{"_id":"2dbc86eb8c0a3d45d04bc06cff470044","slug":"ticket-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल की पुत्रवधू को सपा का टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल की पुत्रवधू को सपा का टिकट
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए दूसरे दलों से टकराने से पहले सपा के दिग्गज आपसे में ही भिड़े हुए हैं। दो दिन पहले कैबिनेट मंत्री महबूब अली ने अपनी पत्नी सकीना बेगम का टिकट फाइनल कराया था, लेकिन तीसरे दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने लखनऊ में डेरा डाल दिया।
यहां सपा हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखकर सकीना बेगम का टिकट कटवा दिया। वहीं अपनी पुत्रवधू रेनू चौधरी का टिकट फाइनल कराने में कामयाब रहे। इस सूचना के बाद जहां कैबिनेट मंत्री महबूब अली समर्थकों को तगड़ा झटका लगा है, वहीं चौधरी चंद्रपाल सिंह ने राहत की सांस ली है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए शुरू से ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इस लड़ाई में महबूब अली अलग दिखाई दे रहे थे।
विज्ञापन
वहीं चंद्रपाल सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर, विधायक अशफाक अली और पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल खड़े हुए थे।
तीन दिन पहले सपा हाईकमान ने कैबिनेट मंत्री महबूब अली की पत्नी सकीना बेगम को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया था। इसके बाद चंद्रपाल सिंह व उनका साथ देने वालों में मायूसी छा गई थी।
ऐसा होते ही चंद्रपाल सिंह ने लखनऊ में डेरा डाल दिया था। सूत्रों की मानें तो कमाल अख्तर और विधायक अशफाक अली ने दबाव बनाया।
वहीं पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने भी चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधूके लिए टिकट की पैरवी की। इस पर सपा हाईकमान ने चंद्रपाल सिंह का पक्ष सुनने के बाद फैसला बदलते हुए, सकीना बेगम के स्थान पर चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को सपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया।
हालांकि टिकट कटने से चंद्रपाल समर्थकों में जहां खुशी है वहीं महबूब अली समर्थकों को झटका लगा है। चौधरी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मैं लखनऊ में हूं पार्टी मुखिया ने हमारी बात को सुना और फैसला बदल दिया है।
पूर्व सांसद नागपाल ने की खुलकर पैरवी
पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू का टिकट फाइनल कराने के लिए खुलकर पैरवी की थी। नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को फैक्स भी भेजा था। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से जिले में पार्टी को मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
यहां सपा हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखकर सकीना बेगम का टिकट कटवा दिया। वहीं अपनी पुत्रवधू रेनू चौधरी का टिकट फाइनल कराने में कामयाब रहे। इस सूचना के बाद जहां कैबिनेट मंत्री महबूब अली समर्थकों को तगड़ा झटका लगा है, वहीं चौधरी चंद्रपाल सिंह ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए शुरू से ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इस लड़ाई में महबूब अली अलग दिखाई दे रहे थे।
विज्ञापन
वहीं चंद्रपाल सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर, विधायक अशफाक अली और पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल खड़े हुए थे।
तीन दिन पहले सपा हाईकमान ने कैबिनेट मंत्री महबूब अली की पत्नी सकीना बेगम को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया था। इसके बाद चंद्रपाल सिंह व उनका साथ देने वालों में मायूसी छा गई थी।
ऐसा होते ही चंद्रपाल सिंह ने लखनऊ में डेरा डाल दिया था। सूत्रों की मानें तो कमाल अख्तर और विधायक अशफाक अली ने दबाव बनाया।
वहीं पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने भी चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधूके लिए टिकट की पैरवी की। इस पर सपा हाईकमान ने चंद्रपाल सिंह का पक्ष सुनने के बाद फैसला बदलते हुए, सकीना बेगम के स्थान पर चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को सपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया।
हालांकि टिकट कटने से चंद्रपाल समर्थकों में जहां खुशी है वहीं महबूब अली समर्थकों को झटका लगा है। चौधरी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मैं लखनऊ में हूं पार्टी मुखिया ने हमारी बात को सुना और फैसला बदल दिया है।
पूर्व सांसद नागपाल ने की खुलकर पैरवी
पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू का टिकट फाइनल कराने के लिए खुलकर पैरवी की थी। नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को फैक्स भी भेजा था। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से जिले में पार्टी को मजबूती मिलेगी।