सोनीपत। कामी रोड स्थित द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के नवीनीकरण और गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने रविवार को मिल के मुख्य द्वार पर धरना दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि सोनीपत शुगर मिल की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है और लंबे समय से इसके नवीनीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। भाकियू (टिकैत) के जिला प्रधान वीरेंद्र पहल ने कहा कि चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में गन्ना उत्पादक किसानों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। किसानों ने चीनी के बढ़े हुए दामों के अनुपात में गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग की। उनका कहना था कि बढ़ती लागत के बीच मौजूदा गन्ना मूल्य किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि शुगर मिल के नवीनीकरण का मुद्दा कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसानों ने 2 सितंबर को छोटूराम धर्मशाला में महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व प्रदेश अध्यक्ष रतनमान भी शामिल होंगे। किसानों का कहना है कि महापंचायत में आंदोलन की आगामी रणनीति और आगे की कार्रवाई को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। किसानों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी मिल के नवीनीकरण और गन्ने के बढ़े भाव को लेकर किसान आंदोलन तेज होने के आसार हैं। इस दौरान जिला उपप्रधान मंदीप, जिला महासचिव सुंदर, गन्नौर ब्लॉक उपप्रधान मंजीत, कपूर सिंह, शेर सिंह समेत अन्य किसान मौजूद रहे।