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एसडीएम और गन्ना विभाग की टीम को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:21 AM IST
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अवैध रूप से खरीदे गए गन्ने को पकड़ने गए एसडीएम और गन्ना विभाग
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की टीम को लालू नगला गांव में माफिया और उसके लोगों ने घेर लिया।
घिर जाने पर एसडीएम ने देहात थाना पुलिस को बुलाया तब जाकर वे भीड़ से बाहर निकल पाए। वहीं मुनव्वरपुर गांव में टीम ने गन्ने से भरा ट्रैक्टर ट्राला मालिक को मय वाहन और धर्मकांटा संचालक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।
ट्रैक्टर-ट्राला में भरा गन्ना माफिया का बताया जा रहा है।यहां भी टीम की काफी देर तक ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। बाद में टीम ने कैलसा में डीएसएम शुगर मिल असमोली के गन्ना क्रय केंद्र तथा ड्योढ़ी में राणा शुगर मिल के खरीद केंद्र को भी चेक किया।
सीनियर सीडीआई (वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक) ज्ञान प्रकाश तिवारी और उपजिलाधिकारी सदर मोहम्मद नईम ने सोमवार को टीम के साथ माफिया की ओर से अवैध रूप से खरीदे गए गन्ने को पकड़ने के लिए देहात थाना क्षेत्र में अभियान चलाया था।
सबसे पहले वे लालू नगला गांव गए, यहां गन्ना खरीद केंद्र को चेक किया। बाद में गांव पहुंचे तो सड़क पर गन्ना देख एससीडीआई व एसडीएम रुक गए और पूछताछ करने लगे। इस पर भीड़ ने एससीडीआई व एसडीएम को घेर लिया।
भीड़ ने हंगामा भी किया, घिर जाने पर उपजिलाधिकारी ने देहात थाना पुलिस को बुलाया। इस पर थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह धामा थाना पुलिस के साथ गांव पहुंचे और एसडीएम, व गन्ना विभाग की टीम को बाहर निकाला। हालांकि, टीम बिना कार्रवाई किए ही यहां से लौट गई।
इसके बाद सीनियर सीडीआई व उपजिलाधिकारी मुनव्वरपुर गांव में पहुंचे। यहां गांव निवासी शीशपाल सिंह के ओम धर्मकांटा पर छापा मारा। इस पर तौले जा रहे गन्ने से भरे ट्रैक्टर ट्राला को माफिया का बताते हुए कब्जे में कर लिया।
धर्मकांटा स्वामी शीशपाल सिंह तथा ट्रैक्टर ट्राला मालिक अफजलपुर कांकर सराय गांव निवासी गुलाम नबी को पकड़ लिया। इस पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्राला में भरे गन्ने को किसानों का बताते हुए हंगामा कर दिया, काफी देर तक ग्रामीणों की एसडीएम मोहम्मद नईम व सीनियर सीडीआई ज्ञान प्रकाश तिवारी से नोकझोंक हुई।
ट्रैक्टर ट्राला में 114 क्विंटल गन्ना भरा हुआ था। बाद में शीशपाल व गुलाम नबी को पुलिस सौंप दिया गया। धर्मकांटा व ट्रैक्टर ट्राला भी सीज कर दिया। इसके बाद कैलसा में डीएसएम शुगर मिल असमोली के गन्ना क्रय केंद्र तथा ड्योढ़ी में राणा शुगर मिल के खरीद केंद्र को चेक किया।
भाकियू का प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम
मंडी धनौरा। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर किसान भवन पर हुई पंचायत के बाद भाकियू ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मांगें पूरी न होने पर 28 दिसंबर को तहसील में महापंचायत करने की चेतावनी दी थी।
सोमवार को तहसील में भाकियू की ब्लॉक और तहसील इकाई ने संयुक्त रूप से धरना दिया गया। पंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह और जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह ने मिल प्रबंधकों और गन्ना अधिकारियों पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया।
किसानों को सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्चियां नहीं दी जा रही हैं और राख लेने पर मजबूर किया जा रहा है। पंचायत में गन्ने की अवैध खरीद का भी आरोप लगाया गया। बीते पेराई सत्र के अलावा चालू पेराई सत्र का भुगतान भी कराए जाने की मांग की गई।
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मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी को किसानों ने अपने बीच बिठा लिया। गन्ना अधिकारी वीके तिवारी ने चार जनवरी तक बीते पेराई सत्र का पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान डूंगर सिंह, आलोक कुमार, भगवंत सिंह, ऋषिपाल सिंह, रामवीर सिंह, सौवीर सिंह, दिनेश प्रधान आदि मौजूद थे।
