फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   World Meteorological Day: Earth temperature will increase due to increasing environmental pollution know what scientists say

विश्व मौसम विज्ञान दिवस: बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण से बढ़ जाएगा धरती का तापमान, जानें क्या कहते हैं विज्ञानी

Tue, 23 Mar 2021 01:03 AM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Tue, 23 Mar 2021 01:03 AM IST
विज्ञापन
World Meteorological Day: Earth temperature will increase due to increasing environmental pollution know what scientists say
वाराणसी में सोमवार को पांडेयपुर चौराहे के समीप पोखरे में कूड़ा जलाए जाने से पूरा क्षेत्र प्रदूषित। - फोटो : अमर उजाला

जिस तरह से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, अगर समय रहते लोग नहीं चेते तो आने वाले दिनों में धरती का तापमान अधिक बढ़ जाएगा। आम जन जीवन पर भी इसका बहुत असर देखने को मिलेगा। बढ़ते प्रदूषण और वातावरण में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा अधिक होने की वजह से ही इस समय मौसमी बदलाव भी जल्दी जल्दी होने लगे हैं। इस पर नियंत्रण के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक शोध में लगे हैं।

विज्ञापन


विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च को है, ऐसे में लोगों को इस दिन को खास बनाने के लिए पर्यावरण को प्रदूषित करने से बचाने का संकल्प लेना होगा। बढ़ते प्रदूषण की वजह से ही बनारस विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में भी आ गया था। बीच-बीच में कभी प्रदूषण की स्थिति सुधर जा रही है तो कभी इतना अधिक हो जा रहा है कि लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जा रहा है। 
विज्ञापन

घातक सिद्ध हो रहा प्रदूषण 

बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार पिछले कई वर्षों से प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है, जो वातावरण के साथ-साथ हम सभी के सेहत के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है। वातावरण में बदलाव का ही असर है कि समय से पहले गर्मी भी अधिक इस बार देखने को मिल रही है। जिस तरह से गाड़ियों से निकलने वाले धुएं पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है, उससे निश्चित ही उसका असर मौसम पर पड़ेगा।

प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा भी बढती जा रही है, जिसे कम करने की दिशा में वैश्विक स्तर पर पहल चल रही है। पश्चिमी विक्षोभ की अगर बात करें तो बनारस और आसपास के इलाकों में इसका असर कम देखने को मिलता है, इसका सबसे अधिक प्रभाव पश्चिमी यूपी के साथ ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, कश्मीर, दिल्ली आदि जगहों पर पर पड़ता है। बताया कि अब भी समय है अगर लोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम आगे नहीं बढ़ाएं तो स्थिति भयावह हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed