दर्ज होने के बाद बदनामी से परेशान ड्राइवर अमरनाथ भारद्वाज ने कोठी के सर्वेंट क्वार्टर में फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। इसका पता शनिवार सुबह पांच बजे उस वक्त चला जब कोठी के मालिक बिग्रेडियर सोकर उठे और उनकी नजर सर्वेंट क्वार्टर के बरामदे में गई। वहां अमरनाथ फंदे पर झूल रहा था। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना उसकी पत्नी और पुलिस को दी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अमरनाथ को नीचे उतारा और जीएमएसएच-16 ले गए, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अमरनाथ भारद्वाज उर्फ सोनू पिछले कई वर्षों से सेक्टर-2 स्थित बिग्रेडियर जेएस फुलका के यहां बने सर्वेंट क्वार्टर में परिवार के साथ रह रहा था। उसकी पत्नी सरोज करीब 20 साल से यहां काम कर रही है। सुबह पांच बजे उन्हें बिग्रेडियर फुलका ने उठाया तो उसे पता चला कि उसके पति अमरनाथ ने बरामदे में पंखे के हुक से फंदा लगाया हुआ था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने बताया कि वह सेक्टर-11 में वरिंदर गिल के घर पर काम करता था। वहां अप्रैल में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद गिल परिवार समेत कनाडा चले गए थे। मई में जब वह लौटे तो उनके घर चोरी हो चुकी थी। इसका आरोप उन्होंने अमरनाथ पर लगाते हुए उसके खिलाफ सेक्टर-11 थाने में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद से वह परेशान चल रहा था। अमरनाथ की मां नयागांव निवासी द्रोपदी ने बताया कि शुक्रवार को अमरनाथ दोपहर में बेटी को लेने स्कूल गया था। वहां लोगों ने उस पर चोरी का केस दर्ज होने को लेकर उससे बात की।
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वहीं उसकी बेटी ने भी उससे कहा कि उसकी सहेलियों ने भी उसके पिता पर चोरी का केस दर्ज होने को लेकर उससे बात की थी। जब वह घर आया तो सरोज ने भी उसे बताया कि आस पड़ोस की महिलाएं उसके पति पर चोरी का आरोप लगने को लेकर उससे पूछ रही थीं। इसके बाद से अमरनाथ तनाव में आ गया। हालांकि उसने रात को सबके साथ खाना खाया और फिर सोने चला गया। सुबह कोठी के मालिक बिग्रेडियर ने उसे बरामदे में फंदे से झूलते पाया तो उसकी पत्नी को इसकी सूचना दी। वहीं थाना पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से फिलहाल किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले सौंप दिया है।
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने किया था चोरी का केस दर्ज
सेक्टर-11 निवासी एजुकेशन डिपार्टमेंट से रिटायर्ड वरिंदर गिल की शिकायत पर अमरनाथ के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में गिल ने बताया था कि अमरनाथ उनके पास ड्राइवर की नौकरी करता था। 23 अप्रैल को उसने नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अमरनाथ पर उनके घर से मोबाइल फोन, एक पेंडेंट, तीन गोल्ड बटन, सोने की तीन बालियां व दो अंगुठियां चुराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत के अधार पर केस दर्ज कर अमरनाथ को जांच के लिए बुलाया था। हालांकि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि सेक्टर-11 थाना पुलिस ने उसे चोरी के केस में बुलाकर पूछताछ की थी। इससे भी वह परेशान चल रहा था।
जेब से मिले 30 हजार रुपये
पुलिस ने जब शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमएसएच-16 ले जाया गया तो वहां जांच के दौरान उसकी पैंट की जेब से 30 हजार रुपये मिले। चिकित्सकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने परिजनों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह जहां काम करता था, वहां से उसे दो महीने की सैलरी मिली थी। यह वही पैसे हैं।
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पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अमरनाथ भारद्वाज उर्फ सोनू पिछले कई वर्षों से सेक्टर-2 स्थित बिग्रेडियर जेएस फुलका के यहां बने सर्वेंट क्वार्टर में परिवार के साथ रह रहा था। उसकी पत्नी सरोज करीब 20 साल से यहां काम कर रही है। सुबह पांच बजे उन्हें बिग्रेडियर फुलका ने उठाया तो उसे पता चला कि उसके पति अमरनाथ ने बरामदे में पंखे के हुक से फंदा लगाया हुआ था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने बताया कि वह सेक्टर-11 में वरिंदर गिल के घर पर काम करता था। वहां अप्रैल में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद गिल परिवार समेत कनाडा चले गए थे। मई में जब वह लौटे तो उनके घर चोरी हो चुकी थी। इसका आरोप उन्होंने अमरनाथ पर लगाते हुए उसके खिलाफ सेक्टर-11 थाने में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद से वह परेशान चल रहा था। अमरनाथ की मां नयागांव निवासी द्रोपदी ने बताया कि शुक्रवार को अमरनाथ दोपहर में बेटी को लेने स्कूल गया था। वहां लोगों ने उस पर चोरी का केस दर्ज होने को लेकर उससे बात की।
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वहीं उसकी बेटी ने भी उससे कहा कि उसकी सहेलियों ने भी उसके पिता पर चोरी का केस दर्ज होने को लेकर उससे बात की थी। जब वह घर आया तो सरोज ने भी उसे बताया कि आस पड़ोस की महिलाएं उसके पति पर चोरी का आरोप लगने को लेकर उससे पूछ रही थीं। इसके बाद से अमरनाथ तनाव में आ गया। हालांकि उसने रात को सबके साथ खाना खाया और फिर सोने चला गया। सुबह कोठी के मालिक बिग्रेडियर ने उसे बरामदे में फंदे से झूलते पाया तो उसकी पत्नी को इसकी सूचना दी। वहीं थाना पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से फिलहाल किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले सौंप दिया है।
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने किया था चोरी का केस दर्ज
सेक्टर-11 निवासी एजुकेशन डिपार्टमेंट से रिटायर्ड वरिंदर गिल की शिकायत पर अमरनाथ के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में गिल ने बताया था कि अमरनाथ उनके पास ड्राइवर की नौकरी करता था। 23 अप्रैल को उसने नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अमरनाथ पर उनके घर से मोबाइल फोन, एक पेंडेंट, तीन गोल्ड बटन, सोने की तीन बालियां व दो अंगुठियां चुराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत के अधार पर केस दर्ज कर अमरनाथ को जांच के लिए बुलाया था। हालांकि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि सेक्टर-11 थाना पुलिस ने उसे चोरी के केस में बुलाकर पूछताछ की थी। इससे भी वह परेशान चल रहा था।
जेब से मिले 30 हजार रुपये
पुलिस ने जब शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमएसएच-16 ले जाया गया तो वहां जांच के दौरान उसकी पैंट की जेब से 30 हजार रुपये मिले। चिकित्सकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने परिजनों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह जहां काम करता था, वहां से उसे दो महीने की सैलरी मिली थी। यह वही पैसे हैं।