घिर जाने पर एसडीएम ने देहात थाना पुलिस को बुलाया तब जाकर वे भीड़ से बाहर निकल पाए। वहीं मुनव्वरपुर गांव में टीम ने गन्ने से भरा ट्रैक्टर ट्राला मालिक को मय वाहन और धर्मकांटा संचालक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।
ट्रैक्टर-ट्राला में भरा गन्ना माफिया का बताया जा रहा है।यहां भी टीम की काफी देर तक ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। बाद में टीम ने कैलसा में डीएसएम शुगर मिल असमोली के गन्ना क्रय केंद्र तथा ड्योढ़ी में राणा शुगर मिल के खरीद केंद्र को भी चेक किया।
सीनियर सीडीआई (वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक) ज्ञान प्रकाश तिवारी और उपजिलाधिकारी सदर मोहम्मद नईम ने सोमवार को टीम के साथ माफिया की ओर से अवैध रूप से खरीदे गए गन्ने को पकड़ने के लिए देहात थाना क्षेत्र में अभियान चलाया था।
सबसे पहले वे लालू नगला गांव गए, यहां गन्ना खरीद केंद्र को चेक किया। बाद में गांव पहुंचे तो सड़क पर गन्ना देख एससीडीआई व एसडीएम रुक गए और पूछताछ करने लगे। इस पर भीड़ ने एससीडीआई व एसडीएम को घेर लिया।
भीड़ ने हंगामा भी किया, घिर जाने पर उपजिलाधिकारी ने देहात थाना पुलिस को बुलाया। इस पर थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह धामा थाना पुलिस के साथ गांव पहुंचे और एसडीएम, व गन्ना विभाग की टीम को बाहर निकाला। हालांकि, टीम बिना कार्रवाई किए ही यहां से लौट गई।
इसके बाद सीनियर सीडीआई व उपजिलाधिकारी मुनव्वरपुर गांव में पहुंचे। यहां गांव निवासी शीशपाल सिंह के ओम धर्मकांटा पर छापा मारा। इस पर तौले जा रहे गन्ने से भरे ट्रैक्टर ट्राला को माफिया का बताते हुए कब्जे में कर लिया।
धर्मकांटा स्वामी शीशपाल सिंह तथा ट्रैक्टर ट्राला मालिक अफजलपुर कांकर सराय गांव निवासी गुलाम नबी को पकड़ लिया। इस पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्राला में भरे गन्ने को किसानों का बताते हुए हंगामा कर दिया, काफी देर तक ग्रामीणों की एसडीएम मोहम्मद नईम व सीनियर सीडीआई ज्ञान प्रकाश तिवारी से नोकझोंक हुई।
ट्रैक्टर ट्राला में 114 क्विंटल गन्ना भरा हुआ था। बाद में शीशपाल व गुलाम नबी को पुलिस सौंप दिया गया। धर्मकांटा व ट्रैक्टर ट्राला भी सीज कर दिया। इसके बाद कैलसा में डीएसएम शुगर मिल असमोली के गन्ना क्रय केंद्र तथा ड्योढ़ी में राणा शुगर मिल के खरीद केंद्र को चेक किया।
भाकियू का प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम
मंडी धनौरा। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर किसान भवन पर हुई पंचायत के बाद भाकियू ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मांगें पूरी न होने पर 28 दिसंबर को तहसील में महापंचायत करने की चेतावनी दी थी।
सोमवार को तहसील में भाकियू की ब्लॉक और तहसील इकाई ने संयुक्त रूप से धरना दिया गया। पंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह और जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह ने मिल प्रबंधकों और गन्ना अधिकारियों पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया।
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किसानों को सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्चियां नहीं दी जा रही हैं और राख लेने पर मजबूर किया जा रहा है। पंचायत में गन्ने की अवैध खरीद का भी आरोप लगाया गया। बीते पेराई सत्र के अलावा चालू पेराई सत्र का भुगतान भी कराए जाने की मांग की गई।
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मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी को किसानों ने अपने बीच बिठा लिया। गन्ना अधिकारी वीके तिवारी ने चार जनवरी तक बीते पेराई सत्र का पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान डूंगर सिंह, आलोक कुमार, भगवंत सिंह, ऋषिपाल सिंह, रामवीर सिंह, सौवीर सिंह, दिनेश प्रधान आदि मौजूद थे।