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बाबा विश्वनाथ के स्वर्ण शिखरों का जीर्णोद्धार कराएगी योगी सरकार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 31 May 2017 11:40 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : FILE PHOTO
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बाबा विश्वनाथ के स्वर्ण शिखरों के जीर्णोद्धार की योजना पर सरकार कदम आगे बढ़ाएगी। सूबे के धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने मंगलवार को गर्भगृह समेत मंदिर के शिखरों के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण के न्यास परिषद के प्रस्ताव पर अमल करने के संकेत दिए।
मंत्री ने छत पर जाकर बारीकी से स्वर्ण शिखरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों से इस पर होमवर्क कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। मंदिर के कायाकल्प के संबंध में जून में न्यास परिषद की बैठक बुलाने पर भी सहमति बनी है।
धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट के प्रस्तावित विस्तार के अलावा सरस्वती फाटक, नौबतखाने का निरीक्षण किया। बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं को खुला वातावरण मुहैया कराने के लिए भवनों की खरीद की जानकारी ली।
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न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि अब तक 58 हजार स्क्वायर फीट भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। कुछ और भवनों को खरीदने की तैयारी है। मंत्री ने छत से स्वर्ण शिखरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उखड़े हुए स्वर्ण पत्तरों और शिखर के खाली पड़े हिस्से के बारे में भी पूछा।
धर्मार्थ कार्य मंत्री ने क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव को निर्देशित किया कि शिखरों की क्षमता के आकलन को लेकर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट का बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों से परीक्षण कराएं ताकि इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि शिखरों की क्षमता के आकलन पर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट में सीबीआरआई ने शिखरों को स्वर्ण पत्तर चढ़ाने के लिए सक्षम बताया है।
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मंत्री ने छत पर जाकर बारीकी से स्वर्ण शिखरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों से इस पर होमवर्क कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। मंदिर के कायाकल्प के संबंध में जून में न्यास परिषद की बैठक बुलाने पर भी सहमति बनी है।
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धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट के प्रस्तावित विस्तार के अलावा सरस्वती फाटक, नौबतखाने का निरीक्षण किया। बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं को खुला वातावरण मुहैया कराने के लिए भवनों की खरीद की जानकारी ली।
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न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि अब तक 58 हजार स्क्वायर फीट भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। कुछ और भवनों को खरीदने की तैयारी है। मंत्री ने छत से स्वर्ण शिखरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उखड़े हुए स्वर्ण पत्तरों और शिखर के खाली पड़े हिस्से के बारे में भी पूछा।
धर्मार्थ कार्य मंत्री ने क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव को निर्देशित किया कि शिखरों की क्षमता के आकलन को लेकर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट का बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों से परीक्षण कराएं ताकि इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि शिखरों की क्षमता के आकलन पर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट में सीबीआरआई ने शिखरों को स्वर्ण पत्तर चढ़ाने के लिए सक्षम बताया है।
गन्ने के रस से किया बाबा का रुद्राभिषेक
विंध्य धाम में दर्शन कर बाहर आते धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने सोमवार की रात बाबा विश्वनाथ के दरबार में मंगला आरती का दर्शन किया। मंगल दर्शन के बाद मंत्री ने गन्ने के रस से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया। न्यास अध्यक्ष के निर्देशन में मंदिर के अर्चक टेक नारायण उपाध्याय और दो अन्य अर्चकों ने बाबा का रुद्राभिषेक कराया। धर्मार्थ कार्य मंत्री सोमवार की रात 2.45 बजे विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे।
सुबह-ए-बनारस के यज्ञ-आरती में पहुंचे
लक्ष्मीनारायण चौधरी ने मंगलवार की सुबह अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस के यज्ञ, आहुति और आरती में हिस्सा लिया। यहां उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और काशी की संस्कृति को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हो रहे कार्यों की बदौलत विश्व गुरु की प्रतिष्ठा हो हासिल करेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा उपस्थित थे।
सुबह-ए-बनारस के यज्ञ-आरती में पहुंचे
लक्ष्मीनारायण चौधरी ने मंगलवार की सुबह अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस के यज्ञ, आहुति और आरती में हिस्सा लिया। यहां उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और काशी की संस्कृति को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हो रहे कार्यों की बदौलत विश्व गुरु की प्रतिष्ठा हो हासिल करेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा उपस्थित थे।