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चंडीगढ़ः एलांते मॉल के पास से रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसलिंग जारी, शख्स बिकवाता था कैंडी

Wed, 12 Feb 2020 09:39 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 12 Feb 2020 09:39 AM IST
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Chandigarh Police Counselling of Rescued Childrens from Nearby Elante Mall
सांकेतिक तस्वीर
एलांते मॉल चंडीगढ़ के पास से रेस्क्यू किए गए कैंडी बेचने वाले बच्चों की पुलिस अब दोबारा काउंसलिंग करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों से कैंडी बेचवाने के आरोपी अटावा निवासी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस के उच्चाधिकारी आरोपी के गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, बच्चे कैंडी खरीदकर बेचा करते थे।
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वहीं, डीसीपीयू के उच्चाधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने खुलासा किया है कि उसे एक व्यक्ति 20 कैंडी बेचने पर 10 रुपये देता था। अब सवाल यह है कि ये बच्चे किन लोगों के कहने पर कैंडी बेचते थे। फिलहाल, इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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बता दें कि शुक्रवार को डीसीपीयू (डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफ यूनिट) को सूचना मिली थी कि कुछ बच्चे इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के पास कैंडी बेच रहे हैं। इस सूचना पर डीसीपीयू की ऑफिसर तबस्सुम की अगुवाई में मोहम्मद इरशाद, सोशल वर्कर नेहा और राजेश कुमार की टीम ने एलांते मॉल के पास छापेमारी की।
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टीम ने चार बच्चों को रेस्क्यू किया। बच्चों की उम्र 10 से 13 वर्ष के बीच थी। टीम की काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि 20 रुपये की कैंडी बेचने पर उन्हें 10 रुपये मिलता है। एक व्यक्ति रोजाना सुबह भारी संख्या में कैंडी देकर जाता है और शाम तक जितने भी कैंडी बिकते हैं, उन्हें 10 रुपये के हिसाब से पैसे मिलते हैं। ये बच्चे इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कॉलोनी नंबर-4 में रहते हैं।

माता-पिता का कहना- उन्हें नहीं है जानकारी

डीएसपीयू की टीम ने बच्चों से पता पूछकर उनके घर पहुंची। जहां सामने आया कि इन बच्चों को स्कूल भेजा ही नहीं जाता है। हैरानी की बात है, जब टीम ने बच्चों के माता-पिता से पूछताछ की तो उनका कहना था कि उन्हें इसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। इसके बाद टीम ने बच्चों को स्नेहालय में भेज दिया है।

भीड़-भाड़ एरिया में बच्चों से करवाई जाती है मजदूरी
डीएसपीयू के अनुसार, बच्चों को ज्यादा पैसा देने का लालच देकर उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। सुखना लेक, सेक्टर-19 मार्केट, सेक्टर-22, एलांते मॉल, सेक्टर-15 समेत शहर के अलग-अलग भीड़ भाड़ वाले एरिया में बच्चों से मजदूरी करवाई जाती है। इससे पहले भी टीम शहर से कई बच्चों को रेस्क्यू कर चुकी है। वहीं, डीएसपीयू के उच्चाधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी चलाया जाएगा, जिससे बच्चों से इस तरह के काम करवाने पर रोक लग सके।   

दुकानों पर काम करने वाले तीन नाबालिग रेस्क्यू
उधर, लेबर इंस्पेक्टर रामफल कटारिया की अगुवाई में टीम ने सेक्टर-19 और 20 स्थित दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने पाया कि सेक्टर-19 स्थित बूथ नंबर-1 और सेक्टर-20 स्थित बूथ नंबर-11 व 14 पर 10, 14 और 15 वर्षीय तीन किशोर काम करते हैं, जिसके बाद टीम ने तीनों को वहां से रेस्क्यू किया। इंस्पेक्टर रामफल कटारिया की शिकायत पर सेक्टर-19 थाना पुलिस ने तीनों दुकान मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
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