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Guru Margi 2025: देवगुरु बृहस्पति अब हुए मार्गी, जानिए तुला राशि वालों पर कैसा रहेगा प्रभाव
Sat, 15 Feb 2025 05:14 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 15 Feb 2025 05:14 PM IST
सार
तुला राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। गुरु का वर्तमान समय में मार्गी होना आपके लिए लंबी यात्रा के योग में वृद्धि करा सकता है। कड़ी मेहनत करने के बाद ही आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति होगी।
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तुला राशि
- फोटो : amar ujala
विस्तार
गुरु मार्गी 2025 और तुला राशि पर प्रभाव
तुला राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। गुरु का वर्तमान समय में मार्गी होना आपके लिए लंबी यात्रा के योग में वृद्धि करा सकता है। कड़ी मेहनत करने के बाद ही आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति होगी। आपको अपने प्रयासों में सफलता मिलेगी। तुला राशि के जातकों के लिए नौकरी के मामले में आपको विदेश की यात्रा भी करा सकता है। नई योजनाएं आपके हित में रहेंगी। जो लोग स्वयं का व्यापार करते हैं उनके लिए आने वाला समय बहुत ही अच्छा साबित होगा। योजनाएं कारगर और नीतियां लाभ पहुंचाएगी। धन प्राप्ति के अच्छे योग बन रहे हैं। आर्थिक रूप से जीवन में उन्नति आएगी। आय के मौके में वृद्धि होगी। प्रेम जीवन अपना समय व्यातीत करने वाले जातकों को भरपूर प्यार मिलेगा और आपको अपने जीवनसाथी को लुभाने में कोई भी कोर कसर नहीं छोडेंगे।
गुरु इस दिन हुए मार्गी
देवगुरु बृहस्पति अब शुक्रदेव की राशि वृषभ राशि में सीधी चाल से चल रहे हैं यानी देवगुरु अब वक्री से मार्गी हो गए हैं। गुरु का मार्गी होना बहुत ही शुभ संकेत हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति की काफी अहम भूमिका होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का वक्री होने से मतलब उल्टी चाल और मार्गी होने का अर्थ सीधी चाल से होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। यह बुद्धि, ज्ञान, भाग्य, संतान सुख, विवाह और जीव के कारक ग्रह होते हैं। देवगुरु वृहस्पति को धनु और मीन राशि का स्वामी माना जाता है। यह कर्क राशि में उच्च के होते हैं।
जब भी किसी जातक की कुंडली में देवगुरु शुभ भाव में रहते हैं या फिर द्दष्टि डालते हैं तो उस व्यक्ति के जीवन में हमेशा सुख और समृद्धि आती है और भाग्य का अच्छा साथ मिलता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक देवगुरु बहस्पति बीते 4 फरवरी 2025 को वृषभ राशि में वक्री से मार्गी हुए हैं। आपको बता दें यह 15 मई 2025 तक वृषभ राशि में मार्गी रहेंगे फिर मिथुन राशि में गोचर होंगे। इसके पहले गुरु 09 अक्तूबर 2024 को वृषभ राशि में वक्री हुए थे। गुरु के मार्गी होने से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा।
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तुला राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। गुरु का वर्तमान समय में मार्गी होना आपके लिए लंबी यात्रा के योग में वृद्धि करा सकता है। कड़ी मेहनत करने के बाद ही आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति होगी। आपको अपने प्रयासों में सफलता मिलेगी। तुला राशि के जातकों के लिए नौकरी के मामले में आपको विदेश की यात्रा भी करा सकता है। नई योजनाएं आपके हित में रहेंगी। जो लोग स्वयं का व्यापार करते हैं उनके लिए आने वाला समय बहुत ही अच्छा साबित होगा। योजनाएं कारगर और नीतियां लाभ पहुंचाएगी। धन प्राप्ति के अच्छे योग बन रहे हैं। आर्थिक रूप से जीवन में उन्नति आएगी। आय के मौके में वृद्धि होगी। प्रेम जीवन अपना समय व्यातीत करने वाले जातकों को भरपूर प्यार मिलेगा और आपको अपने जीवनसाथी को लुभाने में कोई भी कोर कसर नहीं छोडेंगे।
गुरु इस दिन हुए मार्गी
देवगुरु बृहस्पति अब शुक्रदेव की राशि वृषभ राशि में सीधी चाल से चल रहे हैं यानी देवगुरु अब वक्री से मार्गी हो गए हैं। गुरु का मार्गी होना बहुत ही शुभ संकेत हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति की काफी अहम भूमिका होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का वक्री होने से मतलब उल्टी चाल और मार्गी होने का अर्थ सीधी चाल से होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। यह बुद्धि, ज्ञान, भाग्य, संतान सुख, विवाह और जीव के कारक ग्रह होते हैं। देवगुरु वृहस्पति को धनु और मीन राशि का स्वामी माना जाता है। यह कर्क राशि में उच्च के होते हैं।
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जब भी किसी जातक की कुंडली में देवगुरु शुभ भाव में रहते हैं या फिर द्दष्टि डालते हैं तो उस व्यक्ति के जीवन में हमेशा सुख और समृद्धि आती है और भाग्य का अच्छा साथ मिलता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक देवगुरु बहस्पति बीते 4 फरवरी 2025 को वृषभ राशि में वक्री से मार्गी हुए हैं। आपको बता दें यह 15 मई 2025 तक वृषभ राशि में मार्गी रहेंगे फिर मिथुन राशि में गोचर होंगे। इसके पहले गुरु 09 अक्तूबर 2024 को वृषभ राशि में वक्री हुए थे। गुरु के मार्गी होने से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा।
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