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कल आपराधिक इतिहास वाले गांवों में होगा चुनाव
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Mon, 30 Nov 2015 12:33 AM IST
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जनपद में प्रथम चरण का चुनाव छुटपुट घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्ण संपन्न
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हो गया, मगर असली परीक्षा मंगलवार को होगी। जोया ब्लाक क्षेत्र के गांवों
में दूसरे चरण के लिए मतदान किया जाएगा। इस ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत
और गांवों की गणना जनपद में सबसे अधिक संवेदनशीलों में की जाती है।
जिले के सबसे अधिक आपराधिक इतिहास वाले गांव भी इसी ब्लाक में आते हैं। उधर संभल जनपद के असमोली थाना क्षेत्र के कई ऐसे गांवों से भी सीमा मिलती है, जहां पर आए दिन विवाद और सांप्रदायिक तनातनी होती रहती है। पंचायत चुनाव हों और पाकबड़ा थाना क्षेत्र का अहरौला गांव याद न आए ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि यहां पर पिछली योजना में पंचायत चुनाव के दौरान दो लोगों की जानें चली गई थीं।
यह गांव जनपद के डिडौली कोतवाली के हसनपुर गांव की सीमा से लगा हुआ है। गम्मनपुरा गांव भी जनपद के गांवों से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पर दलित सगे भाइयों की हत्या कर शव को खेत में गाढ़ दिया था। इसके साथ ही मंसूरपुर माफी, ओबरी, तलवार शहवाजपुर, फत्तेपुर अब्बू, पायंती कलां, चौधरपुर समेत जनपद और गैर जनपद के ऐसे गांव हैं, जो अति संवेदनशील की श्रेणी में आते हैं।
जहां पर संभल और मुरादाबाद के शरारती तत्व घटनाओं को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं। जिसके कारण दूसरे चरण के चुनाव के लिए मंगलवार को होने वाले मतदान में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।
जिले के सबसे अधिक आपराधिक इतिहास वाले गांव भी इसी ब्लाक में आते हैं। उधर संभल जनपद के असमोली थाना क्षेत्र के कई ऐसे गांवों से भी सीमा मिलती है, जहां पर आए दिन विवाद और सांप्रदायिक तनातनी होती रहती है। पंचायत चुनाव हों और पाकबड़ा थाना क्षेत्र का अहरौला गांव याद न आए ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि यहां पर पिछली योजना में पंचायत चुनाव के दौरान दो लोगों की जानें चली गई थीं।
यह गांव जनपद के डिडौली कोतवाली के हसनपुर गांव की सीमा से लगा हुआ है। गम्मनपुरा गांव भी जनपद के गांवों से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पर दलित सगे भाइयों की हत्या कर शव को खेत में गाढ़ दिया था। इसके साथ ही मंसूरपुर माफी, ओबरी, तलवार शहवाजपुर, फत्तेपुर अब्बू, पायंती कलां, चौधरपुर समेत जनपद और गैर जनपद के ऐसे गांव हैं, जो अति संवेदनशील की श्रेणी में आते हैं।
जहां पर संभल और मुरादाबाद के शरारती तत्व घटनाओं को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं। जिसके कारण दूसरे चरण के चुनाव के लिए मंगलवार को होने वाले मतदान में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।